BCCI सचिव देवजीत साइकिया ने बताया कि 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के पहले सीनियर विदेशी दौरे पर उनके माता-पिता को साथ ले जाने का निर्णय

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भारतीय क्रिकेट में युवा प्रतिभा की कमी कभी नहीं रही, लेकिन कम उम्र के खिलाड़ियों को संभालना हमेशा एक संवेदनशील जिम्मेदारी रही है। इसी संदर्भ में Board of Control for Cricket in India ने 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को लेकर एक अहम प्रशासनिक फैसला लिया है। आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड के व्हाइट-बॉल दौरे पर वैभव के माता-पिता को साथ ले जाने के निर्णय पर BCCI सचिव देवजीत साइकिया ने विस्तार से अपनी बात रखी है।

दौरा

Vaibhav Suryavanshi का चयन भारतीय T20 टीम में कम उम्र के कारण पहले ही चर्चा में रहा है। 26 जून से शुरू हो रहे इस दौरे में भारत आयरलैंड के खिलाफ दो और इंग्लैंड के खिलाफ पांच T20 मुकाबले खेलेगा। यह वैभव का पहला सीनियर अंतरराष्ट्रीय असाइनमेंट है, जिसमें उन्हें नए देश, नई परिस्थितियों और सीनियर खिलाड़ियों के साथ खेलने का अनुभव मिलेगा।

उम्र

Devajit Saikia ने Press Trust of India को दिए इंटरव्यू में कहा कि इतनी कम उम्र में सीनियर टीम का हिस्सा बनना अपने आप में चुनौतीपूर्ण होता है। उन्होंने बताया कि हर दौर में 14 या 15 साल का खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम तक नहीं पहुंचता और दशकों में ऐसे उदाहरण बहुत कम देखने को मिलते हैं। साइकिया ने इस संदर्भ में Sachin Tendulkar का उदाहरण देते हुए कहा कि कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों के लिए माहौल को संतुलित रखना बेहद जरूरी होता है।

सोच

BCCI की सोच यह है कि वैभव को इस नए माहौल में मानसिक रूप से सुरक्षित और सहज रखा जाए। साइकिया के अनुसार, टीम के अन्य सभी खिलाड़ी और कोचिंग स्टाफ वयस्क हैं और ऐसे में एक 15 वर्षीय खिलाड़ी के लिए यह अनुभव भारी भी हो सकता है। माता-पिता की मौजूदगी से वैभव को भावनात्मक सहारा मिलेगा और वह अपने खेल पर बेहतर ध्यान दे पाएंगे। बोर्ड इसे एक जिम्मेदारी के तौर पर देख रहा है, न कि किसी विशेष रियायत के रूप में।

उदाहरण

साइकिया ने इस फैसले को स्कूल स्तर के उदाहरण से समझाया। उनका कहना था कि जैसे किसी स्कूल ट्रिप पर बच्चों के साथ सीनियर या अभिभावक होते हैं, वैसे ही वैभव अभी भी सीखने की उम्र में हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वैभव के माता-पिता हालात को समझते हैं और उनके विकास में सहयोगी भूमिका निभा रहे हैं, जिससे खिलाड़ी पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ेगा।

निवेश

BCCI इस निर्णय को भारतीय क्रिकेट के भविष्य में निवेश के रूप में देखता है। साइकिया ने कहा कि वैभव केवल मौजूदा दौरे के लिए नहीं, बल्कि आने वाले कई वर्षों के लिए भारतीय क्रिकेट की संपत्ति हैं। यदि करियर की शुरुआत में खिलाड़ी को सही माहौल और मार्गदर्शन मिले, तो वह लंबे समय तक टीम के लिए योगदान दे सकता है।

विवाद

इंटरव्यू में वैभव से जुड़े हालिया ऑन-फील्ड विवाद पर भी बात हुई। श्रीलंका A के खिलाड़ी Vishen Halambage के साथ हुई घटना के बाद सोशल मीडिया पर यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि BCCI कोई कार्रवाई कर सकता है। इस पर साइकिया ने स्पष्ट किया कि मैदान पर हुई घटनाओं का फैसला मैच रेफरी और अंपायर्स का दायरा होता है, न कि बोर्ड का।

स्पष्टता

साइकिया ने कहा कि BCCI किसी भी मैच में रेफरी की भूमिका नहीं निभाता। यदि मैदान पर कुछ अनुचित होता है, तो उसके लिए पहले से स्थापित सिस्टम मौजूद है। उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को आधारहीन बताते हुए कहा कि बोर्ड हर छोटी घटना में हस्तक्षेप नहीं करता।

संतुलन

कुल मिलाकर, BCCI वैभव सूर्यवंशी के करियर को संतुलित तरीके से आगे बढ़ाना चाहता है। माता-पिता को साथ ले जाने का फैसला इसी सोच का हिस्सा है, ताकि एक कम उम्र का खिलाड़ी नए देश और सीनियर क्रिकेट के दबाव के बीच खुद को सुरक्षित महसूस कर सके। बोर्ड की प्राथमिकता यही है कि वैभव इस दौर को सीखने के अवसर के रूप में लें और धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खुद को स्थापित करें।

FAQs

वैभव सूर्‍यवंशी की उम्र कितनी है?

वैभव सूर्‍यवंशी 15 साल के हैं।

BCCI ने उनके माता-पिता को साथ क्यों भेजा?

उन्हें सीनियर टीम माहौल में सहज बनाने के लिए।

वैभव कितने मैच खेलेंगे?

कुल 7 T20 मुकाबले।

क्या BCCI वैभव पर कार्रवाई करेगा?

नहीं, यह मैच रेफरी का अधिकार है।

Ehtesham Arif

I’m Ehtesham Arif, lead cricket analyst at Kricket Wala with over 3 years of experience in cricket journalism. I’m passionate about bringing you reliable match analysis and the latest updates from the world of cricket. My favorite team is India, and in the IPL, I support Delhi Capitals.

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