मोहम्मद कैफ ने शुबमन गिल की कप्तानी पर उठाए सवाल, बोले- ‘मदद की तलाश में दिखे’

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Shubman Gill

श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट ड्रॉ होने के बाद भारतीय टीम की कप्तानी और रणनीति को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत के पास दो मैचों की टेस्ट सीरीज को 2-0 से जीतने का अच्छा मौका था, लेकिन मैच के आखिरी दिन टीम सिर्फ दो विकेट ही हासिल कर सकी और आखिरकार सीरीज 1-0 से अपने नाम करनी पड़ी।

इसी मैच के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने शुबमन गिल की कप्तानी को लेकर अपनी राय रखी और कहा कि मुश्किल परिस्थितियों में भारतीय कप्तान टीम के भीतर से पर्याप्त मदद और अनुभवी नेतृत्व तलाशते हुए नजर आए। कैफ के मुताबिक, गिल के पास टीम में कुछ अनुभवी खिलाड़ी जरूर हैं, लेकिन कप्तानी के लिहाज से उन्हें वैसा मजबूत सपोर्ट सिस्टम नहीं मिला, जिसकी जरूरत टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे और दबाव वाले format में होती है।

कप्तानी

कोलंबो टेस्ट के आखिरी दिन भारत को जीत के लिए सिर्फ चार विकेट की जरूरत थी और टीम शुरुआत में मजबूत स्थिति में भी नजर आ रही थी। लेकिन श्रीलंका के सोनल दिनुषा ने शानदार शतक लगाकर भारतीय गेंदबाजों के सामने मुश्किलें खड़ी कर दीं। उनके साथ असिथा फर्नांडो ने भी क्रीज पर काफी समय बिताया और भारतीय टीम को विकेट के लिए लगातार इंतजार करना पड़ा। इसी दौरान मोहम्मद कैफ को शुबमन गिल की कप्तानी में वह आत्मविश्वास और स्पष्टता नजर नहीं आई, जिसकी उनसे उम्मीद की जा रही थी।

कैफ ने अपने YouTube channel पर कहा कि गिल कई बार गेंदबाजों से बातचीत करते हुए ऐसे दिखाई दिए जैसे वह किसी समाधान की तलाश कर रहे हों। उनके मुताबिक, भारतीय कप्तान के आसपास अनुभवी नेतृत्व की कमी भी इस स्थिति में साफ नजर आई। कैफ ने कहा कि टीम में केएल राहुल उपकप्तान हैं, ऋषभ पंत मौजूद हैं और रवींद्र जडेजा करीब 90 टेस्ट मैच खेल चुके हैं, लेकिन उनके अनुसार इन खिलाड़ियों की मौजूदगी को कप्तानी में उस तरह इस्तेमाल नहीं किया गया, जिससे गिल को मुश्किल समय में ज्यादा मदद मिल सके।

अनुभव

मोहम्मद कैफ की आलोचना का सबसे बड़ा हिस्सा शुबमन गिल के leadership experience से जुड़ा है। उनका मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में कप्तानी सिर्फ field placements या bowling changes करने तक सीमित नहीं होती, बल्कि पांच दिनों तक बदलती परिस्थितियों को पढ़ना, दबाव को संभालना और सही समय पर सही फैसला लेना भी उतना ही जरूरी होता है। कैफ ने गिल के घरेलू क्रिकेट के अनुभव का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय कप्तान ने रणजी ट्रॉफी में केवल दो मैचों में कप्तानी की है।

उनके मुताबिक, गिल के पास white-ball cricket में नेतृत्व का अनुभव जरूर है, लेकिन चार या पांच दिन चलने वाले first-class cricket में कप्तानी का अनुभव काफी सीमित है। कैफ का मानना है कि घरेलू red-ball cricket में लंबे समय तक कप्तानी करने से खिलाड़ी को अलग-अलग परिस्थितियों में फैसले लेने, गेंदबाजों को समझने और मैच की दिशा बदलने का अनुभव मिलता है। यही अनुभव बाद में international Test cricket में कप्तानी करते समय काफी काम आता है।

रणनीति

कोलंबो टेस्ट के आखिरी दिन भारत की strategy भी मोहम्मद कैफ की आलोचना का हिस्सा रही। उन्होंने खास तौर पर सोनल दिनुषा के खिलाफ भारतीय गेंदबाजों की planning और execution पर सवाल उठाए। कैफ के अनुसार, भारत के गेंदबाज कई मौकों पर उस strategy को सही तरीके से लागू नहीं कर पाए, जिसके जरिए श्रीलंकाई बल्लेबाज पर दबाव बनाया जा सकता था।

उन्होंने दो leg-side wides का उदाहरण देते हुए कहा कि जब टीम का उद्देश्य बल्लेबाज को लगातार dot balls के जरिए दबाव में लाना था, तब गेंदबाजों की तरफ से हुई छोटी गलतियों ने श्रीलंका के बल्लेबाजों को राहत दी। टेस्ट क्रिकेट में ऐसी छोटी गलतियां कई बार बहुत बड़ा अंतर पैदा कर देती हैं। एक खराब गेंद बल्लेबाज को दबाव से बाहर निकाल सकती है और फिर वह आसानी से strike rotate करके अपनी पारी को आगे बढ़ा सकता है। कैफ को लगा कि भारत ने दिनुषा के खिलाफ योजना तो बनाई, लेकिन उसे मैदान पर उतनी प्रभावी तरह से लागू नहीं किया गया।

बदलाव

भारतीय टेस्ट टीम फिलहाल एक बदलाव के दौर से गुजर रही है और शुबमन गिल इसी नए phase में टीम की कप्तानी संभाल रहे हैं। रोहित शर्मा के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद गिल को यह जिम्मेदारी दी गई और टीम management ने उन्हें भविष्य के leader के तौर पर देखा। गिल को Gujarat Titans के साथ IPL में कप्तानी का अनुभव मिला है और घरेलू क्रिकेट में Punjab से भी उनका जुड़ाव रहा है, लेकिन Test captaincy का दबाव और परिस्थितियां पूरी तरह अलग होती हैं।

कैफ का मानना है कि white-ball cricket में मिली leadership experience को Test cricket में पूरी तरह translate करने में समय लग सकता है। टेस्ट मैच में कप्तान को पांच दिनों तक pitch, मौसम, गेंदबाजों की fitness, बल्लेबाजों की मानसिक स्थिति और opposition की strategy जैसे कई पहलुओं पर लगातार नजर रखनी पड़ती है। इसलिए गिल के लिए यह एक learning phase भी है, जहां हर कठिन मैच उन्हें भविष्य के लिए ज्यादा अनुभवी बना सकता है।

नेतृत्व

मोहम्मद कैफ ने यह भी समझाने की कोशिश की कि युवा कप्तान को अनुभवी खिलाड़ियों के साथ लंबे समय तक काम करने का मौका क्यों मिलना चाहिए। उनके मुताबिक, अगर किसी युवा खिलाड़ी को एक-दो साल तक senior players के साथ leadership role में काम करने का अवसर मिलता है, तो वह धीरे-धीरे कप्तानी के अलग-अलग पहलुओं को समझ सकता है। इस दौरान उसे पता चलता है कि दबाव में किस खिलाड़ी से कब बात करनी है, किस गेंदबाज को किस परिस्थिति में इस्तेमाल करना है और कब attacking approach अपनानी है।

भारत के मौजूदा Test setup में केएल राहुल, ऋषभ पंत और रवींद्र जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ी हैं, लेकिन कैफ का मानना है कि टीम में मौजूद experience को leadership support में और बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता था। उनकी बात का मतलब यह नहीं है कि गिल कप्तानी के लायक नहीं हैं, बल्कि उनका सवाल यह है कि क्या उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए पर्याप्त red-ball leadership experience और senior guidance मिला है।

आलोचना

कैफ की टिप्पणी को शुबमन गिल की पूरी कप्तानी को खारिज करने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनकी मुख्य चिंता यह है कि युवा कप्तान को international Test cricket में शुरुआत करते समय किस तरह का support system मिल रहा है। कप्तानी एक ऐसा skill है जो सिर्फ किताबों या practice sessions से नहीं सीखा जा सकता। अलग-अलग परिस्थितियों में फैसले लेने, गलतियों से सीखने और pressure situations को संभालने के बाद ही कोई कप्तान धीरे-धीरे मजबूत होता है।

कोलंबो टेस्ट में भारत जीत के काफी करीब था, लेकिन आखिरी दिन श्रीलंका के बल्लेबाजों ने जिस तरह resistance दिखाया, उसने गिल के सामने एक कठिन captaincy challenge जरूर रखा। ऐसे मुकाबले युवा कप्तान के लिए सीखने का मौका भी होते हैं, क्योंकि उन्हें पता चलता है कि भविष्य में ऐसी स्थिति आने पर strategy और execution में किस तरह बदलाव करना है।

आगे

कोलंबो टेस्ट का ड्रॉ भारत के लिए निराशाजनक जरूर रहा, क्योंकि टीम मैच जीतने की स्थिति में पहुंच चुकी थी। हालांकि, सिर्फ एक टेस्ट या एक खराब session के आधार पर शुबमन गिल की कप्तानी का अंतिम मूल्यांकन करना जल्दबाजी होगी। गिल अभी अपने Test captaincy career के शुरुआती दौर में हैं और आने वाले मुकाबलों में उन्हें लगातार बेहतर होने का मौका मिलेगा।

मोहम्मद कैफ की टिप्पणी का मूल संदेश यही है कि गिल को Test captain के तौर पर विकसित होने के लिए ज्यादा red-ball leadership experience और senior players के मजबूत support की जरूरत हो सकती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले टेस्ट मैचों में गिल इस तरह की मुश्किल परिस्थितियों से क्या सीखते हैं और अपनी bowling changes, field placements और match strategy में किस तरह सुधार करते हैं। अगर वह इन अनुभवों का सही इस्तेमाल करते हैं, तो यही कठिन मुकाबले भविष्य में उन्हें एक ज्यादा mature और confident Test captain बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

Ehtesham Arif

I’m Ehtesham Arif, lead cricket analyst at Kricket Wala with over 3 years of experience in cricket journalism. I’m passionate about bringing you reliable match analysis and the latest updates from the world of cricket. My favorite team is India, and in the IPL, I support Delhi Capitals.

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