भारतीय क्रिकेट टीम में लगातार बढ़ती चोटों ने बीसीसीआई की चिंता बढ़ा दी है। श्रीलंका टेस्ट सीरीज़ से पहले कई खिलाड़ियों के चोटिल होने के बाद अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) फिटनेस को लेकर सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) खिलाड़ियों की फिटनेस जांच के तरीके में बड़े बदलाव करने जा रहा है।
इसके साथ ही टीम इंडिया के फिजियो कमलेश जैन से भी खिलाड़ियों की फिटनेस और बार-बार सामने आ रही चोटों को लेकर जवाब मांगा गया है। बोर्ड का मानना है कि अब सभी खिलाड़ियों के लिए एक समान फिटनेस मानक होना चाहिए, ताकि चयन और वापसी की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बन सके।
बदलाव
रिपोर्ट के अनुसार, अब तक खिलाड़ियों की भूमिका, अनुभव और जरूरत के हिसाब से अलग-अलग फिटनेस मानक अपनाए जाते थे। लेकिन CoE इस व्यवस्था को बदलने की तैयारी में है। नई प्रणाली लागू होने के बाद सभी खिलाड़ियों को तय समय सीमा के भीतर फिटनेस ड्रिल पूरी करनी होगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर खिलाड़ी एक ही मानक पर परखा जाए और फिटनेस को लेकर किसी तरह की अलग व्यवस्था न रहे।
नई फिटनेस योजना के तहत ब्रोंको टेस्ट को 5.15 से 5.20 मिनट के बीच पूरा करना होगा, जबकि 2 किलोमीटर की दौड़ 9 से 10 मिनट के भीतर पूरी करनी होगी। माना जा रहा है कि इन तय मानकों से खिलाड़ियों की मैच फिटनेस का अधिक सटीक आकलन किया जा सकेगा।
ब्रोंको टेस्ट
पूर्व स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच एड्रियन लेरूक्स के कार्यकाल में यो-यो टेस्ट की जगह ब्रोंको टेस्ट को प्राथमिक फिटनेस टेस्ट बनाया गया था। इस टेस्ट का उद्देश्य खिलाड़ियों की गति, सहनशक्ति और रिकवरी क्षमता को बेहतर तरीके से परखना है। हालांकि रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि भारतीय खिलाड़ी अभी तक इस टेस्ट के पूरी तरह अभ्यस्त नहीं हो पाए हैं, इसलिए CoE अब इसकी प्रक्रिया को और व्यवस्थित बनाने पर काम कर रहा है।
सवाल
मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि कुछ वरिष्ठ खिलाड़ियों को फिटनेस टेस्ट में अपेक्षाकृत आसान लक्ष्य दिए गए थे। इसके अलावा टीम की जरूरतों को देखते हुए कुछ खिलाड़ियों को पूरी तरह फिट हुए बिना भी खेलने की अनुमति मिलने की बात सामने आई है। इन्हीं कारणों से बीसीसीआई ने पूरी फिटनेस प्रक्रिया की समीक्षा शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में किसी भी खिलाड़ी की वापसी केवल तय मानकों के आधार पर ही हो।
फिजियो
लगातार चोटों और फिटनेस से जुड़े मामलों के बाद टीम इंडिया के फिजियो कमलेश जैन से भी जवाब मांगा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इंग्लैंड दौरे के दौरान कई खिलाड़ी बार-बार क्रैम्प्स का शिकार हुए थे, जिससे टीम प्रबंधन भी संतुष्ट नहीं था। सूत्रों का कहना है कि फिजियो से स्पष्ट रूप से कहा गया है कि किसी भी खिलाड़ी की वरिष्ठता या प्रतिष्ठा को ध्यान में रखे बिना उसकी फिटनेस से जुड़ी हर कमी की सटीक जानकारी दी जाए, ताकि समय रहते जरूरी फैसले लिए जा सकें।
चिंता
बीसीसीआई की चिंता केवल चोटों तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ खिलाड़ियों की फील्डिंग और रनिंग क्षमता में भी गिरावट दर्ज की गई है। मैदान पर मूवमेंट पहले जैसी नहीं दिख रही है, जबकि लंबे समय तक बल्लेबाज़ी के दौरान कुछ वरिष्ठ खिलाड़ी तेज़ी से रन लेने में भी संघर्ष करते नजर आए हैं। टीम में धीमे फील्डरों की संख्या बढ़ना भी प्रबंधन के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है, क्योंकि आधुनिक क्रिकेट में फिटनेस और फुर्ती दोनों ही बेहद अहम हो चुके हैं।
हर्षित
रिपोर्ट में तेज़ गेंदबाज़ हर्षित राणा का भी जिक्र किया गया है। बताया गया कि इंग्लैंड दौरे के दौरान उनका वजन तय सीमा से अधिक था। चयन के समय उनका वजन 97 किलोग्राम था, जबकि अधिकतम निर्धारित सीमा 96 किलोग्राम तय की गई थी। बाद में उन्होंने अपना वजन घटाकर 94 किलोग्राम कर लिया, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार अधिक वजन भी उन कारणों में शामिल था, जिसकी वजह से उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मैच के बाद टीम से बाहर किया गया।
नतीजा
लगातार बढ़ती चोटों और फिटनेस से जुड़े सवालों के बीच बीसीसीआई अब पूरी प्रणाली को अधिक सख्त और पारदर्शी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यदि CoE की नई फिटनेस नीति लागू होती है, तो भविष्य में हर खिलाड़ी को एक जैसे मानकों पर खुद को साबित करना होगा। इससे न केवल खिलाड़ियों की शारीरिक तैयारी बेहतर होगी, बल्कि टीम इंडिया को लंबे समय तक फिट और उपलब्ध खिलाड़ी भी मिल सकेंगे, जो आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में टीम के प्रदर्शन के लिए बेहद अहम साबित होगा।
FAQs
BCCI किस फिटनेस टेस्ट को प्राथमिकता दे रहा है?
ब्रोंको टेस्ट।
टीम इंडिया के फिजियो कौन हैं?
कमलेश जैन।
2 किमी रन का नया लक्ष्य क्या है?
9 से 10 मिनट।
हर्षित राणा का वर्तमान वजन कितना बताया गया है?
94 किलोग्राम।
फिटनेस व्यवस्था की समीक्षा कौन कर रहा है?
बीसीसीआई और CoE।











