न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले T20I में शानदार जीत हासिल करने के बाद भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज Sanju Samson ने आलोचनाओं और सोशल मीडिया पर होने वाली चर्चाओं को लेकर अपनी बात रखी।
उन्होंने साफ कहा कि वह किसी को गलत साबित करने या आलोचकों को चुप कराने के लिए क्रिकेट नहीं खेलते, बल्कि उनका पूरा ध्यान अपनी तैयारी, मेहनत और खेल पर रहता है। भारत ने इस मुकाबले में 230 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए चार विकेट से जीत दर्ज की और T20I क्रिकेट में अपना सबसे बड़ा सफल रन चेज पूरा किया।
मैच खत्म होने के बाद Samson ने बताया कि भारतीय टीम के लिए खेलना आसान नहीं होता, क्योंकि खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर लगातार लोगों की राय और प्रतिक्रियाएं आती रहती हैं। ऐसे माहौल में जरूरी है कि खिलाड़ी बाहरी बातों से प्रभावित होने के बजाय अपने खेल और तैयारी पर भरोसा बनाए रखें।
आलोचनाओं पर जवाब
Sanju Samson ने मैच के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि खिलाड़ियों को सोशल मीडिया या दूसरे लोगों की बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए। उनके मुताबिक, भारतीय टीम के लिए खेलते समय काफी दबाव और चर्चा का सामना करना पड़ता है, क्योंकि हर व्यक्ति की अपनी राय होती है।
ऐसे में खिलाड़ी को अपने लिए सही माहौल बनाना चाहिए और उस प्रक्रिया पर भरोसा रखना चाहिए, जिसके जरिए वह मैदान पर बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। Samson ने कहा कि वह अपनी प्रैक्टिस का सम्मान करते हैं, खेल को प्राथमिकता देते हैं और उन चीजों पर ध्यान लगाते हैं, जिन्हें उनके नियंत्रण में रखा जा सकता है।
उनके इस बयान से साफ है कि वह बाहरी आलोचनाओं के बजाय अपनी तैयारी और प्रदर्शन को अहमियत देते हैं। उनका मानना है कि क्रिकेट में आगे बढ़ने के लिए अपने काम पर ध्यान देना और खेल को सरल बनाए रखना जरूरी है।
शानदार बल्लेबाजी
न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले T20I में Sanju Samson ने भारतीय पारी को तेज शुरुआत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने सिर्फ 33 गेंदों पर 67 रन बनाए और शुरुआत से ही न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के कारण भारत बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए मुकाबले में मजबूत स्थिति में पहुंच गया था।
हालांकि, Samson के आउट होने के बाद भारतीय मध्यक्रम लड़खड़ा गया और कुछ विकेट जल्दी गिरने से मैच रोमांचक हो गया। ऐसे समय में Naman Dhir ने जिम्मेदारी संभाली और केवल 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन बनाकर भारत को जीत दिला दी।
भारत ने 230 रन के लक्ष्य को छह विकेट खोकर हासिल किया और पारी की आखिरी दो गेंदें बाकी रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत ने टीम की बल्लेबाजी की ताकत के साथ मुश्किल परिस्थितियों में वापसी करने की क्षमता भी दिखाई।
आक्रामक रणनीति
Samson ने भारत की आक्रामक बल्लेबाजी की रणनीति की भी तारीफ की। उन्होंने बताया कि टीम पावरप्ले, मिडिल ओवर्स और डेथ ओवर्स में अलग-अलग योजनाओं के साथ खेलती है, ताकि मैच की स्थिति के अनुसार रन बनाने की गति बनाए रखी जा सके।
उनके मुताबिक, अगर लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम को शुरुआत में तेजी से रन मिलते हैं, तो कोशिश रहती है कि उसी लय को आगे भी बरकरार रखा जाए। Samson ने कहा कि भारतीय टीम पिछले कुछ वर्षों से इसी अंदाज में क्रिकेट खेलने पर भरोसा कर रही है।
2024 T20 World Cup जीतने के बाद भी टीम ने अपने आक्रामक रवैये को बनाए रखा है। उनका मानना है कि इस तरह का खेल भारतीय बल्लेबाजों को अपनी क्षमता का पूरा इस्तेमाल करने का मौका देता है और बड़े लक्ष्यों का पीछा करते समय टीम को फायदा पहुंचा सकता है।
टीम पर भरोसा
Sanju Samson ने यह भी कहा कि भारतीय टीम को अपनी रणनीति पर भरोसा बनाए रखना चाहिए, भले ही हर मैच में इसका नतीजा उम्मीद के मुताबिक न आए। उनके अनुसार, टीम का मकसद उन चीजों को मजबूत करना होना चाहिए, जो पहले से अच्छी तरह काम कर रही हैं।
खिलाड़ियों को अपनी ताकत पहचानकर उसी के हिसाब से खेलना चाहिए और व्यक्तिगत प्रदर्शन से ऊपर टीम के हित को रखना चाहिए। बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय जोखिम लेना जरूरी होता है, लेकिन सही तैयारी और टीम की रणनीति पर भरोसा खिलाड़ियों को दबाव में भी बेहतर फैसले लेने में मदद करता है।
भारत की न्यूजीलैंड के खिलाफ चार विकेट से मिली जीत इसी आक्रामक सोच का उदाहरण रही, जहां तेज शुरुआत के बाद मध्यक्रम के विकेट गिरने के बावजूद Naman Dhir ने मैच खत्म कर दिया।
सीरीज में बढ़त
न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले T20I में जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। इस मुकाबले में भारतीय टीम ने 230 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए अपना अब तक का सबसे बड़ा सफल T20I रन चेज दर्ज किया।
Sanju Samson की 67 रन की पारी ने टीम को मजबूत शुरुआत दी, जबकि Naman Dhir की नाबाद 42 रन की तेज पारी ने जीत सुनिश्चित की। अब भारतीय टीम की नजर अगले मुकाबले में भी इसी लय को बनाए रखने पर होगी। टीम चाहेगी कि बल्लेबाजों का आक्रामक अंदाज जारी रहे और गेंदबाजी विभाग भी न्यूजीलैंड को रोकने में अहम भूमिका निभाए।
पहले मैच की जीत ने भारत का आत्मविश्वास बढ़ाया है, लेकिन सीरीज में अभी चार मुकाबले बाकी हैं और न्यूजीलैंड वापसी करने की पूरी कोशिश करेगा।










