अगले पांच साल में भारत दो और वर्ल्ड कप जीत सकता है – सायली सातघरे

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भारतीय महिला क्रिकेट इस समय एक बदलाव के दौर से गुजर रहा है, जहां घरेलू ढांचे से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक नई संभावनाएं बनती दिख रही हैं। इस बदलाव को नजदीक से देखने वाली खिलाड़ियों में सायली सातघरे का नाम अहम है।

25 वर्षीय सायली न सिर्फ भारतीय टीम का हिस्सा रह चुकी हैं, बल्कि महिला प्रीमियर लीग में खिताब जीतने वाली टीम का भी अनुभव रखती हैं। हाल ही में उन्होंने सोबो मुंबई फाल्कन्स की कप्तानी करते हुए टी20 मुंबई लीग का पहला खिताब भी जीता, लेकिन उनके विचार व्यक्तिगत उपलब्धियों से आगे टीम और देश के भविष्य पर केंद्रित हैं।

शुरुआत

मुंबई में पली-बढ़ी सायली के लिए क्रिकेट किसी योजनाबद्ध करियर से ज्यादा बचपन की आदत थी। उन्होंने बताया कि आठ साल की उम्र में वह अपने भाई के साथ बिल्डिंग में क्रिकेट खेला करती थीं। जब उनके कज़िन ने क्रिकेट अकादमी जॉइन की, तब सायली अक्सर उनके प्रैक्टिस सेशन देखने जाती थीं। वहीं से खेल को गंभीरता से समझने और सीखने की शुरुआत हुई। सायली ने यह बातचीत WION से साझा की।

संघर्ष

लगभग दो दशक लंबे क्रिकेट सफर में चुनौतियां आना स्वाभाविक रहा है। सायली मानती हैं कि इस सफर में धैर्य सबसे बड़ी जरूरत होती है। उनके मुताबिक जब चीजें योजना के मुताबिक नहीं चलतीं, तब भी मेहनत जारी रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी को जहां भी मौका मिले, वहां अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहिए, क्योंकि बाकी चीजें समय के साथ खुद जुड़ती चली जाती हैं।

मुंबई

सायली का क्रिकेट करियर मुंबई की घरेलू संरचना के जरिए आगे बढ़ा। उन्होंने 2015-16 सीज़न में डेब्यू किया और एज-ग्रुप क्रिकेट से होते हुए सीनियर स्तर तक पहुंचीं। महिला प्रीमियर लीग के दौरान ही उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में चयन की सूचना मिली। सायली ने बताया कि स्मृति मंधाना ने उन्हें यह खबर दी थी और टेस्ट क्रिकेट उनके लिए खास इसलिए है क्योंकि हर खिलाड़ी को इस फॉर्मेट में खेलने का मौका नहीं मिलता।

यादें

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सायली के लिए सबसे यादगार पलों में पर्थ में लिया गया पहला टेस्ट विकेट शामिल है। उन्होंने बताया कि शाम के समय गेंद स्विंग हो रही थी और टीम को ब्रेकथ्रू की जरूरत थी। उस समय मिला पहला विकेट आज भी उनके लिए खास है, क्योंकि वह उनके टेस्ट करियर की पहली सफलता थी।

WPL

महिला प्रीमियर लीग ने सायली के करियर को नई पहचान दी। उन्होंने पहले गुजरात जायंट्स के लिए खेला और बाद में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का हिस्सा बनीं। RCB के साथ खिताब जीतने का अनुभव उनके लिए अहम रहा। सायली के अनुसार टीम का माहौल परिवार जैसा था, जहां विदेशी और सीनियर भारतीय खिलाड़ी लगातार सहयोग करते थे।

सीख

विदेशी खिलाड़ियों के साथ खेलने से सायली को प्रोफेशनलिज़्म को करीब से समझने का मौका मिला। उन्होंने खास तौर पर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की फिटनेस और वर्क एथिक्स का जिक्र किया। सायली का मानना है कि इस तरह का माहौल खिलाड़ी को मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से मजबूत बनाता है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में साफ दिखता है।

लीग

सायली का मानना है कि WPL और अन्य घरेलू लीग्स भारतीय महिला क्रिकेट के लिए निर्णायक साबित हो रही हैं। उनके अनुसार जितनी ज्यादा प्रतियोगिताएं होंगी, उतना ही ज्यादा टैलेंट सामने आएगा। कई बार प्रतिभाशाली खिलाड़ी राज्य टीम तक नहीं पहुंच पातीं, लेकिन ऐसी लीग्स उन्हें खुद को साबित करने का मंच देती हैं।

युवा

मुंबई की युवा खिलाड़ियों को लेकर सायली काफी सकारात्मक हैं। उनके मुताबिक कम उम्र में बड़े मंच पर खेलने का मौका मिलने से खिलाड़ियों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपने स्किल्स को जल्दी पहचान पाती हैं। यही आत्मविश्वास आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम आता है।

भविष्य

भारतीय महिला टीम को लेकर सायली का नजरिया आशावादी है। उनका मानना है कि टीम इस समय राइजिंग फेज़ में है और उसके पास टैलेंट, स्किल और आत्मविश्वास तीनों मौजूद हैं। इसी भरोसे के साथ उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है अगले पांच साल में भारत दो और वर्ल्ड कप जीत सकता है।

सायली सातघरे का सफर बिल्डिंग में क्रिकेट खेलने वाली बच्ची से अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनने तक का है, जो भारतीय महिला क्रिकेट के विकास को भी दर्शाता है। घरेलू लीग्स, बेहतर संरचना और बढ़ते अवसरों के बीच उनका विश्वास आने वाले वर्षों को लेकर एक संतुलित और यथार्थवादी उम्मीद पेश करता है।

FAQs

सायली सातघरे किस टीम की कप्तान हैं?

वह सोबो मुंबई फाल्कन्स की कप्तान हैं।

सायली ने WPL किस टीम के साथ जीता?

उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ WPL जीता।

सायली का पहला टेस्ट विकेट कहां आया?

WPL को सायली क्यों अहम मानती हैं?

क्योंकि इससे युवा खिलाड़ियों को बड़ा मंच मिलता है।

सायली के अनुसार भारत कितने वर्ल्ड कप जीत सकता है?

उनके अनुसार भारत अगले पांच साल में दो वर्ल्ड कप जीत सकता है।

Ehtesham Arif

I’m Ehtesham Arif, lead cricket analyst at Kricket Wala with over 3 years of experience in cricket journalism. I’m passionate about bringing you reliable match analysis and the latest updates from the world of cricket. My favorite team is India, and in the IPL, I support Delhi Capitals.

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