सुपर 8 सीडिंग विवाद पर सूर्यकुमार यादव का बड़ा बयान, बोले बदलाव की गुंजाइश है

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Suryakumar

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सुपर 8 सीडिंग सिस्टम को लेकर अचानक बहस तेज हो गई है। ग्रुप स्टेज खत्म होते ही चर्चा इस बात पर होने लगी कि क्या वाकई बेहतर प्रदर्शन का कोई फायदा मिल रहा है या नहीं।

जब भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव से इस मुद्दे पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने न तो सीधे सिस्टम की आलोचना की और न ही उसका समर्थन किया। उनका जवाब संतुलित था, लेकिन संकेत साफ थे।

विवाद

ग्रुप स्टेज के चारों विजेता – भारत, जिम्बाब्वे, साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज – को एक ही सुपर 8 ग्रुप में रखे जाने के बाद फैंस हैरान हैं।

प्री-सीडिंग सिस्टम के तहत टीमों की रैंकिंग टूर्नामेंट शुरू होने से पहले तय कर दी गई थी। अगर वे सुपर 8 में पहुंचती हैं, तो ग्रुप स्टेज में उनकी पोजिशन का उस पर कोई असर नहीं पड़ता।

यानी आप ग्रुप जीतें या दूसरे स्थान पर रहें, सुपर 8 में आपकी जगह पहले से तय है। इसी वजह से चारों ग्रुप विजेता एक ही ग्रुप में पहुंच गए।

प्रतिक्रिया

साउथ अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले से पहले जब सूर्या से इस पर सवाल हुआ, तो उन्होंने शांत अंदाज में कहा कि उन्हें नहीं पता प्री-सीडिंग कौन करता है। लेकिन अगर वे उस स्थिति में होते, तो जरूर इसमें थोड़ा बदलाव करते।

यह छोटा बयान था, लेकिन इससे साफ हो गया कि कप्तान भी मानते हैं कि सिस्टम में सुधार की गुंजाइश है।

तर्क

फैंस का सवाल सीधा है। अगर ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन का कोई फायदा नहीं, तो फिर प्रतिस्पर्धा का मतलब क्या रह जाता है।

क्रिकेट में फॉर्म और मोमेंटम बहुत अहम होते हैं। सामान्य उम्मीद यही रहती है कि जो टीम बेहतर खेले, उसे आगे थोड़ी राहत या संतुलित रास्ता मिले।

दूसरी तरफ आयोजकों का उद्देश्य शायद संतुलन बनाए रखना रहा हो, लेकिन मौजूदा स्थिति में यह उल्टा असर डालता दिख रहा है।

आईपीएल

सूर्यकुमार यादव ने एक और अहम बात कही। उन्होंने साफ किया कि वेन्यू या परिस्थितियों को लेकर टीम को कोई दिक्कत नहीं है।

उन्होंने कहा कि जो खिलाड़ी आईपीएल में खेलते हैं, वे इन मैदानों से परिचित हैं। यानी हालात बहाना नहीं बनेंगे। यह बयान आत्मविश्वास से भरा था।

अभिषेक

प्रेस कॉन्फ्रेंस का सबसे हल्का लेकिन असरदार पल तब आया जब अभिषेक शर्मा के लगातार तीन डक पर सवाल पूछा गया।

सूर्या ने मुस्कुराते हुए कहा कि उन्हें उन लोगों की चिंता है जो अभिषेक की फॉर्म को लेकर चिंतित हैं। यह मजाकिया अंदाज था, लेकिन टीम के अंदर भरोसे का संकेत भी।

उन्होंने याद दिलाया कि पिछले साल अभिषेक ने टीम को संभाला था। अब टीम की जिम्मेदारी है कि वह उसे संभाले।

भरोसा

भले ही अभिषेक फिलहाल रन नहीं बना पा रहे हों, लेकिन कप्तान का भरोसा कायम है। सूर्या ने इशारा किया कि जब वह फॉर्म में लौटेंगे, तो विरोधी टीमों के लिए मुश्किलें बढ़ेंगी।

क्रिकेट में फॉर्म अस्थायी होती है, लेकिन क्लास स्थायी। यही सोच टीम के माहौल को मजबूत रखती है।

संतुलन

पूरे मामले में सूर्यकुमार यादव का रुख बेहद संतुलित रहा। उन्होंने सिस्टम पर सीधा हमला नहीं किया, लेकिन बदलाव की जरूरत मानी। खिलाड़ियों पर भरोसा जताया और माहौल हल्का रखा।

एक कप्तान के रूप में यह परिपक्वता दिखाता है।

चुनौती

अब भारत के सामने असली परीक्षा सुपर 8 में है, जहां साउथ अफ्रीका जैसी मजबूत टीम इंतजार कर रही है।

आखिरकार क्रिकेट में जवाब बहस से नहीं, प्रदर्शन से मिलता है। अगर भारत इस कठिन ग्रुप से निकलता है, तो यही सबसे बड़ा जवाब होगा।

सूर्यकुमार का संदेश साफ है — सिस्टम जैसा भी हो, खेल हमें ही जीतना है। शिकायत कम, समाधान ज्यादा।

FAQs

प्री-सीडिंग सिस्टम क्या है?

टीमें पहले से तय ग्रुप में रखी जाती हैं।

सूर्या ने क्या कहा?

जरूरत पड़े तो सिस्टम में बदलाव करूंगा।

कौन-कौन ग्रुप विजेता थे?

भारत, जिम्बाब्वे, SA, WI।

अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन कैसा रहा?

लगातार तीन डक।

क्या आईपीएल अनुभव मदद करेगा?

हाँ, सूर्या ने ऐसा कहा।

Ehtesham Arif

I’m Ehtesham Arif, lead cricket analyst at Kricket Wala with over 3 years of experience in cricket journalism. I’m passionate about bringing you reliable match analysis and the latest updates from the world of cricket. My favorite team is India, and in the IPL, I support Delhi Capitals.

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