Ishan Kishan का बड़ा बदलाव, Ishank Jaggi ने बताया कैसे मुश्किल दौर ने बदला खेल

Published On:
Ishan Kishan

करीब 14 साल पहले Ishank Jaggi को Duleep Trophy में East Zone की जीत के दौरान Player of the Match चुना गया था। अब इतने लंबे इंतजार के बाद East Zone ने फिर से Duleep Trophy का खिताब जीता और इस बार Ishan Kishan ने फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए Player of the Match का अवॉर्ड अपने नाम किया। Jaggi के लिए यह पल सिर्फ एक पुरानी याद को ताजा करने वाला नहीं था, बल्कि उनके लिए बेहद personal भी था।

Jaggi ने Kishan को तब से देखा है, जब वह करीब 16 साल के थे। दोनों पहले teammate रहे और समय के साथ उनका रिश्ता mentor और student में बदल गया। Jaggi ने बाद में अपनी cricket academy में भी Kishan के साथ काम किया और coach के तौर पर उनके game को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाई।

भाई जैसा रिश्ता

Ishank और Ishan के नाम में भी एक दिलचस्प समानता है, लेकिन दोनों के बीच का रिश्ता सिर्फ नाम की वजह से खास नहीं है। Jaggi ने किशोर उम्र से Kishan की batting, attitude और career को करीब से देखा है। उन्होंने एक talented और aggressive young batter को धीरे-धीरे ज्यादा mature और जिम्मेदार cricketer बनते हुए देखा है।

Jaggi के मुताबिक Kishan में शुरुआत से ही fighting spirit और आगे बढ़ने की भूख थी। समय के साथ इसमें experience और maturity जुड़ गई, जिसने उनके खेल को एक अलग दिशा दी। यही बदलाव अब उनके प्रदर्शन में भी साफ दिखाई देता है।

मुश्किल दौर

2024 में India team से जगह गंवाने और BCCI central contract से बाहर होने के बाद Kishan के career में एक मुश्किल दौर आया। Jaggi मानते हैं कि यह phase उनके लिए एक बड़ा turning point साबित हुआ। उनके मुताबिक जब कोई खिलाड़ी अपने career में सबसे निचले दौर पर पहुंचता है, तो वह अपने game और future के बारे में ज्यादा गहराई से सोचने लगता है।

Kishan ने भी इस setback को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। उन्होंने batting के साथ fitness, nutrition और preparation पर काफी काम किया। सबसे जरूरी बात यह रही कि उन्होंने अपने game को समझने और अपनी strengths के साथ weaknesses पर भी काम करने की कोशिश की।

नई सोच

Jaggi को Kishan के खेल में सबसे बड़ा बदलाव उनकी aggression को control करने की क्षमता में नजर आता है। पहले Kishan को एक ऐसे batter के तौर पर देखा जाता था जो शुरुआत से ही attacking cricket खेलना पसंद करता है। अब वह जरूरत के हिसाब से अपनी approach बदल सकते हैं और लंबे समय तक innings को build करने की क्षमता भी दिखा रहे हैं।

यही maturity उन्हें पहले के मुकाबले ज्यादा complete cricketer बनाती है। Jaggi का मानना है कि अब Kishan सिर्फ अपने natural game पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि match situation और team की जरूरत को समझकर अपना खेल बदलने की कोशिश करते हैं।

SRH का असर

Sunrisers Hyderabad के साथ Kishan का समय भी उनके development में काफी अहम रहा। Mumbai Indians में वह एक star-studded batting line-up का हिस्सा थे, लेकिन SRH में उन्हें ज्यादा responsibility मिली। 2026 IPL के शुरुआती हिस्से में Pat Cummins की गैरमौजूदगी में stand-in skipper की भूमिका मिलने से उनके ऊपर leadership की जिम्मेदारी भी आई।

Jaggi के अनुसार किसी खिलाड़ी को जिम्मेदारी देना उसके development को तेज कर सकता है। Kishan के मामले में भी ऐसा ही हुआ। Leadership और pressure ने उन्हें सिर्फ batter के तौर पर नहीं, बल्कि एक ज्यादा जिम्मेदार team player के रूप में भी आगे बढ़ने का मौका दिया।

जबरदस्त वापसी

Kishan ने अपनी comeback journey domestic cricket से शुरू की और लगातार मिले मौकों का फायदा उठाया। उन्होंने अपने performances से selectors का भरोसा दोबारा हासिल किया और धीरे-धीरे India की plans में वापस जगह बनाई। आखिरकार उनकी मेहनत का नतीजा national T20 setup में वापसी के रूप में सामने आया।

Jaggi के लिए यह वापसी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने Kishan को career के अच्छे और मुश्किल दोनों दौर में करीब से देखा है। एक युवा खिलाड़ी के तौर पर जिस Kishan को उन्होंने dressing room में देखा था, वही खिलाड़ी अब बड़े मंच पर ज्यादा maturity के साथ अपनी पहचान बना रहा है।

पुराना रिकॉर्ड

East Zone के Duleep Trophy final में पहुंचने के बाद Jaggi को social media पर एक पुराने moment की याद दिलाई गई। किसी ने उन्हें tag करके बताया कि 2012 के final में जब East Zone ने आखिरी बार trophy जीती थी, तब Jaggi Player of the Match बने थे।

Jaggi ने बताया कि उन्होंने खुद इस coincidence के बारे में नहीं सोचा था। जब किसी ने उन्हें social media पर tag किया, तभी उन्हें एहसास हुआ कि करीब 14 साल बाद वही trophy जीतने वाली East Zone team में Kishan ने भी Player of the Match का अवॉर्ड हासिल किया है।

फोकस आज पर

इन समानताओं के बावजूद Jaggi अपने playing days को लेकर nostalgia में नहीं रहना चाहते। उनका कहना है कि उनका playing career खत्म हो चुका है और अब उनका पूरा focus current generation पर है। उनके लिए सबसे ज्यादा खुशी की बात यह है कि East Zone और Jharkhand से आने वाले नए players लगातार आगे बढ़ रहे हैं।

लेकिन इस पूरी कहानी में Kishan का स्थान Jaggi के लिए सबसे अलग है। उन्होंने साफ कहा कि वह Ishan के लिए बेहद खुश हैं और उसे अपने छोटे भाई की तरह मानते हैं। यही वजह है कि Kishan की वापसी और सफलता Jaggi के लिए सिर्फ cricket की achievement नहीं, बल्कि एक personal खुशी भी है।

खास संतोष

जब Ishan Kishan ने East Zone को 14 editions के बाद Duleep Trophy जिताई और trophy उठाई, तब Jaggi के सामने उनके पूरे सफर की तस्वीर जैसे फिर से सामने आ गई। एक teenage player से लेकर national-level cricketer बनने तक Kishan ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं।

Jaggi ने coach और mentor के तौर पर इस journey को बहुत करीब से देखा है। उनके लिए सबसे बड़ा satisfaction यह है कि Kishan ने मुश्किल दौर को अपनी कमजोरी बनने देने के बजाय उसे अपनी maturity और बेहतर cricket में बदल दिया। 2012 में Jaggi का Player of the Match बनना और करीब 14 साल बाद Kishan का वही उपलब्धि दोहराना इस कहानी को और भी खास बना देता है।

Ehtesham Arif

I’m Ehtesham Arif, lead cricket analyst at Kricket Wala with over 3 years of experience in cricket journalism. I’m passionate about bringing you reliable match analysis and the latest updates from the world of cricket. My favorite team is India, and in the IPL, I support Delhi Capitals.

Leave a Comment