फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट अब सिर्फ मैदान का खेल नहीं रहा, इसके पीछे बिज़नेस और रणनीति भी उतनी ही अहम हो गई है। इंग्लैंड की लीग The Hundred के आगामी ड्राफ्ट से पहले एक दिलचस्प स्थिति बनी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक 950 से ज्यादा खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जिनमें 50 से अधिक खिलाड़ी पाकिस्तान से हैं। यह अपने आप में बड़ी संख्या है।
बड़े नाम शामिल
ड्राफ्ट में जिन प्रमुख पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने नाम दर्ज कराया है, उनमें Shaheen Afridi, Shadab Khan, Haris Rauf, Salman Ali Agha और Saim Ayub जैसे नाम शामिल हैं।
हालांकि Babar Azam और Mohammad Rizwan ने इस बार रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, जिससे अलग तरह की चर्चा भी शुरू हुई।
अनुपस्थिति कारण
बताया जा रहा है कि अगस्त में पाकिस्तान की वेस्टइंडीज के खिलाफ संभावित टेस्ट सीरीज़ के कारण उनकी उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। द हंड्रेड की विंडो जुलाई के अंत से अगस्त मध्य तक है, इसलिए शेड्यूल टकराव एक कारण माना जा रहा है।
मालिकाना समीकरण
अब असली चर्चा यहां से शुरू होती है। द हंड्रेड की कई टीमों में IPL फ्रेंचाइज़ियों का निवेश है।
Mumbai Indians से जुड़ी टीम MI London, Lucknow Super Giants से संबंधित Manchester Super Giants, Sunrisers Hyderabad का निवेश Sunrisers Leeds में और Delhi Capitals का संबंध Southern Brave से जोड़ा जा रहा है।
चूंकि IPL में 2008 के बाद से कोई पाकिस्तानी खिलाड़ी नहीं खेला है, इसलिए यह अटकलें लग रही हैं कि क्या वही रुख यहां भी देखने को मिलेगा।
आधिकारिक स्थिति
अब तक किसी भी फ्रेंचाइज़ी ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों के खिलाफ किसी तरह के बहिष्कार की पुष्टि नहीं की है। यह चर्चा फिलहाल मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया अटकलों तक सीमित है।
ECB का रुख
England and Wales Cricket Board ने पहले भी स्पष्ट किया है कि चयन प्रक्रिया निष्पक्ष और समावेशी होगी। उनका आधिकारिक रुख यह है कि सभी देशों के खिलाड़ियों के लिए अवसर खुले हैं।
इतिहास नजर
द हंड्रेड के पिछले चार सीजन में नौ पाकिस्तानी खिलाड़ी हिस्सा ले चुके हैं। यानी पूरी तरह से दरवाजे बंद नहीं रहे हैं, लेकिन संख्या सीमित जरूर रही है।
अब जब IPL मालिकाना ढांचा इसमें शामिल हो चुका है, तो अनिश्चितता और बढ़ गई है।
बाजार बनाम राजनीति
फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट में सिर्फ राष्ट्रीयता नहीं, बल्कि टीम की जरूरत, फॉर्म और मार्केट वैल्यू भी अहम होती है। अगर कोई खिलाड़ी टीम की रणनीति में फिट बैठता है, तो उसे नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा।
फिर भी क्रिकेट और राजनीति का रिश्ता नया नहीं है। यही वजह है कि यह मुद्दा सुर्खियों में है।
नजरें ड्राफ्ट पर
आखिरकार सच्चाई ड्राफ्ट के दिन सामने आएगी। क्या शाहीन और शादाब जैसे स्टार खिलाड़ियों पर बोली लगेगी? या यह बहस और गहराएगी?
फिलहाल यह साफ है कि द हंड्रेड का यह ड्राफ्ट सिर्फ खिलाड़ियों की खरीद-फरोख्त नहीं, बल्कि फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट के बदलते समीकरणों की भी परीक्षा होगा। क्रिकेट फैंस की नजरें अब लंदन पर टिकी हैं।
FAQs
कितने पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने रजिस्टर किया?
50 से अधिक खिलाड़ियों ने।
बाबर और रिज़वान ने रजिस्टर किया?
नहीं, उन्होंने नाम नहीं दिया।
ड्राफ्ट कब होगा?
11 और 12 मार्च को।
कौन सी IPL टीमें जुड़ी हैं?
MI, LSG, SRH और DC।
क्या बहिष्कार की पुष्टि हुई?
नहीं, कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं।













