बांग्लादेश के खिलाफ डार्विन टेस्ट में मिली नौ विकेट की हार के बाद ऑस्ट्रेलिया ने अपनी बल्लेबाजी में पहला बड़ा बदलाव कर दिया है। जेक वेदराल्ड को टीम से बाहर कर दिया गया है और उनकी जगह मैथ्यू रेनशॉ की वापसी हुई है।
मैकाय में होने वाले दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया का लक्ष्य सीरीज बराबर करना होगा। हालांकि रेनशॉ की वापसी के बाद भी यह तय नहीं है कि वह सीधे ओपनिंग करेंगे या टीम मैनेजमेंट बल्लेबाजी क्रम में कोई और बदलाव करेगा।
वेदराल्ड बाहर
जेक वेदराल्ड के लिए डार्विन टेस्ट बेहद निराशाजनक रहा। उन्होंने पहली पारी में 23 रन बनाए, जबकि दूसरी पारी में बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके बाद 12 टेस्ट पारियों में उनका करियर औसत 20.36 तक पहुंच गया। राष्ट्रीय अनुबंध मिलने के कुछ ही महीनों बाद उनका टीम से बाहर होना दिखाता है कि ऑस्ट्रेलिया के चयनकर्ता खराब प्रदर्शन को लेकर ज्यादा इंतजार करने के मूड में नहीं हैं।
वेदराल्ड ने एशेज सीरीज में ट्रेविस हेड के साथ ओपनिंग करते हुए कुछ अच्छी साझेदारियां की थीं। लेकिन बांग्लादेश के खिलाफ सिर्फ एक टेस्ट के बाद उन्हें बाहर कर दिया गया। मुख्य कोच एंड्रयू मैकडॉनल्ड के अनुसार वेदराल्ड ने एलबीडब्ल्यू और बोल्ड होने की समस्या से बचने के लिए अपनी तकनीक में बदलाव किए थे। हालांकि डार्विन में उसका तत्काल फायदा नजर नहीं आया।
रेनशॉ की वापसी
मैथ्यू रेनशॉ अब दूसरे टेस्ट में वेदराल्ड की जगह लेने के सबसे मजबूत दावेदार हैं। 30 वर्षीय बल्लेबाज ने पिछले शेफील्ड शील्ड सीजन में अच्छा प्रदर्शन किया था। उन्होंने 10 पारियों में तीन शतक लगाए और करीब 50 की औसत से रन बनाए। इससे चयनकर्ताओं को उन्हें दोबारा मौका देने का मजबूत आधार मिला है।
मैकाय भी रेनशॉ के लिए अच्छी यादों वाला मैदान है। उन्होंने ग्रेट बैरियर रीफ एरिना में दो प्रथम श्रेणी शतक बनाए हैं। ऐसे में स्थानीय परिस्थितियों का अनुभव उनके पक्ष में जा सकता है। रेनशॉ ने अपना आखिरी टेस्ट करीब तीन साल पहले भारत के खिलाफ दिल्ली में खेला था। उस मुकाबले में उन्होंने मध्यक्रम में बल्लेबाजी की थी। अब अगर उन्हें ओपनिंग की जिम्मेदारी मिलती है तो यह उनके करियर के लिए एक बड़ा मौका होगा।
इंग्लिस भी विकल्प
ऑस्ट्रेलिया के पास रेनशॉ के अलावा जोश इंग्लिस का विकल्प भी मौजूद है। इंग्लिस आमतौर पर घरेलू क्रिकेट में मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते हैं, लेकिन उन्हें शीर्ष क्रम में खेलने का अनुभव है। इंग्लैंड लायंस के खिलाफ क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया XI के लिए ओपनिंग करते हुए उन्होंने 40 और नाबाद 125 रन की पारियां खेली थीं। इसलिए अगर टीम को बल्लेबाजी क्रम में ज्यादा बड़ा बदलाव करना हो तो इंग्लिस पर भी विचार किया जा सकता है।
फिर भी रेनशॉ अधिक स्वाभाविक विकल्प दिखाई देते हैं। उनका घरेलू प्रदर्शन और ओपनिंग का अनुभव उन्हें वेदराल्ड की जगह लेने की दौड़ में आगे रखता है।
लाबुशेन पर दबाव
ऑस्ट्रेलिया के लिए सिर्फ ओपनिंग ही चिंता का विषय नहीं है। मार्नस लाबुशेन की फॉर्म भी लगातार चर्चा में है।
डार्विन टेस्ट में उन्होंने पहली पारी में सिर्फ एक रन बनाया और दूसरी पारी में 31 रन पर आउट हो गए। उनकी पिछली 42 टेस्ट पारियों का औसत भी केवल 25.23 रहा है। लाबुशेन करीब तीन साल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक नहीं बना पाए हैं। हालांकि मैकडॉनल्ड ने उनकी दूसरी पारी को पूरी तरह नकारात्मक नहीं माना।
कोच के मुताबिक लाबुशेन आउट होने से पहले गेंद को अच्छी तरह देख रहे थे, पैरों का इस्तेमाल कर रहे थे और कुछ अच्छे शॉट भी खेल रहे थे। इसलिए टीम मैनेजमेंट उन्हें एक और मौका देने का फैसला कर सकता है।
हेड की भूमिका
ट्रेविस हेड की बल्लेबाजी स्थिति भी दूसरे टेस्ट में चर्चा का विषय रहेगी। ऑस्ट्रेलिया ने हाल के समय में उन्हें नंबर पांच से ओपनिंग पर भेजकर बड़ा प्रयोग किया था और उन्होंने इस भूमिका में शानदार प्रदर्शन किया।
इसी वजह से रेनशॉ की वापसी का मतलब यह जरूरी नहीं कि वह सीधे वेदराल्ड की जगह ही ओपन करेंगे। टीम मैनेजमेंट हेड, रेनशॉ और बाकी बल्लेबाजों के क्रम को परिस्थितियों के हिसाब से बदल सकता है। मैकाय का मुकाबला भी इस रणनीति को प्रभावित कर सकता है। ग्रेट बैरियर रीफ एरिना पहली बार टेस्ट मैच की मेजबानी कर रहा है, इसलिए स्थानीय परिस्थितियों को बेहतर समझने वाले बल्लेबाजों का अनुभव उपयोगी हो सकता है।
दूसरा टेस्ट
ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच दूसरा टेस्ट 22 से 26 अगस्त तक मैकाय के ग्रेट बैरियर रीफ एरिना में खेला जाएगा। डार्विन में हार के बाद ऑस्ट्रेलिया पर सीरीज बराबर करने का दबाव है, जबकि बांग्लादेश के पास ऐतिहासिक सीरीज जीतने का शानदार मौका है।
ऑस्ट्रेलिया के लिए चुनौती सिर्फ जेक वेदराल्ड का विकल्प तलाशना नहीं है। उसे अपने शीर्ष क्रम को स्थिर करना होगा और लाबुशेन जैसे अनुभवी बल्लेबाजों से रन भी हासिल करने होंगे।
मैथ्यू रेनशॉ की वापसी इसलिए खास है क्योंकि उन्हें लंबे समय बाद टेस्ट क्रिकेट में खुद को साबित करने का मौका मिल सकता है। अगर वह ओपनिंग में उतरते हैं और अच्छी शुरुआत दिलाते हैं, तो ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी को नई दिशा मिल सकती है।
डार्विन की हार के बाद ऑस्ट्रेलिया ने पहला बड़ा चयन फैसला ले लिया है। अब मैकाय में असली जवाब बल्ले से देना होगा। रेनशॉ की वापसी, ट्रेविस हेड की भूमिका और लाबुशेन की फॉर्म मिलकर यह तय करेंगे कि ऑस्ट्रेलिया बांग्लादेश के खिलाफ वापसी कर पाता है या नहीं।
FAQs
वेदराल्ड को क्यों बाहर किया गया?
डार्विन टेस्ट में 23 और 0 रन बनाने के बाद उन्हें बाहर किया गया।
रेनशॉ ने आखिरी टेस्ट कब खेला था?
रेनशॉ ने आखिरी टेस्ट तीन साल पहले दिल्ली में खेला था।
दूसरा टेस्ट कब होगा?
दूसरा टेस्ट 22 से 26 अगस्त तक मैकाय में खेला जाएगा।
क्या लाबुशेन टीम से बाहर होंगे?
उन पर दबाव है, लेकिन फिलहाल वह 13 सदस्यीय दल में हैं।
इंग्लिस ओपनिंग कर सकते हैं?
हां, जोश इंग्लिस संभावित ओपनिंग विकल्पों में शामिल हैं।











