टी20 वर्ल्ड कप सुपर 8 में भारत की शुरुआत किसी बुरे सपने से कम नहीं रही। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 90 हजार से ज्यादा दर्शकों के सामने टीम इंडिया को साउथ अफ्रीका ने 76 रन से हरा दिया।
188 रन का लक्ष्य बड़ा जरूर था, लेकिन नामुमकिन नहीं। फिर भी भारतीय बल्लेबाज़ी ऐसी बिखरी कि मैच आधे रास्ते में ही हाथ से निकल गया।
झटका
रनचेज की शुरुआत से ही लय गायब थी। 10 ओवर पूरे होते-होते स्कोर 57/5 हो चुका था। आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी और रन रेट लगातार बढ़ रहा था।
आखिरकार पूरी टीम 111 रन पर ऑल आउट हो गई। यह सिर्फ हार नहीं थी, बल्कि आत्मविश्वास को झकझोर देने वाला प्रदर्शन था।
दबाव
बड़े मंच का दबाव साफ दिखा। ईशान किशन, अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा गैर-जिम्मेदाराना शॉट खेलकर आउट हुए।
अभिषेक ने टूर्नामेंट का पहला रन चौके से बनाया, लेकिन निरंतरता नहीं दिखा पाए। तिलक की स्ट्राइक रेट को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं और इस मैच ने उन्हें और गहरा कर दिया।
वाशिंगटन सुंदर को ऊपर भेजने का प्रयोग भी सफल नहीं रहा। वहीं अक्षर पटेल को लगातार बाहर रखना चयन पर सवाल खड़े करता है।
प्रतिरोध
शिवम दुबे ने 42 रन बनाकर कुछ लड़ाई जरूर दिखाई, लेकिन दूसरे छोर से कोई साथ नहीं मिला। साझेदारी की कमी साफ नजर आई।
साउथ अफ्रीका के गेंदबाजों ने बेहतरीन लाइन-लेंथ के साथ भारतीय बल्लेबाजों को जकड़ लिया।
गेंदबाजी
पहले बल्लेबाजी करते हुए साउथ अफ्रीका ने 187/7 बनाए। भारत ने उन्हें 200 से नीचे जरूर रोका, लेकिन बीच के ओवरों में मैच फिसल गया।
डेविड मिलर ने 63 रन और डेवाल्ड ब्रेविस ने 45 रन बनाकर 97 रन की अहम साझेदारी की। इसी साझेदारी ने मैच का रुख बदला।
मार्को यानसेन ने 4 विकेट लिए, केशव महाराज ने 3 और कॉर्बिन बॉश ने 2 विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी को तहस-नहस कर दिया।
बुमराह
जसप्रीत बुमराह ने एक बार फिर साबित किया कि वे बड़े मैच के खिलाड़ी हैं। 3/15 के आंकड़े और डेथ ओवरों में कसी गेंदबाजी ने भारत को मुकाबले में बनाए रखा।
उनकी अंतिम दो ओवरों में सिर्फ 8 रन आए। अर्शदीप सिंह ने भी 2 विकेट लेकर अच्छा साथ दिया। लेकिन आखिरी ओवर में हार्दिक पंड्या महंगे साबित हुए और ट्रिस्टन स्टब्स ने लगातार छक्के जड़ दिए।
मोमेंटम
टी20 क्रिकेट में मोमेंटम सब कुछ होता है। आखिरी ओवर में साउथ अफ्रीका ने जो रफ्तार पकड़ी, वही ऊर्जा वे गेंदबाजी में भी लेकर आए।
भारत की 12 मैचों की जीत का सिलसिला यहीं टूट गया। ग्रुप स्टेज में दिख रही छोटी कमजोरियां इस बड़े मैच में खुलकर सामने आ गईं।
सीख
यह हार चेतावनी है। बल्लेबाजी में स्थिरता की जरूरत है। मिडिल ऑर्डर को जिम्मेदारी लेनी होगी और चयन में स्पष्टता लानी होगी।
सुपर 8 में एक हार से टूर्नामेंट खत्म नहीं होता, लेकिन यह याद दिलाता है कि हर मैच नए सिरे से जीतना पड़ता है।
साउथ अफ्रीका ने साफ कर दिया है कि वे सिर्फ नाम से नहीं, खेल से भी मजबूत हैं। अब असली सवाल यह है कि क्या भारत इस झटके से उबरकर वापसी कर पाएगा।
क्रिकेट में हर गिरावट के बाद नई कहानी लिखी जा सकती है। लेकिन उसके लिए पहले गलतियों को स्वीकार करना जरूरी है।
FAQs
भारत कितने रन से हारा?
भारत 76 रन से हारा।
साउथ अफ्रीका का स्कोर क्या था?
187/7 (20 ओवर)।
भारत का शीर्ष स्कोरर कौन था?
शिवम दुबे (42 रन)।
बुमराह के आंकड़े क्या थे?
3 विकेट पर 15 रन।
SA के लिए किसने 63 रन बनाए?
डेविड मिलर।













