BCCI की सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट 2025–26 ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट का पावर स्ट्रक्चर अब किस दिशा में बढ़ रहा है। इस बार सबसे बड़ा संदेश यही है कि शुभमन गिल, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा अब भारतीय क्रिकेट के टॉप टियर चेहरे हैं, जबकि विराट कोहली और रोहित शर्मा दूसरे स्तर में पहुंच गए हैं।
ये कॉन्ट्रैक्ट 1 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेंगे।
बदलाव
पिछले चक्र तक BCCI की संरचना में A+ ग्रेड मौजूद था, जिसमें कोहली, रोहित, बुमराह और जडेजा शामिल थे। लेकिन 2025–26 की लिस्ट में A+ ग्रेड को पूरी तरह हटा दिया गया है।
अब सबसे ऊपर सिर्फ Category A है, और यह बदलाव बताता है कि बोर्ड ने संरचना को सरल लेकिन सख्त बनाया है।
शीर्ष
Category A में इस बार सिर्फ तीन खिलाड़ी रखे गए हैं।
शुभमन गिल अब टेस्ट और वनडे कप्तान के तौर पर बोर्ड का सबसे बड़ा भरोसा बन चुके हैं। जसप्रीत बुमराह फिटनेस और मैच विनिंग क्षमता के प्रतीक हैं, जबकि रवींद्र जडेजा तीनों फॉर्मेट में अनुभव और निरंतरता का सबसे भरोसेमंद नाम बने हुए हैं।
यह साफ दिखाता है कि BCCI अब नेतृत्व, ऑल-फॉर्मेट वैल्यू और फिटनेस को सबसे ऊपर रख रहा है।
गिरावट
विराट कोहली और रोहित शर्मा का Category B में जाना भावनात्मक रूप से चौंकाने वाला लग सकता है, लेकिन क्रिकेटिंग लॉजिक साफ है। दोनों अब तीनों फॉर्मेट नहीं खेलते और उनकी भूमिकाएं सीमित हो चुकी हैं।
यह फैसला प्रदर्शन से ज्यादा भविष्य की योजना को दर्शाता है।
मध्य
Category B में अनुभव और मौजूदा ज़िम्मेदारियों का दिलचस्प मिश्रण दिखता है। इसमें रोहित शर्मा और विराट कोहली के साथ-साथ सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत, केएल राहुल, हार्दिक पांड्या, मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव, यशस्वी जायसवाल, श्रेयस अय्यर और वॉशिंगटन सुंदर शामिल हैं।
खास बात यह है कि वॉशिंगटन सुंदर को इस बार प्रमोशन मिला है, जो यह दिखाता है कि बोर्ड उनकी ऑलराउंड वैल्यू को लंबे समय के लिए देख रहा है।
हैरानी
सबसे चौंकाने वाला फैसला अक्षर पटेल को लेकर रहा। वह हाल के व्हाइट-बॉल क्रिकेट में अहम भूमिका निभा चुके हैं और मौजूदा T20 वर्ल्ड कप में भारत के उपकप्तान भी हैं।
इसके बावजूद उन्हें Category B से हटाकर Category C में डाल दिया गया, जो यह बताता है कि BCCI की प्राथमिकताएं अब बहुत साफ और सीमित मानकों पर आधारित हैं।
कटौती
इस बार कुल कॉन्ट्रैक्ट खिलाड़ियों की संख्या 34 से घटाकर 30 कर दी गई है। लिस्ट से बाहर होने वाले नामों में मोहम्मद शमी, सरफराज खान, रजत पाटीदार और मुकेश कुमार जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।
यह साफ संकेत है कि बोर्ड ने इस चक्र में सख्त कट-ऑफ अपनाया है।
निचला
Category C में ज़्यादातर युवा और उभरते खिलाड़ी रखे गए हैं। इसमें तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, संजू सैमसन, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, ऋतुराज गायकवाड़ और कई नए चेहरे शामिल हैं।
यह कैटेगरी भविष्य की गहराई तैयार करने का ज़रिया बनती दिख रही है।
पैसा
BCCI ने अभी तक किसी भी कैटेगरी की सैलरी सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन परंपरा के मुताबिक Category A को सबसे ज्यादा और Category C को सबसे कम रिटेनर मिलता है।
हालांकि असली संदेश पैसों से ज़्यादा भूमिका और भरोसे से जुड़ा है।
इस कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट का संदेश बिल्कुल साफ है। BCCI अब भविष्य की कप्तानी, तीनों फॉर्मेट खेलने की क्षमता और लंबे समय की योजना पर दांव लगा रहा है।
शुभमन गिल इस बदलाव का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे हैं, जबकि कोहली और रोहित का नीचे आना यह दिखाता है कि भारतीय क्रिकेट अब नामों से ज़्यादा संरचना पर चल रहा है।
FAQs
Category A में किन खिलाड़ियों को जगह मिली है?
शुभमन गिल, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा।
विराट कोहली और रोहित शर्मा किस कैटेगरी में हैं?
दोनों को Category B में रखा गया है।
A+ ग्रेड का क्या हुआ?
2025-26 की लिस्ट में A+ ग्रेड हटा दिया गया है।
अक्षर पटेल को क्यों झटका लगा?
उन्हें Category B से C में डाउनग्रेड किया गया।
कुल कितने खिलाड़ियों को कॉन्ट्रैक्ट मिला है?
इस बार 30 खिलाड़ियों को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है।











