क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अगले महीने होने वाले भारत दौरे के लिए अपनी 16 सदस्यीय अंडर-19 टीम का ऐलान कर दिया है। यह दौरा युवा खिलाड़ियों के विकास के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उन्हें भारतीय परिस्थितियों में मजबूत विपक्ष के खिलाफ खेलने का मौका मिलेगा।
इस दौरे के दौरान दोनों टीमों के बीच तीन वनडे और दो चार दिवसीय मुकाबले खेले जाएंगे। उपमहाद्वीप की स्पिन-अनुकूल पिचों पर खेलने का यह अनुभव भविष्य में इन खिलाड़ियों के अंतरराष्ट्रीय करियर के लिए भी काफी अहम साबित हो सकता है।
दौरा
ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 टीम भारत दौरे पर कुल पांच मुकाबले खेलेगी। तीन वनडे मैचों का आयोजन राजकोट में होगा, जबकि दो चार दिवसीय मुकाबले अहमदाबाद में खेले जाएंगे। इस दौरे का उद्देश्य सिर्फ नतीजे हासिल करना नहीं, बल्कि युवा खिलाड़ियों को अलग परिस्थितियों में खेलने का अनुभव देना भी है। भारतीय पिचों पर तकनीक, धैर्य और मानसिक मजबूती की परीक्षा होती है, इसलिए यह दौरा ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
गेंदबाजी
ऑस्ट्रेलियाई टीम की तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी विल बायरम और केसी बार्टन के कंधों पर होगी। दोनों खिलाड़ी इसी साल खेले गए अंडर-19 विश्व कप में भी ऑस्ट्रेलिया का हिस्सा थे और टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। टीम प्रबंधन को उम्मीद होगी कि दोनों तेज गेंदबाज भारतीय परिस्थितियों में भी अपनी लय बरकरार रखते हुए विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखेंगे।
प्रदर्शन
विल बायरम ने अंडर-19 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 विकेट अपने नाम किए थे। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 10.50 की बेहतरीन औसत से गेंदबाजी की और ऑस्ट्रेलिया के सबसे प्रभावशाली गेंदबाजों में शामिल रहे। वहीं केसी बार्टन ने भी चार विकेट हासिल कर टीम के गेंदबाजी आक्रमण में अहम भूमिका निभाई थी। हालांकि दोनों खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन के बावजूद ऑस्ट्रेलिया सेमीफाइनल में इंग्लैंड से 27 रन से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गया था।
टीम
भारत दौरे के लिए चुनी गई ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 टीम में केसी बार्टन, हेडन बारबुलोविक, एली ब्रेन, विल बायरम, ब्लेक कैटल, जैक चोजनैक, स्पेंसर ग्रीन, कॉनर ग्रेगरी, चार्ली हेंडरसन, ज़ेड होलिक, मैथ्यू लॉफ, नील पटेल, जैकब पीट्ज़, पैट्रिक सुलिवन, थियो त्सिंगोस और थॉमस वासेओ को शामिल किया गया है। चयनकर्ताओं ने टीम में ऐसे खिलाड़ियों को जगह दी है जिन्होंने घरेलू स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है।
प्रतिनिधित्व
इस 16 सदस्यीय टीम में सबसे ज्यादा पांच खिलाड़ी क्वींसलैंड से चुने गए हैं। विक्टोरिया और न्यू साउथ वेल्स से तीन-तीन खिलाड़ियों को मौका मिला है, जबकि दक्षिण ऑस्ट्रेलिया और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया से दो-दो खिलाड़ी टीम का हिस्सा बने हैं। तस्मानिया से एक खिलाड़ी का चयन हुआ है। इससे साफ है कि चयनकर्ताओं ने देश के अलग-अलग राज्यों में प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अवसर देने की कोशिश की है।
बयान
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की हेड ऑफ नेशनल डेवलपमेंट सोन्या थॉम्पसन ने इस दौरे को खिलाड़ियों के भविष्य के लिए बेहद अहम बताया है। उन्होंने कहा कि भारत जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में मजबूत विपक्ष के खिलाफ खेलना युवा क्रिकेटरों को तकनीकी और मानसिक दोनों स्तर पर बेहतर बनाएगा। उनके अनुसार ऐसे दौरे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की चुनौतियों के लिए तैयार करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।
तैयारी
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया पिछले कुछ समय से अपने खिलाड़ियों को एशियाई परिस्थितियों में खेलने का ज्यादा से ज्यादा अनुभव दिलाने पर जोर दे रहा है। इसी योजना के तहत क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का डेवलपमेंट स्क्वाड भी चेन्नई पहुंच चुका है, जहां वह एमआरएफ अकादमी के विशेष कार्यक्रम में हिस्सा लेगा। इस दौरान स्पिन-अनुकूल पिचों पर 5 से 6 अगस्त और 10 से 11 अगस्त के बीच दो बहु-दिवसीय मुकाबले खेले जाएंगे। इन मैचों का उद्देश्य खिलाड़ियों को भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप तैयार करना है।
आगे
अंडर-19 टीम के अलावा ऑस्ट्रेलिया की ‘ए’ टीम भी सितंबर में भारत का दौरा करेगी, जहां उसे दो प्रथम श्रेणी मुकाबले खेलने हैं। यह दौरा दक्षिण अफ्रीका में होने वाली वनडे सीरीज के साथ टकराएगा, लेकिन चयन समिति के अध्यक्ष जॉर्ज बेली का मानना है कि कुछ खिलाड़ी अगले साल होने वाली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की तैयारियों को देखते हुए भारत दौरे को प्राथमिकता दे सकते हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच कई महत्वपूर्ण मुकाबले देखने को मिलेंगे।
भारत का यह दौरा ऑस्ट्रेलिया के युवा खिलाड़ियों के लिए सीखने, खुद को साबित करने और भविष्य की तैयारी करने का शानदार अवसर होगा। भारतीय परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने का रास्ता और मजबूत हो सकता है। वहीं क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की यह रणनीति भी साफ दिखाती है कि वह भविष्य के खिलाड़ियों को उपमहाद्वीप की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के लिए पहले से तैयार करना चाहता है।
FAQs
ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 टीम भारत कब आएगी?
अगले महीने।
दौरे में कितने वनडे मैच होंगे?
तीन वनडे मैच।
कितने चार दिवसीय मैच खेले जाएंगे?
दो चार दिवसीय मैच।
अंडर-19 विश्व कप के कितने खिलाड़ी टीम में हैं?
दो खिलाड़ी।
सबसे ज्यादा खिलाड़ी किस राज्य से चुने गए?
क्वींसलैंड से।











