डार्विन में बांग्लादेश की ऐतिहासिक जीत से भारत को फायदा, WTC फाइनल की उम्मीदों को मिली नई जान

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बांग्लादेश ने डार्विन टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को हराकर सिर्फ इतिहास नहीं रचा, बल्कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप यानी WTC की रेस को भी दिलचस्प बना दिया है। ऑस्ट्रेलिया को घरेलू जमीन पर मिली इस हार से उसका पॉइंट प्रतिशत कम हुआ है और भारत समेत बाकी दावेदारों के लिए फाइनल की दौड़ में समीकरण कुछ हद तक आसान हुए हैं।

23 साल बाद ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज खेलने उतरी बांग्लादेशी टीम ने ऐसा प्रदर्शन किया जिसकी शायद बहुत कम लोगों ने उम्मीद की थी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसकी यह ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर पहली टेस्ट जीत है। अब इस नतीजे का असर सिर्फ दोनों टीमों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि WTC फाइनल की रेस में शामिल भारत जैसी टीमों की उम्मीदों पर भी पड़ेगा।

जीत

डार्विन टेस्ट की पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई। स्टीव स्मिथ ने 71 रन बनाकर एक छोर संभालने की कोशिश की, लेकिन हसन महमूद की शानदार गेंदबाजी के सामने बाकी बल्लेबाज ज्यादा देर नहीं टिक सके। बांग्लादेश के तेज गेंदबाज ने छह विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को सिर्फ 198 रन पर समेट दिया।

जवाब में बांग्लादेश ने बल्ले से भी शानदार प्रदर्शन किया। तंजीद हसन तमीम ने शतक लगाया, जबकि कप्तान नजमुल हुसैन शांतो और मेहदी हसन मिराज ने अर्धशतक लगाकर टीम को 426 रन के स्कोर तक पहुंचाया। इस तरह बांग्लादेश ने पहली पारी में 228 रन की बड़ी बढ़त हासिल कर ऑस्ट्रेलिया को दबाव में ला दिया।

वापसी

दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया ने मुकाबले में वापसी करने की कोशिश की। कैमरन ग्रीन ने अपने टेस्ट करियर का तीसरा शतक लगाकर टीम की उम्मीदें जगाईं, लेकिन बाकी बल्लेबाज बांग्लादेश के गेंदबाजों का लंबे समय तक सामना नहीं कर सके। ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 284 रन पर समाप्त हुई और बांग्लादेश के सामने जीत के लिए सिर्फ 57 रन का लक्ष्य रह गया।

इतने छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए बांग्लादेश ने कोई बड़ी गलती नहीं की। टीम ने सिर्फ एक विकेट गंवाया और 14.2 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। इस तरह उसने ऑस्ट्रेलिया को उसी की जमीन पर हराकर टेस्ट क्रिकेट में अपनी सबसे यादगार जीतों में से एक दर्ज कर ली।

तालिका

डार्विन की हार के बावजूद ऑस्ट्रेलिया WTC तालिका में अभी भी पहले स्थान पर बना हुआ है, लेकिन उसका पॉइंट प्रतिशत 87.50 से गिरकर 77.78 हो गया है। बांग्लादेश पांच टेस्ट में तीसरी जीत के बाद 66.67 प्रतिशत के साथ चौथे स्थान पर पहुंचा है, जबकि भारत 48.15 प्रतिशत के साथ पांचवें स्थान पर बना हुआ है।

ऑस्ट्रेलिया की स्थिति अभी भी मजबूत है, लेकिन उसकी बढ़त पहले जैसी सुरक्षित नहीं रही। WTC में हर हार पॉइंट प्रतिशत पर सीधा असर डालती है और जैसे-जैसे फाइनल की दौड़ आगे बढ़ती है, एक-एक टेस्ट का परिणाम बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।

भारत

बांग्लादेश की जीत भारत के लिए अच्छी खबर जरूर है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि भारत सीधे WTC फाइनल की दौड़ में मजबूत स्थिति में पहुंच गया है। भारत को अभी अपने बाकी मैचों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा।

भारत को पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में 0-3 और फिर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 0-2 से हार का सामना करना पड़ा था। इन नतीजों ने भारत के पॉइंट प्रतिशत को काफी नुकसान पहुंचाया। ऐसे में दूसरे मुकाबलों के नतीजों का फायदा तभी मिलेगा जब भारतीय टीम अपने आगामी मैचों में जीत हासिल करे।

श्रीलंका

श्रीलंका के खिलाफ मौजूदा सीरीज भारत के लिए बेहद अहम है। अगर भारत दोनों टेस्ट जीतकर 2-0 से सीरीज अपने नाम करता है, तो उसके पॉइंट प्रतिशत में सुधार होगा और ऑस्ट्रेलिया की डार्विन वाली हार का फायदा उठाने का बेहतर मौका मिलेगा।

इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज भारत की WTC यात्रा का सबसे बड़ा पड़ाव बन सकती है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू मैदान पर ज्यादा से ज्यादा अंक हासिल करना भारत के लिए फाइनल की उम्मीदों को मजबूत करने का सबसे सीधा रास्ता होगा।

ऑस्ट्रेलिया

डार्विन में मिली हार ऑस्ट्रेलिया के लिए इसलिए भी बड़ा झटका है क्योंकि उसके पास मौजूदा WTC चक्र में अभी काफी टेस्ट बाकी हैं। इनमें भारत का दौरा सबसे महत्वपूर्ण माना जा सकता है। भारत में ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड भी पूरी तरह मजबूत नहीं रहा है और ऐसे में आने वाली पांच टेस्ट मैचों की सीरीज दोनों टीमों की WTC उम्मीदों को काफी हद तक प्रभावित कर सकती है।

ऑस्ट्रेलिया शायद भारत दौरे से पहले पर्याप्त बढ़त हासिल करना चाहता होगा, लेकिन बांग्लादेश से मिली हार ने उसकी स्थिति को थोड़ा कमजोर कर दिया है। अब उसे बाकी मुकाबलों में लगातार जीत हासिल करके अपने पॉइंट प्रतिशत को फिर से मजबूत करना होगा।

बांग्लादेश

बांग्लादेश के लिए डार्विन की जीत सिर्फ एक ऐतिहासिक विदेशी जीत नहीं है, बल्कि WTC अभियान के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण परिणाम है। टीम इससे पहले पाकिस्तान को उसकी घरेलू परिस्थितियों में 2-0 से हरा चुकी है और अब ऑस्ट्रेलिया को उसकी जमीन पर मात देकर उसने दिखाया है कि वह बड़े विरोधियों के खिलाफ भी मुकाबला जीत सकती है।

आगे बांग्लादेश के सामने वेस्टइंडीज और इंग्लैंड जैसी टीमों के खिलाफ घरेलू टेस्ट मुकाबले हैं। अगर वह इन मैचों में भी लगातार अंक हासिल करता है, तो उसकी WTC स्थिति और मजबूत हो सकती है। हालांकि, फाइनल तक पहुंचने की राह अभी लंबी है और उसे लगातार इसी स्तर का प्रदर्शन करना होगा।

मौका

भारत के लिए डार्विन का नतीजा एक अवसर जरूर है। ऑस्ट्रेलिया का पॉइंट प्रतिशत गिरने से फाइनल की रेस में अंतर कुछ कम हुआ है। लेकिन भारत को इस मौके को वास्तविक फायदा में बदलने के लिए मैदान पर जीत दर्ज करनी होगी।

अगर भारत श्रीलंका को 2-0 से हराता है और इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में मजबूत प्रदर्शन करता है, तो उसकी WTC स्थिति काफी बेहतर हो सकती है। दूसरी टीमों के नतीजे भारत की मदद कर सकते हैं, लेकिन सिर्फ दूसरे देशों की हार के भरोसे फाइनल तक पहुंचना संभव नहीं होगा।

चुनौती

भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती लगातार जीत हासिल करने की है। WTC में सिर्फ अच्छी टीम होना काफी नहीं है, क्योंकि पॉइंट प्रतिशत की गणना हर टेस्ट के नतीजे को महत्वपूर्ण बना देती है। एक हार जहां विरोधी टीम को फायदा पहुंचा सकती है, वहीं एक जीत सीधे फाइनल की दौड़ में स्थिति बदल सकती है।

इसलिए भारत को श्रीलंका के खिलाफ अपनी मौजूदा सीरीज से ही दबाव कम करना होगा। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया और बाकी मुकाबलों में टीम को लगातार अंक हासिल करने होंगे। डार्विन की जीत ने भारत के लिए दरवाजा थोड़ा खोला है, लेकिन उस दरवाजे से अंदर जाने के लिए भारत को खुद बेहतर क्रिकेट खेलना होगा।

समीकरण

डार्विन में बांग्लादेश की ऐतिहासिक जीत ने WTC फाइनल की रेस को अचानक ज्यादा रोमांचक बना दिया है। ऑस्ट्रेलिया अब भी तालिका में शीर्ष पर है, लेकिन उसका पॉइंट प्रतिशत कम हुआ है। बांग्लादेश ने अपनी स्थिति मजबूत की है और भारत को भी इस नतीजे से अप्रत्यक्ष फायदा मिला है।

हालांकि भारत के लिए असली काम अभी बाकी है। श्रीलंका के खिलाफ जीत, इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मजबूत प्रदर्शन और बाकी मुकाबलों में लगातार अंक हासिल करना उसकी फाइनल की राह तय करेगा। बांग्लादेश ने डार्विन में ऑस्ट्रेलिया को बड़ा झटका जरूर दिया है, लेकिन इस झटके का सबसे बड़ा फायदा भारत तभी उठा पाएगा जब वह खुद अपने आगामी टेस्ट मैचों में जीत की लय हासिल करे।

FAQs

बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को कहां हराया?

बांग्लादेश ने डार्विन में ऑस्ट्रेलिया को हराया।

ऑस्ट्रेलिया का WTC प्रतिशत कितना है?

हार के बाद ऑस्ट्रेलिया का PCT 77.78 प्रतिशत है।

भारत का WTC प्रतिशत कितना है?

बांग्लादेश WTC में किस स्थान पर है?

बांग्लादेश 66.67 प्रतिशत के साथ चौथे स्थान पर है।

भारत के लिए क्या जरूरी है?

भारत को श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ज्यादा टेस्ट जीतने होंगे।

Ehtesham Arif

I’m Ehtesham Arif, lead cricket analyst at Kricket Wala with over 3 years of experience in cricket journalism. I’m passionate about bringing you reliable match analysis and the latest updates from the world of cricket. My favorite team is India, and in the IPL, I support Delhi Capitals.

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