टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच टीम इंडिया को एक भावनात्मक झटका लगा, लेकिन अब एक राहत भरी खबर सामने आई है। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने पुष्टि की है कि रिंकू सिंह शनिवार को कोलकाता में टीम से दोबारा जुड़ेंगे। वेस्टइंडीज के खिलाफ सुपर 8 मुकाबले से पहले उनकी वापसी टीम के लिए काफी अहम मानी जा रही है।
व्यक्तिगत दुख
रिंकू सिंह अपने पिता खनचंद सिंह के निधन के बाद चेन्नई से दिल्ली गए थे ताकि अंतिम संस्कार में शामिल हो सकें। उनके पिता लीवर कैंसर से जूझ रहे थे और ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे। शुक्रवार तड़के उनका निधन हो गया।
रिंकू ने कई बार इंटरव्यू में कहा है कि उनके पिता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहे हैं। अलीगढ़, उत्तर प्रदेश में गैस सिलेंडर वितरण का काम करने वाले खनचंद सिंह ने आर्थिक संघर्षों के बावजूद बेटे के क्रिकेट के सपने को कभी टूटने नहीं दिया।
संघर्ष कहानी
रिंकू का सफर आसान नहीं रहा। छोटे शहर से निकलकर इंटरनेशनल क्रिकेट तक पहुंचना अपने आप में बड़ी बात है। उनके पिता ने सीमित संसाधनों के बावजूद हर कदम पर उनका साथ दिया। आज जब रिंकू टीम इंडिया की जर्सी पहनते हैं, तो उसमें उनके परिवार की मेहनत भी झलकती है।
टीम वापसी
यह पहली बार नहीं है जब रिंकू पारिवारिक कारणों से टीम से अलग हुए हों। इससे पहले भी पिता की तबीयत बिगड़ने पर वे घर गए थे, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से पहले लौट आए थे। हालांकि उस मुकाबले में उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिला।
अब वे कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले से पहले टीम से जुड़ेंगे। इस मैच को वर्चुअल नॉकआउट माना जा रहा है, जहां जीत और हार सीधे सेमीफाइनल का रास्ता तय करेगी।
फॉर्म सवाल
टूर्नामेंट से ठीक पहले वर्ल्ड कप स्क्वॉड में शामिल किए गए रिंकू सिंह का बल्ला अब तक खामोश रहा है। पांच पारियों में वे सिर्फ 24 रन बना पाए हैं और साउथ अफ्रीका के खिलाफ तो खाता भी नहीं खोल सके।
लेकिन टी20 क्रिकेट की खासियत यही है कि एक तेज पारी पूरी कहानी बदल सकती है। रिंकू अपनी फिनिशिंग के लिए जाने जाते हैं और ऐसे बड़े मैच में उनसे उम्मीदें जरूर होंगी।
बड़ा मुकाबला
भारत और वेस्टइंडीज के बीच रविवार का मुकाबला सेमीफाइनल की दौड़ तय करेगा। जीतने वाली टीम ग्रुप 1 से साउथ अफ्रीका के साथ अंतिम चार में जगह बनाएगी, जबकि हारने वाली टीम का सफर यहीं खत्म हो सकता है।
ऐसे दबाव भरे मैच में हर खिलाड़ी की भूमिका अहम होती है और रिंकू की मौजूदगी टीम के लिए मानसिक मजबूती भी लेकर आएगी।
भावनात्मक पहलू
व्यक्तिगत दुख के बीच मैदान पर उतरना आसान नहीं होता। रिंकू की वापसी सिर्फ एक खिलाड़ी की वापसी नहीं, बल्कि जज्बे और जिम्मेदारी का उदाहरण भी है।
टीम इंडिया के लिए यह मुकाबला सिर्फ रणनीति और स्कोर का नहीं, बल्कि हिम्मत और एकजुटता का भी होगा।
नजरें कोलकाता
अब सबकी नजरें कोलकाता के ईडन गार्डन्स पर होंगी, जहां एक जीत सेमीफाइनल का दरवाजा खोलेगी। रिंकू सिंह की वापसी इस मुकाबले को और भावनात्मक बना देती है।
क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, कहानियों का भी नाम है। और इस वक्त रिंकू की कहानी साहस और समर्पण की मिसाल बन चुकी है।
FAQs
रिंकू सिंह कब टीम से जुड़ेंगे?
शनिवार को कोलकाता में।
रिंकू के पिता का निधन किस बीमारी से हुआ?
लीवर कैंसर से।
भारत का अगला मैच किससे है?
वेस्टइंडीज से।
रिंकू ने कितने रन बनाए हैं?
5 पारियों में 24 रन।
मैच का महत्व क्या है?
सेमीफाइनल का फैसला।













