भारतीय क्रिकेट में जब भी कोई बेहद कम उम्र का खिलाड़ी चर्चा में आता है, तो उसके साथ उम्मीदों का बोझ भी अपने आप जुड़ जाता है। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के साथ भी कुछ ऐसा ही हो रहा है। इतनी छोटी उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट के दरवाजे तक पहुंचना अपने आप में बड़ी बात है। इसी बीच भारत के सीनियर स्पिनर Ravichandran Ashwin ने वैभव को एक ऐसी सलाह दी है, जो सिर्फ क्रिकेट नहीं बल्कि जिंदगी के नजरिए से भी बेहद अहम मानी जा रही है।
दबाव
अश्विन का साफ मानना है कि भारत के लिए खेलना जितना सम्मान की बात है, उतना ही मानसिक दबाव भी लेकर आता है। शुरुआत में जो खेल बच्चों के लिए मस्ती होता है, वही धीरे-धीरे जिम्मेदारी और प्रोफेशन बन जाता है। उन्होंने कहा कि किसी भी खिलाड़ी के करियर में एक ऐसा समय आता है जब क्रिकेट मज़ा कम और काम ज्यादा लगने लगता है। इसलिए शुरुआती सालों को हल्के और खुले दिमाग से जीना बहुत जरूरी होता है।
सलाह
Stumped पर बातचीत करते हुए अश्विन ने वैभव सूर्यवंशी के बारे में दिल से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वैभव अभी सिर्फ 15 साल का बच्चा है और उसे क्रिकेट उसी मासूमियत के साथ खेलना चाहिए, जैसे वह गली या मैदान में दोस्तों के साथ खेलता होगा। अश्विन के मुताबिक, बिना दबाव क्रिकेट खेलने का समय ज्यादा लंबा नहीं होता और आगे चलकर जिम्मेदारियां अपने आप बढ़ जाती हैं। इसलिए इस वक्त सबसे जरूरी चीज है खेल का आनंद लेना।
पहचान
अश्विन सिर्फ वैभव की उम्र या ताकत से प्रभावित नहीं हैं, बल्कि उसकी क्रिकेटिंग समझ उन्हें सबसे खास लगती है। उनके मुताबिक, कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं जिनका टैलेंट पहली नजर में पहचान में आ जाता है। वैभव भी उन्हीं में से एक हैं। वह सिर्फ बड़े शॉट खेलने वाला बल्लेबाज नहीं है, बल्कि उसे यह भी पता है कि सीनियर गेंदबाजों के सामने खुद को कैसे ढालना है और कब अपने खेल की रफ्तार बदलनी है।
समझ
अश्विन ने यह भी कहा कि वैभव की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वह हर गेंद पर हमला करने की जल्दबाजी नहीं दिखाता। हालात के हिसाब से खेलना और जरूरत पड़ने पर रुककर पारी बनाना उसकी बड़ी ताकत है। यही समझ आगे चलकर किसी भी युवा खिलाड़ी को लंबे समय तक टिके रहने में मदद करती है, खासकर भारतीय क्रिकेट जैसे दबाव भरे माहौल में।
मौका
वैभव सूर्यवंशी को हाल ही में भारतीय टीम में पहली बार शामिल किया गया है और आयरलैंड के खिलाफ T20I सीरीज में उनके डेब्यू की चर्चा है। हालांकि फिलहाल इसकी संभावना कम मानी जा रही है। वजह यह है कि वैभव एक आउट-एंड-आउट ओपनर हैं और मौजूदा टीम में पहले से ही संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा जैसे अनुभवी विकल्प मौजूद हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट बिना मजबूरी के बड़ा रिस्क नहीं लेना चाहेगा।
हकीकत
बातचीत के दौरान अश्विन ने एक और सच्चाई पर भी खुलकर बात की, जो भारतीय क्रिकेट से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों का विदेशी फ्रेंचाइज़ लीग में खेलना फिलहाल बेहद मुश्किल है। इसकी सबसे बड़ी वजह IPL का मजबूत आर्थिक मॉडल और भारतीय खिलाड़ियों की मार्केट वैल्यू है। जो खिलाड़ी देश के लिए कॉन्ट्रैक्ट में होते हैं, उनके लिए बाहर की लीग में खेलना लगभग नामुमकिन होता है।
अश्विन की सलाह का मतलब बिल्कुल साफ है। टैलेंट जरूरी है, लेकिन सही वक्त पर सही सोच उससे भी ज्यादा अहम होती है। वैभव सूर्यवंशी के पास उम्र भी है, समय भी और काबिलियत भी। अगर वह इस शुरुआती दौर में बिना दबाव क्रिकेट का आनंद ले पाया, तो आगे आने वाली चुनौतियां उसे कमजोर नहीं, बल्कि और मजबूत बना देंगी।
FAQs
अश्विन ने वैभव सूर्यवंशी को क्या सलाह दी?
अभी बिना दबाव क्रिकेट का मज़ा लेने की।
अश्विन क्यों कहते हैं दबाव जल्दी आएगा?
क्योंकि भारत के लिए खेलना जल्दी काम बन जाता है।
अश्विन को वैभव में क्या खास लगा?
सीनियर गेंदबाज़ों के खिलाफ उसकी समझ।
क्या वैभव आयरलैंड के खिलाफ डेब्यू करेंगे?
संभावना कम है, वह ओपनर हैं।
क्या भारतीय खिलाड़ी विदेशी लीग खेल सकते हैं?
फिलहाल नहीं, सिर्फ रिटायर्ड खिलाड़ियों को छूट है।











