Afghanistan T20Is से पहले BCCI पर सवाल, थके खिलाड़ियों को आराम क्यों नहीं?

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BCCI

Indian cricket में खिलाड़ियों के लगातार बढ़ते workload को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। Sunil Gavaskar ने हाल ही में ICC को खिलाड़ियों के व्यस्त schedule के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा था कि Indian cricketers मशीन नहीं हैं, जिन्हें लगातार इस्तेमाल किया जाता रहे। लेकिन इस बहस में सिर्फ ICC ही नहीं, BCCI की जिम्मेदारी पर भी ध्यान देना जरूरी है।

BCCI दुनिया का सबसे ताकतवर cricket board माना जाता है और कई मौकों पर उसने international cricket के schedule को प्रभावित भी किया है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब Indian players लगातार अलग-अलग tournaments और series में खेल रहे हैं, तो उन्हें पर्याप्त rest देने के लिए board खुद कितना कदम उठा रहा है।

Duleep Trophy

हाल का Duleep Trophy final इसका एक बड़ा उदाहरण है। Ishan Kishan और Tilak Varma, जिन्हें Afghanistan के खिलाफ तीन मैचों की T20I series के लिए India squad में शामिल किया गया है, series शुरू होने से करीब 72 घंटे पहले तक Chennai की गर्म परिस्थितियों में Duleep Trophy final खेल रहे थे।

Kishan ने final में 270 और 80 रन की पारियां खेलीं, जबकि Tilak Varma ने 99 रन बनाए। Varma के लिए workload और भी ज्यादा था क्योंकि वह South Zone के captain थे और East Zone की लंबी batting के दौरान उन्हें काफी समय तक fielding भी करनी पड़ी।

आराम की जरूरत

ऐसे demanding final के तुरंत बाद दोनों खिलाड़ियों को Afghanistan series से आराम दिया जा सकता था। Afghanistan के खिलाफ series में India के जीतने की उम्मीद काफी ज्यादा है, इसलिए इस मौके पर key players को break देना ज्यादा practical फैसला हो सकता था।

अगर किसी मुकाबले में unexpected result भी आता है, तो उसका असर बहुत बड़ा नहीं होगा। इसके मुकाबले खिलाड़ियों को recovery का समय मिलने से long-term में ज्यादा फायदा हो सकता है, खासकर तब जब पूरे season में उनके सामने लगातार cricket मौजूद है।

लगातार Cricket

यह पहली बार नहीं है जब BCCI के schedule को लेकर सवाल उठे हैं। 2026 IPL खत्म होने के कुछ ही दिनों बाद Shubman Gill की कप्तानी वाली Indian Test team ने Afghanistan के खिलाफ New Chandigarh में one-off Test खेला था। इसके बाद उसी opposition के खिलाफ तीन मैचों की ODI series भी हुई।

इसके साथ India A का schedule भी काफी व्यस्त रहा है। जून में India A ने Sri Lanka का दौरा किया, जहां one-day tri-series में Vaibhav Sooryavanshi और Tilak Varma खेले। इसके बाद four-day matches में Devdutt Padikkal, Sai Sudharsan, Dhruv Jurel और Gurnoor Brar जैसे players ने हिस्सा लिया।

India A

अब 22 सितंबर से Puducherry में Australia A के खिलाफ दो मैचों की four-day series शुरू होनी है। इसके बाद one-day games भी खेले जाएंगे। यानी domestic cricket, India A और senior international cricket के बीच players के लिए लगातार मैदान पर बने रहना आसान नहीं है।

Duleep Trophy final के लिए Mohammed Siraj और Devdutt Padikkal को भी आखिरी समय में South Zone squad में शामिल किया गया था। इससे यह साफ होता है कि अलग-अलग competitions में खिलाड़ियों की जरूरत और workload लगातार बढ़ रहा है।

Injury चिंता

पिछले एक साल में कई बड़े Indian players injuries से जूझ चुके हैं। Jasprit Bumrah, Harshit Rana, Nitish Kumar Reddy, Sai Sudharsan, Hardik Pandya, Varun Chakaravarthy, Washington Sundar, Akash Deep और Shubman Gill जैसे खिलाड़ियों को injury problems का सामना करना पड़ा है।

ऐसे में workload management को सिर्फ एक सामान्य discussion मानना सही नहीं होगा। लगातार cricket खेलने से players की recovery प्रभावित हो सकती है और injury का risk भी बढ़ सकता है। अगर किसी खिलाड़ी को लंबे समय के लिए बाहर होना पड़े, तो उसका नुकसान team को ज्यादा बड़ा उठाना पड़ सकता है।

BCCI Review

मुंबई में हाल ही हुई BCCI की review meeting में Secretary Devajit Saikia ने भी माना था कि players बहुत ज्यादा cricket खेल रहे हैं और इसकी वजह से injuries सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा था कि board इस समस्या का solution तलाशने की कोशिश कर रहा है।

यह स्वीकार करना कि समस्या मौजूद है, पहला कदम जरूर है, लेकिन असली चुनौती उसे कम करना है। अगर schedule लगातार भरा रहेगा और हर series में main players से खेलने की उम्मीद की जाएगी, तो सिर्फ injury होने के बाद workload management करना काफी नहीं होगा।

Second String

एक सुझाव यह हो सकता है कि Afghanistan जैसी series में main squad के बजाय second-string team को ज्यादा मौके दिए जाएं। लेकिन यहां भी समस्या आसान नहीं है। India के reserve players भी domestic tournaments, India A matches और अलग-अलग leagues में लगातार cricket खेल रहे हैं।

इसलिए सिर्फ senior players को हटाकर workload की समस्या पूरी तरह हल नहीं की जा सकती। Board को पूरे cricket calendar को एक साथ देखकर यह तय करना होगा कि कौन सा player कब खेले, कब rest करे और किस competition में किस तरह की squad उतारी जाए।

आगे की राह

Indian cricket की bench strength मजबूत है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर खिलाड़ी को बिना रुके लगातार cricket खिलाया जाए। Young players को भी recovery, fitness और मानसिक तौर पर तैयार होने के लिए पर्याप्त समय चाहिए।

BCCI को ICC के साथ schedule को लेकर बात जरूर करनी चाहिए, लेकिन उसे अपने domestic और international calendar को भी अंदर से देखना होगा। Players की wellbeing और long-term career को priority देना जरूरी है, क्योंकि ज्यादा cricket हमेशा बेहतर cricket नहीं होता।

असल चुनौती

India के लिए यह एक complex problem है, जिसका कोई एक आसान solution नहीं है। International series, IPL, domestic cricket, India A और दूसरे tournaments सभी की अपनी importance है। लेकिन इनके बीच सही balance बनाना BCCI की बड़ी जिम्मेदारी है।

खिलाड़ियों से लगातार प्रदर्शन की उम्मीद करने के साथ उन्हें recovery का समय देना भी उतना ही जरूरी है। Afghanistan T20Is जैसी series शायद BCCI के लिए इसी balance को परखने का मौका है। समस्या को स्वीकार करना अच्छी शुरुआत है, लेकिन अब जरूरत ऐसे ठोस फैसलों की है जिनसे Indian cricketers लंबे समय तक fit और fresh रह सकें।

Ehtesham Arif

I’m Ehtesham Arif, lead cricket analyst at Kricket Wala with over 3 years of experience in cricket journalism. I’m passionate about bringing you reliable match analysis and the latest updates from the world of cricket. My favorite team is India, and in the IPL, I support Delhi Capitals.

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