T20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले भारत–पाकिस्तान मुकाबले को लेकर माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री द्वारा बहिष्कार का बयान दोहराए जाने के बाद अब भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने भी अपना रुख बिल्कुल साफ कर दिया है। BCCI ने इस पूरे मसले को सीधे ICC के पाले में डाल दिया है।
BCCI का स्टैंड
BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने ANI से बातचीत में कहा कि इस मुद्दे पर बोर्ड की तरफ से कोई अलग राय नहीं दी जाएगी। उनके शब्दों में, BCCI वही करेगा जो ICC तय करेगा।
इस बयान से यह साफ हो गया है कि भारतीय बोर्ड इस विवाद को न तो राजनीतिक रंग देना चाहता है और न ही किसी तरह की प्रतिक्रिया देकर हालात को और जटिल बनाना चाहता है। BCCI की रणनीति पूरी तरह नियमों और वैश्विक क्रिकेट व्यवस्था के साथ खड़े रहने की है।
पाकिस्तान का रुख
बुधवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने इस मुद्दे पर अपनी सरकार का रुख फिर दोहराया। इस्लामाबाद में फेडरल कैबिनेट को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ कहा कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ T20 वर्ल्ड कप का ग्रुप मैच नहीं खेलेगा।
उन्होंने इसे सोच-समझकर लिया गया फैसला बताया और साथ ही यह भी कहा कि खेलों में राजनीति नहीं होनी चाहिए। यही बात इस पूरे विवाद को और उलझा देती है, क्योंकि बहिष्कार का फैसला खुद एक राजनीतिक निर्देश के तौर पर देखा जा रहा है।
शुरुआत कैसे हुई
इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब पाकिस्तान सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए भारत के खिलाफ मैच न खेलने की घोषणा कर दी। उस पोस्ट में किसी ठोस वजह का जिक्र नहीं किया गया था, जिससे सवाल और ज्यादा खड़े हो गए।
इसके बाद से ही यह मुद्दा सिर्फ एक मैच तक सीमित न रहकर पूरे टूर्नामेंट की निष्पक्षता और विश्वसनीयता से जुड़ गया।
ICC की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के बयान के बाद ICC ने कड़ा और साफ रुख अपनाया। ICC ने कहा कि चयनात्मक भागीदारी किसी भी वैश्विक टूर्नामेंट की मूल भावना के खिलाफ है। सभी क्वालिफाई की गई टीमों से यह उम्मीद की जाती है कि वे तय शेड्यूल के अनुसार बराबरी के आधार पर प्रतिस्पर्धा करें।
ICC ने यह भी स्पष्ट किया कि वह अब तक PCB से आधिकारिक लिखित संवाद का इंतजार कर रहा है और सभी हितधारकों को ध्यान में रखते हुए समाधान निकालने की कोशिश करेगा।
तस्वीर क्या बन रही है
एक तरफ पाकिस्तान सरकार अपने फैसले पर अडिग दिख रही है, वहीं दूसरी तरफ BCCI ने पूरी तरह से न्यूट्रल रहते हुए गेंद ICC के पाले में डाल दी है। अब यह विवाद सिर्फ भारत और पाकिस्तान के बीच का नहीं रहा, बल्कि यह वैश्विक क्रिकेट की साख, शेड्यूल की पवित्रता और आर्थिक संतुलन से भी जुड़ चुका है।
अब सबकी निगाहें ICC पर टिकी हैं। क्या वह सख्त फैसला लेकर मिसाल कायम करेगा या फिर किसी समझौते का रास्ता निकलेगा। इतना तय है कि ICC का फैसला सिर्फ 15 फरवरी के एक मुकाबले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर पूरे T20 वर्ल्ड कप 2026 और भविष्य के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स पर पड़ेगा।
FAQs
BCCI ने पाकिस्तान के बहिष्कार पर क्या कहा?
BCCI ने कहा कि वह ICC के फैसले के अनुसार चलेगा।
पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच क्यों नहीं खेलना चाहता?
सरकार ने बिना स्पष्ट कारण बहिष्कार का फैसला लिया है।
ICC ने पाकिस्तान के फैसले पर क्या प्रतिक्रिया दी?
ICC ने चयनात्मक भागीदारी को अनुचित बताया।
भारत-पाकिस्तान मैच कब होना था?
15 फरवरी को श्रीलंका में निर्धारित था।
क्या ICC ने कोई अंतिम फैसला लिया है?
नहीं, ICC अभी PCB के आधिकारिक जवाब का इंतजार कर रहा है।











