मारिजाने कैप ने अनाया बांगर की क्रिकेट वापसी पर उठाए सवाल, बोलीं- ‘इजाजत नहीं मिलनी चाहिए’

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Marizanne Kapp

दक्षिण अफ्रीका की स्टार ऑलराउंडर मारिजाने कैप ने ट्रांसजेंडर क्रिकेटर अनाया बांगर की ऑस्ट्रेलिया में competitive cricket में वापसी को लेकर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के फैसले पर सार्वजनिक रूप से असहमति जताई है। कैप ने ऑस्ट्रेलियाई मीडिया की उस रिपोर्ट को सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसमें अनाया को ऑस्ट्रेलिया में competitive cricket खेलने की eligibility मिलने की जानकारी दी गई थी।

इस रिपोर्ट को शेयर करते हुए कैप ने लिखा, “Absolutely ridiculous. This should not be allowed.” यानी उनका मानना है कि अनाया को इस तरह महिला क्रिकेट में खेलने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। कैप की इस प्रतिक्रिया के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है और women’s cricket में transgender खिलाड़ियों की participation को लेकर चल रही बहस तेज हो गई है।

अनाया

अनाया बांगर पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कोच संजय बांगर की संतान हैं। उन्होंने मार्च 2026 में gender-affirming surgery कराई थी और इसके बाद ऑस्ट्रेलिया में competitive cricket खेलने की eligibility को लेकर Cricket Australia से संपर्क किया। अनाया का मामला इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि वह कई वर्षों के बाद competitive cricket में वापसी की तैयारी कर रही हैं।

उन्होंने इस प्रक्रिया के दौरान अपनी eligibility को लेकर Cricket Australia की निर्धारित policy के तहत assessment कराया। CA ने उनके मामले को व्यक्तिगत तौर पर review किया और इसके लिए एक expert panel की मदद ली, ताकि medical, legal और integrity से जुड़े सभी पहलुओं को policy के मुताबिक देखा जा सके।

फैसला

Cricket Australia ने अनाया के मामले की समीक्षा अपने transgender और gender-diverse खिलाड़ियों से जुड़ी elite cricket policy के तहत की। इस review के बाद उन्हें मार्च 2027 तक ऑस्ट्रेलिया के किसी भी state या territory में premier cricket खेलने की अनुमति दी गई है। हालांकि, इस फैसले को किसी टीम में selection के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

इसका सीधा मतलब सिर्फ इतना है कि अनाया policy के तहत competitive cricket में हिस्सा लेने के लिए eligibility हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं। उन्हें किसी टीम में जगह पाने के लिए दूसरे खिलाड़ियों की तरह अपने प्रदर्शन के आधार पर selection की प्रक्रिया से गुजरना होगा। यानी Cricket Australia की अनुमति मैदान पर उतरने का रास्ता खोलती है, लेकिन टीम में जगह की कोई guarantee नहीं देती।

शर्तें

मार्च 2027 से elite women’s cricket में खेलने के लिए अनाया को Cricket Australia की policy में तय सभी eligibility requirements पूरी करनी होंगी। इसमें सबसे महत्वपूर्ण शर्त लगातार कम से कम 12 महीने तक serum testosterone level को 10 nmol/L से नीचे बनाए रखना है। CA ने उपलब्ध medical information की समीक्षा के आधार पर माना है कि अनाया मार्च 2027 में इस requirement को पूरा करेंगी।

इसके बावजूद ऑस्ट्रेलिया पहुंचने के बाद उन्हें blood testing के जरिए अपनी स्थिति की पुष्टि करनी होगी और policy में मौजूद अन्य सभी requirements को भी पूरा करना होगा। इसका मतलब है कि eligibility एक बार की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि निर्धारित criteria के आधार पर इसकी पुष्टि की जाएगी।

पैनल

अनाया के मामले की समीक्षा Cricket Australia के एक expert panel ने की, जिसमें integrity, legal, domestic cricket और medical background से जुड़े विशेषज्ञ शामिल थे। इस panel में CA की Head of Integrity Jackie Partridge, integrity और legal expert Emily Yates, domestic cricket से जुड़े Peter Roach और medical experts Dr Peter Harcourt तथा Dr Pip Inge शामिल थे।

इस तरह के panel का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी खिलाड़ी की eligibility का फैसला निर्धारित policy और उपलब्ध medical information के आधार पर किया जाए। CA ने अनाया के मामले में भी इसी प्रक्रिया के तहत assessment किया और फिर उन्हें तय conditions के साथ competitive cricket में वापसी का रास्ता दिया।

अनाया की बात

अनाया ने खुद भी स्पष्ट किया है कि Cricket Australia की मंजूरी को selection समझना सही नहीं होगा। उनके मुताबिक उन्हें सिर्फ competitive cricket में हिस्सा लेने का अवसर मिला है और किसी टीम में उनकी जगह पहले से तय नहीं है। अनाया का कहना है कि वह टीम में अपनी जगह अपने performance के दम पर हासिल करना चाहती हैं। उनके लिए यह कई वर्षों के बाद competitive cricket में लौटने का महत्वपूर्ण अवसर है।

उन्होंने यह भी कहा है कि उनका मामला transgender खिलाड़ियों को लेकर ज्यादा factual और responsible discussion को आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है। उनके मुताबिक इस तरह के मामलों में scientific information, individual assessment, fairness और respect जैसे पहलुओं को ध्यान में रखना जरूरी है।

आपत्ति

मारिजाने कैप की प्रतिक्रिया ने women’s cricket में transgender खिलाड़ियों की participation को लेकर चल रही बहस को फिर से सामने ला दिया है। कैप ने इस फैसले का समर्थन करने के बजाय साफ तौर पर इसका विरोध किया और इसे स्वीकार करने योग्य नहीं बताया।

उनकी आपत्ति उस बड़ी बहस का हिस्सा है जिसमें women’s cricket में competitive fairness और eligibility को लेकर अलग-अलग सवाल उठते रहे हैं। इस मुद्दे पर क्रिकेट जगत में सभी की राय एक जैसी नहीं है। कुछ लोग transgender खिलाड़ियों को खेल में अवसर और inclusion देने की बात करते हैं, जबकि दूसरी तरफ कुछ लोग महिला खिलाड़ियों के लिए competitive fairness और sporting integrity को लेकर चिंता जताते हैं।

बहस

अनाया बांगर का मामला इसी वजह से सिर्फ एक खिलाड़ी की cricket comeback story तक सीमित नहीं है। यह women’s cricket में eligibility, inclusion, medical criteria और competitive fairness जैसे कई महत्वपूर्ण सवालों को एक साथ सामने लाता है। अलग-अलग cricket boards अपने rules और policies के तहत transgender और gender-diverse खिलाड़ियों की eligibility का assessment करते हैं और इन policies में समय के साथ बदलाव भी हो सकते हैं।

Cricket Australia ने भी अनाया के मामले में अपनी निर्धारित policy और expert assessment को आधार बनाया है। वहीं मारिजाने कैप की प्रतिक्रिया दिखाती है कि इस विषय पर sporting community के भीतर अभी भी मजबूत और अलग-अलग opinions मौजूद हैं।

अगला कदम

फिलहाल अनाया बांगर के लिए सबसे अहम लक्ष्य मार्च 2027 तक Cricket Australia की eligibility requirements को पूरा करना है। इसके बाद उन्हें competitive cricket में खुद को साबित करने और किसी टीम में जगह बनाने के लिए अपने performance पर निर्भर रहना होगा। CA का फैसला उन्हें मैदान तक पहुंचने का अवसर देता है, लेकिन selection उनके cricketing performance और टीम की जरूरतों पर निर्भर करेगा।

दूसरी ओर, मारिजाने कैप की तीखी प्रतिक्रिया ने इस मामले को international cricket में एक बड़ी चर्चा का विषय बना दिया है। आने वाले समय में अनाया की competitive cricket में वापसी, उनका प्रदर्शन और Cricket Australia की transgender eligibility policy का practical implementation यह तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है कि यह मामला women’s cricket में transgender participation की बहस को किस दिशा में आगे ले जाता है।

Ehtesham Arif

I’m Ehtesham Arif, lead cricket analyst at Kricket Wala with over 3 years of experience in cricket journalism. I’m passionate about bringing you reliable match analysis and the latest updates from the world of cricket. My favorite team is India, and in the IPL, I support Delhi Capitals.

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