विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि क्रिकेट भारत और त्रिनिदाद-टोबैगो के रिश्तों को एक अलग और विशेष पहचान देता है। उन्होंने पोर्ट ऑफ स्पेन में आयोजित ध्वजारोहण समारोह के दौरान दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों का उल्लेख करते हुए यह बात कही। जयशंकर इस समय कैरेबियाई देशों के दौरे पर हैं और जमैका तथा सूरीनाम के बाद त्रिनिदाद-टोबैगो पहुंचे हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत और त्रिनिदाद-टोबैगो के संबंध केवल औपचारिक कूटनीतिक रिश्तों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनकी जड़ें साझा इतिहास और लोगों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संपर्कों में भी हैं। उनके अनुसार क्रिकेट ने इन रिश्तों को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
संबंध
विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते हमेशा से गर्मजोशी और मित्रता पर आधारित रहे हैं। उन्होंने साझा इतिहास, उपनिवेशवाद के खिलाफ संघर्ष और भारतीय मूल के लोगों की मजबूत मौजूदगी को इन संबंधों का अहम आधार बताया।
जयशंकर ने कहा कि अगर भारत और त्रिनिदाद-टोबैगो के रिश्तों को किसी एक चीज ने सबसे ज्यादा लोकप्रिय बनाया है, तो वह क्रिकेट है। उन्होंने यह भी कहा कि खेल के माध्यम से दोनों देशों के लोगों के बीच एक भावनात्मक जुड़ाव बना है, जो समय के साथ और मजबूत हुआ है।
क्रिकेट
त्रिनिदाद-टोबैगो लंबे समय से वेस्टइंडीज क्रिकेट का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। इस देश ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कई बड़े खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने दुनिया भर में अपनी पहचान बनाई। अपने संबोधन में जयशंकर ने ब्रायन लारा और इयान बिशप जैसे पूर्व खिलाड़ियों का जिक्र किया और कहा कि भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के बीच वेस्टइंडीज क्रिकेटरों की हमेशा खास लोकप्रियता रही है।
ध्वजारोहण समारोह में मौजूद महान बल्लेबाज ब्रायन लारा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों को हमेशा काफी सम्मान और प्यार मिला है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि लारा खुद इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि भारतीय फैंस कैरेबियाई क्रिकेट को कितनी अहमियत देते हैं।
लोकप्रिय खिलाड़ी
जयशंकर ने मौजूदा दौर के त्रिनिदाद-टोबैगो के क्रिकेटरों की लोकप्रियता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सुनील नरेन, कीरोन पोलार्ड और निकोलस पूरन जैसे खिलाड़ी भारत में काफी पसंद किए जाते हैं। IPL में इन खिलाड़ियों के लगातार प्रदर्शन ने भारतीय दर्शकों के साथ उनका जुड़ाव और मजबूत किया है।
भारत में T20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता के साथ कैरेबियाई खिलाड़ियों की पहचान भी काफी बढ़ी है। कई वेस्टइंडीज खिलाड़ी भारतीय फ्रेंचाइजी क्रिकेट का नियमित हिस्सा रहे हैं और इससे दोनों देशों के खेल संबंधों को नई मजबूती मिली है।
सांस्कृतिक जुड़ाव
विदेश मंत्री ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक समानताओं को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भोजन, संगीत, त्योहारों और परंपराओं में भारत और त्रिनिदाद-टोबैगो के बीच कई समानताएं देखने को मिलती हैं। उन्होंने बताया कि त्रिनिदाद-टोबैगो में दिवाली, फगवा और ईद जैसे त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाए जाते हैं।
जयशंकर ने यह भी कहा कि भारतीय फिल्में, संगीत और टीवी कार्यक्रम वहां काफी लोकप्रिय हैं। भारतीय मूल के समुदाय ने स्थानीय संस्कृति में योगदान देने के साथ-साथ अपनी परंपराओं को भी लंबे समय तक जीवित रखा है।
मुलाकात
अपने दौरे के दौरान जयशंकर ने त्रिनिदाद-टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय सहयोग, विकास परियोजनाओं और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान शिक्षा और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री के साथ स्कूल बच्चों को भारत में बने लैपटॉप वितरित करने के कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि यह पहल सीखने, जागरूकता और अवसरों को बढ़ाने का संदेश देती है। उनके अनुसार यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले वर्ष किए गए एक वादे का हिस्सा है।
समझौते
भारत और त्रिनिदाद-टोबैगो के बीच इस दौरे के दौरान कई समझौतों पर भी सहमति बनी। इनमें पर्यटन, सौर ऊर्जा, क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स और आयुर्वेद चेयर की स्थापना जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन समझौतों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सहयोग को और व्यापक बनाना है।
जयशंकर ने त्रिनिदाद-टोबैगो की संसद का भी दौरा किया और वहां मिले सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत कैरेबियाई देशों के साथ अपने संबंधों को आगे भी मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
भारत और त्रिनिदाद-टोबैगो के रिश्ते कई स्तरों पर विकसित हुए हैं। कूटनीतिक सहयोग के साथ-साथ सांस्कृतिक जुड़ाव और खेल संबंधों ने इन रिश्तों को विशेष पहचान दी है। क्रिकेट इस संबंध का सबसे लोकप्रिय और प्रभावशाली माध्यम बनकर सामने आया है।
वेस्टइंडीज क्रिकेटरों की भारत में लोकप्रियता और भारतीय समुदाय की त्रिनिदाद-टोबैगो में मजबूत मौजूदगी दोनों देशों के बीच लंबे समय से बने विश्वास और जुड़ाव को दर्शाती है। यही वजह है कि क्रिकेट आज भी भारत और कैरेबियाई देशों के बीच संबंधों की सबसे मजबूत कड़ी माना जाता है।
FAQs
एस. जयशंकर ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि क्रिकेट रिश्तों को खास बनाता है।
जयशंकर किस देश के दौरे पर हैं?
वह त्रिनिदाद और टोबैगो के दौरे पर हैं।
कौन से क्रिकेटर का जिक्र किया गया?
ब्रायन लारा, पोलार्ड और पूरन का।
भारत ने कौन सी पहल शुरू की?
स्कूल बच्चों को Made-in-India लैपटॉप दिए गए।
दोनों देशों के बीच क्या समानताएं हैं?
भोजन, संस्कृति और त्योहारों में समानता है।











