भारत और श्रीलंका के बीच गाले में शुरू हुए टेस्ट मैच में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। कप्तान बनने के बाद नौ टेस्ट में यह गिल की केवल तीसरी टॉस जीत है और इस बार उन्होंने परिस्थितियों को देखते हुए पहले रन बोर्ड पर लगाने का फैसला किया। गाले की पिच सामान्य तौर पर स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है, लेकिन मुकाबले की शुरुआत में सतह कुछ अलग नजर आई।
पिच पर घास की एक समान परत दिखाई दे रही थी और सूखे हिस्से भी ज्यादा नजर नहीं आ रहे थे। शुरुआती नमी के दौरान तेज गेंदबाजों को थोड़ी सीम मूवमेंट मिल सकती है, लेकिन जैसे-जैसे गेंद पुरानी होगी, बल्लेबाजों के लिए परिस्थितियां बेहतर होने की उम्मीद है। ऐसे में भारत की कोशिश शुरुआती दबाव को झेलकर बड़ा स्कोर खड़ा करने की होगी।
पडिक्कल
भारत ने चोटिल बी साई सुदर्शन की जगह देवदत्त पडिक्कल को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया है। पडिक्कल नंबर तीन पर बल्लेबाजी करेंगे और इस बदलाव के साथ भारतीय टीम के शीर्ष क्रम में एक और बाएं हाथ के बल्लेबाज को मौका मिला है। यह पडिक्कल के लिए बेहद महत्वपूर्ण अवसर है, क्योंकि श्रीलंका की परिस्थितियों में उन्हें शुरुआत से ही धैर्य के साथ बल्लेबाजी करनी होगी।
गाले में शुरुआती ओवरों में अगर गेंद थोड़ी हरकत करती है तो पडिक्कल को अपनी तकनीक पर भरोसा रखना होगा। अगर वह नई गेंद का शुरुआती दबाव पार कर लेते हैं, तो पिच के बल्लेबाजी के लिए बेहतर होने के साथ बड़ी पारी खेलने का मौका भी मिल सकता है। उनके प्रदर्शन पर इसलिए भी नजर रहेगी क्योंकि भारतीय टीम में जगह के लिए लगातार प्रतिस्पर्धा बनी हुई है।
संयोजन
भारत ने इस मुकाबले के लिए स्पिन को काफी महत्व दिया है। टीम तीन बाएं हाथ के स्पिनरों के साथ मैदान पर उतरी है, जबकि तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा संभालेंगे। इस संयोजन से साफ है कि भारतीय टीम टेस्ट के आगे बढ़ने के साथ स्पिन के बढ़ते प्रभाव को ध्यान में रखकर मैदान पर उतरी है।
गाले की पिच जैसे-जैसे पुरानी होगी, गेंद के टर्न और उछाल में बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में भारतीय स्पिनर दूसरी पारी में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, पहले सत्र में सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा की जिम्मेदारी भी अहम होगी, क्योंकि शुरुआती परिस्थितियों का फायदा उठाकर श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर दबाव बनाया जा सकता है।
डेब्यू
श्रीलंका ने प्लेइंग इलेवन में सबसे बड़ा बदलाव करते हुए 25 वर्षीय ऑफ स्पिनर केशारा नुवंथा को टेस्ट डेब्यू का मौका दिया है। उन्हें रमेश मेंडिस की जगह टीम में शामिल किया गया है। गाले की परिस्थितियों को देखते हुए श्रीलंका का यह फैसला काफी रणनीतिक माना जा रहा है, क्योंकि मुकाबले के आगे बढ़ने के साथ ऑफ स्पिनर को पिच से मदद मिलने की उम्मीद है।
नुवंथा के लिए यह उनके करियर का बेहद खास पल है। घरेलू क्रिकेट में मेहनत के बाद अब उन्हें भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में खुद को साबित करने का मौका मिला है। उनके सामने भारतीय बल्लेबाजों का मजबूत क्रम होगा और यह देखना दिलचस्प होगा कि वह अपने पहले ही टेस्ट में कितना प्रभाव छोड़ पाते हैं।
श्रीलंका
श्रीलंका को नियमित सलामी बल्लेबाज पथुम निसांका की कमी खलेगी। चोट के कारण उनकी जगह निशान मदुश्का को टीम में शामिल किया गया है। मदुश्का के सामने भारत के मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ पारी की शुरुआत करने की चुनौती होगी और उनका प्रदर्शन श्रीलंका की पहली पारी की दिशा तय कर सकता है।
वहीं निरोशन डिकवेला की करीब तीन साल बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी हुई है। विकेटकीपर-बल्लेबाज के अनुभव का फायदा श्रीलंका को मिल सकता है। धनंजय डी सिल्वा टीम की कप्तानी कर रहे हैं और उनके सामने एक तरफ भारतीय बल्लेबाजी क्रम को रोकने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ अपनी टीम से मजबूत शुरुआत कराने की जिम्मेदारी भी है।
इतिहास
गाले में खेला जा रहा यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है। यह इस मैदान पर खेला जाने वाला 50वां टेस्ट है, जबकि भारत के लिए यह टेस्ट क्रिकेट इतिहास का 600वां मुकाबला है। इतने बड़े आंकड़े के बीच दोनों टीमों के लिए मैच का परिणाम भी बेहद महत्वपूर्ण है।
मैच सिर्फ रिकॉर्ड और उपलब्धियों तक सीमित नहीं है। दोनों टीमें विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए इस सीरीज में बेहतर प्रदर्शन करना चाहेंगी। दो टेस्ट मैचों की सीरीज में 2-0 की जीत दोनों टीमों को WTC फाइनल की दौड़ में महत्वपूर्ण बढ़त दिला सकती है।
भारत
भारत की प्लेइंग इलेवन में अनुभव और युवा प्रतिभा का अच्छा मिश्रण दिखाई देता है। केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल पारी की शुरुआत करेंगे, जबकि तीसरे नंबर पर पडिक्कल और उसके बाद कप्तान शुभमन गिल बल्लेबाजी क्रम को संभालेंगे। इसके बाद ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल जैसे विकल्प टीम के मध्यक्रम को मजबूती देते हैं।
स्पिन विभाग में रवींद्र जडेजा के साथ मानव सुथार और कुलदीप यादव मौजूद हैं। वहीं तेज गेंदबाजी में मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा शुरुआती विकेट हासिल करने की कोशिश करेंगे। अगर पिच के शुरुआती हालात तेज गेंदबाजों के पक्ष में रहते हैं, तो इन दोनों के पहले स्पेल का मैच पर बड़ा असर पड़ सकता है।
नजरें
गाले टेस्ट में सबसे ज्यादा ध्यान भारतीय बल्लेबाजों पर रहेगा, क्योंकि कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी का फैसला किया है। भारत को शुरुआती सत्र में विकेट बचाने होंगे और नई गेंद के मुश्किल दौर को पार करना होगा। अगर शीर्ष क्रम ऐसा करने में सफल रहता है, तो बाद में बल्लेबाजी के लिए बेहतर होती पिच का फायदा उठाकर बड़ा स्कोर बनाया जा सकता है।
दूसरी तरफ श्रीलंका की नजर अपने नए ऑफ स्पिनर नुवंथा पर होगी। घरेलू परिस्थितियों में टेस्ट डेब्यू करने वाले नुवंथा के लिए यह खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साबित करने का बड़ा अवसर है। भारत जहां पहले दिन बड़ा स्कोर बनाकर दबाव डालना चाहेगा, वहीं श्रीलंका शुरुआती विकेट लेकर गिल की रणनीति को चुनौती देने की कोशिश करेगा।
मुकाबला
गाले में भारत ने पहले बल्लेबाजी चुनकर अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। अब जिम्मेदारी भारतीय बल्लेबाजों की है कि वे इस फैसले को मजबूत स्कोर में बदलें और श्रीलंका के स्पिनरों को खेल से बाहर रखने की कोशिश करें। दूसरी ओर मेजबान टीम शुरुआती विकेट हासिल करके भारत को दबाव में लाना चाहेगी।
WTC की दौड़ में दोनों टीमों के लिए यह सीरीज बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में गाले में शुरू हुआ पहला टेस्ट सिर्फ एक मुकाबला नहीं, बल्कि आने वाले महीनों की टेस्ट चैंपियनशिप तस्वीर को प्रभावित करने वाला अहम मैच है। पडिक्कल की वापसी, नुवंथा का डेब्यू और गिल की कप्तानी इस टेस्ट को और भी खास बना रही है।
FAQs
भारत ने टॉस जीतकर क्या फैसला किया?
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया।
देवदत्त पडिक्कल क्यों खेले?
उन्होंने चोटिल साई सुदर्शन की जगह टीम में जगह बनाई।
श्रीलंका के लिए किसने डेब्यू किया?
ऑफ स्पिनर केशारा नुवंथा ने टेस्ट डेब्यू किया।
गाले में यह कौन सा टेस्ट है?
गाले में यह 50वां टेस्ट मैच है।
भारत का यह कौन सा टेस्ट है?
यह भारत का टेस्ट क्रिकेट में 600वां मुकाबला है।











