ऑस्ट्रेलिया के युवा बल्लेबाज़ सैम कॉन्स्टास ने 2024-25 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में जसप्रीत बुमराह के खिलाफ अपनी बेखौफ बल्लेबाज़ी और विराट कोहली के साथ मैदान पर हुई नोकझोंक की वजह से खूब सुर्खियां बटोरी थीं। अब कॉन्स्टास परिवार से एक और नाम चर्चा में है। सैम के बड़े भाई बिली कॉन्स्टास को ग्रीस की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम में शामिल किया गया है।
24 वर्षीय बिली कॉन्स्टास को अगले महीने फिनलैंड में होने वाले यूरोपीय टी20 विश्व कप क्वालिफायर के लिए ग्रीस की 14 सदस्यीय टीम में जगह मिली है। यह उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत हो सकती है।
बिली
बिली कॉन्स्टास ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में ग्रेड क्रिकेट खेलते हैं। वह पेशे से क्रिकेट कोच होने के साथ-साथ फिजियोथेरेपिस्ट भी हैं।
ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय टीम तक पहुंचना आसान नहीं था, लेकिन ग्रीक मूल होने की वजह से उन्हें ग्रीस की ओर से खेलने का मौका मिला है। अब वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार हैं।
मौका
ग्रीस क्रिकेट बोर्ड बिली कॉन्स्टास को सिर्फ मौजूदा क्वालिफायर के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की योजनाओं का भी अहम हिस्सा मान रहा है।
अगर वह इस टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो आने वाले वर्षों में ग्रीस की टीम के नियमित सदस्य बन सकते हैं।
योजना
ग्रीस क्रिकेट बोर्ड की नजर 2028 टी20 विश्व कप पर है, जिसकी मेजबानी ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड करेंगे।
इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले ग्रीक मूल के खिलाड़ियों को अपनी टीम से जोड़ने की रणनीति पर काम कर रहा है। बोर्ड का मानना है कि इससे टीम की गुणवत्ता और अनुभव दोनों में सुधार होगा।
खिलाड़ी
बिली कॉन्स्टास के अलावा ग्रीस क्रिकेट बोर्ड ने कई अन्य ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों से भी संपर्क किया है।
इनमें न्यू साउथ वेल्स के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेल चुके बल्लेबाज़ ब्लेक निकितारास और 21 वर्षीय लेग स्पिन ऑलराउंडर ब्लेक फॉन्स शामिल हैं। वहीं ग्रीक मूल के स्पिनर पीटर हाट्ज़ोग्लू भी बोर्ड की योजनाओं का हिस्सा हैं, हालांकि फिलहाल वह चयन के लिए पात्र नहीं हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर ग्रीस यूरोपीय सब-रीजनल क्वालिफायर के अगले चरण में पहुंचता है तो निकितारास और हाट्ज़ोग्लू भी टीम के साथ जुड़ सकते हैं।
प्रेरणा
ग्रीस की यह रणनीति काफी हद तक इटली के मॉडल से प्रेरित मानी जा रही है।
2026 टी20 विश्व कप में इटली ने ऑस्ट्रेलियाई-इतालवी मूल के कई खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया था। उस टीम ने नेपाल को हराया और इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम को भी कड़ी टक्कर देकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा था।
अब ग्रीस भी उसी रास्ते पर चलते हुए अपनी टीम को और मजबूत बनाने की कोशिश कर रहा है।
सैम
सैम कॉन्स्टास ने 2024-25 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान भारतीय तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाज़ी कर क्रिकेट जगत में अपनी अलग पहचान बनाई थी।
उन्होंने बुमराह के खिलाफ रैंप शॉट्स खेलने का साहस दिखाया और विराट कोहली के साथ उनकी मैदान पर हुई तीखी नोकझोंक भी काफी चर्चा में रही। ऑस्ट्रेलिया की 3-1 सीरीज जीत में उन्होंने उपयोगी योगदान दिया था।
हालांकि इसके बाद खेले गए तीन टेस्ट मैचों में वह उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके और तब से ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय टीम में वापसी नहीं कर पाए हैं।
लक्ष्य
ग्रीस अभी तक किसी भी आईसीसी विश्व कप के लिए क्वालिफाई नहीं कर सका है, हालांकि वह 1995 से आईसीसी का सदस्य है।
अब टीम की पूरी कोशिश यूरोपीय क्वालिफायर में अच्छा प्रदर्शन कर 2028 टी20 विश्व कप तक पहुंचने की है। इसके लिए बोर्ड अनुभवी और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को जोड़कर मजबूत टीम तैयार करने में जुटा हुआ है।
उम्मीद
ग्रीस क्रिकेट बोर्ड की नई रणनीति दिखाती है कि एसोसिएट देशों में भी क्रिकेट तेजी से आगे बढ़ रहा है। ग्रीक मूल के ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को टीम में शामिल कर बोर्ड भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार करना चाहता है।
अब सभी की नजर बिली कॉन्स्टास पर होगी। अगर वह इस मौके का पूरा फायदा उठाते हैं तो न सिर्फ ग्रीस क्रिकेट को मजबूती मिलेगी, बल्कि 2028 टी20 विश्व कप तक पहुंचने का सपना भी पहले से ज्यादा मजबूत हो सकता है।
FAQs
बिली कॉन्स्टास किस टीम में चुने गए हैं?
ग्रीस की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम में।
बिली कॉन्स्टास का सैम कॉन्स्टास से क्या रिश्ता है?
वह सैम कॉन्स्टास के बड़े भाई हैं।
ग्रीस का लक्ष्य क्या है?
2028 टी20 विश्व कप के लिए क्वालीफाई करना।
यूरोपीय क्वालिफायर कहां होगा?
फिनलैंड में।
ग्रीस किस मॉडल का अनुसरण कर रहा है?
इटली के क्रिकेट मॉडल का।











