UP Warriorz का WPL 2026 सीज़न भले ही अंक तालिका में सबसे नीचे खत्म हुआ हो, लेकिन कोच अभिषेक नायर इसे “नाकामी” मानने को तैयार नहीं हैं। उनके मुताबिक, यह सीज़न कई छोटे-छोटे ब्रेकडाउन की कहानी है, जो अंत में मिलकर टीम को नीचे ले गए।
उम्मीदें
मेगा ऑक्शन में एक संतुलित स्क्वॉड तैयार हुआ था और मुंबई इंडियंस के खिलाफ लगातार दो जीत ने शुरुआत में उम्मीदें जगा दी थीं। लेकिन वडोदरा लेग के बाद टीम की लय पूरी तरह टूटी और वहां से वापसी नहीं हो पाई।
लिचफील्ड की चोट
ऑस्ट्रेलियन स्टार फोएबी लिचफील्ड इस सीज़न की सबसे बड़ी चमक थीं। 6 पारियों में 243 रन बनाकर वो No.3 पर टीम की रीढ़ बनी रहीं। लेकिन क्वाड इंजरी ने उनका टूर्नामेंट बीच में ही खत्म कर दिया।
नायर ने कहा, “बिजनेस एंड में आपको अपने इन-फॉर्म प्लेयर चाहिए होते हैं, और फोएबी के बाद वो खालीपन नहीं भर सका।”
विकल्प फेल
लिचफील्ड के बाहर होने के बाद एमी जोन्स और फिर चार्ली नॉट को आज़माया गया, लेकिन कोई भी लंबे समय तक टिक नहीं सका। किरण नवगीरे लगातार फ्लॉप रहीं, जबकि दीप्ति शर्मा को जब ओपनिंग दी गई, तब तक काफी देर हो चुकी थी।
क्या दीप्ति को पहले मौका देना चाहिए था?
नायर ने मुस्कराते हुए जवाब दिया, “हां, hindsight कमाल की चीज़ है।”
ईमानदारी से फैसले
टीम की इकलौती रिटेन्ड प्लेयर श्वेता सहरावत को भी आखिर में बाहर बैठना पड़ा। नायर ने कहा, “Retention किसी गारंटी के साथ नहीं आता। अगर कोई खिलाड़ी परफॉर्म नहीं कर रहा तो उसे बैठाना ही होता है। मैंने हर फैसला ईमानदारी से लिया है।”
किरण नवगीरे 6 पारियों में तीन बार शून्य पर आउट हुईं और कुल मिलाकर सिर्फ 16 रन ही बना सकीं।
पॉजिटिव्स
कोच नायर ने मेग लैनिंग की कप्तानी और उनके प्रभाव को सबसे बड़ी पॉजिटिव बात बताया।
“वो बिना बोले टीम का ध्यान और सम्मान दोनों पा लेती हैं। लीडरशिप का इससे बेहतर उदाहरण नहीं हो सकता।”
वहीं अनुभवी शिखा पांडे ने भी मैदान के बाहर युवाओं को गाइड किया और टीम के लिए मजबूत सहारा बनी रहीं।
डगआउट में विकास
टीम मैनेजमेंट ने उन खिलाड़ियों पर भी ध्यान दिया जिन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिला। नायर के अनुसार, “जब आपकी टीम हार रही हो, तब खिलाड़ियों को बेहतर बनाने की सोच ही असली कोचिंग होती है। हमने हर किसी से बात की, फीडबैक दिया और उन्हें आत्मविश्वास दिया।”
भविष्य की राह
भले ही Warriorz इस सीज़न में सफल नहीं रही, लेकिन टीम कोच को पूरा विश्वास है कि ये शुरुआत है, अंत नहीं। नायर ने कहा, “ये एक सीखने वाला साल था। जब हम लौटेंगे, तो लैनिंग के नेतृत्व में और मज़बूत होकर लौटेंगे – और इस टीम को वहां पहुंचाएंगे जहां इसका हक है – ‘ग्लोरी’ तक।”
FAQs
UP Warriorz का प्रदर्शन कैसा रहा?
टीम सिर्फ दो मैच जीत पाई और आखिरी स्थान पर रही।
फोएबी लिचफील्ड क्यों बाहर हुईं?
उन्हें क्वाड इंजरी हुई, जिससे वे ऑस्ट्रेलिया लौट गईं।
दीप्ति शर्मा को ओपनिंग क्यों दी गई?
लिचफील्ड की गैरहाजिरी और पॉजिटिव मैचअप के कारण।
कोच नायर ने कप्तान लैनिंग को लेकर क्या कहा?
उनकी मौजूदगी से टीम का माहौल बेहतर रहा।
क्या भविष्य में वापसी की उम्मीद है?
हाँ, कोच को भरोसा है कि Warriorz वापसी करेंगे।











