भारतीय क्रिकेट में 15 साल के युवा बल्लेबाज Vaibhav Sooryavanshi को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। फैंस उन्हें टीम इंडिया की प्लेइंग XI में खेलते हुए देखना चाहते हैं, लेकिन हर मैच में उन्हें मौका नहीं मिल रहा।
अब भारत के बैटिंग कोच Sitanshu Kotak ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि वैभव बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और उनका भविष्य शानदार हो सकता है, लेकिन किसी खिलाड़ी को सिर्फ इसलिए प्लेइंग XI में शामिल नहीं किया जा सकता, क्योंकि लोग उसे खेलते हुए देखना चाहते हैं।
कोटक के मुताबिक, वैभव के आसपास जरूरत से ज्यादा Hype बनना उनके लिए ही नहीं, बल्कि टीम के दूसरे खिलाड़ियों के लिए भी सही नहीं है। टीम में जगह देने का फैसला खिलाड़ी की प्रतिभा के साथ-साथ मौजूदा प्रदर्शन और टीम की जरूरत को ध्यान में रखकर किया जाता है।
Hype पर चिंता
न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे T20I से पहले Sitanshu Kotak ने कहा कि शुरुआत में वैभव सूर्यवंशी को लेकर काफी चर्चा होने लगी थी और हर तरफ से उन्हें खिलाने की मांग की जा रही थी। कोटक का मानना है कि इतनी कम उम्र के खिलाड़ी पर लगातार इस तरह का दबाव डालना सही नहीं है।
जब लोग बार-बार कहते हैं कि वैभव को खेलना चाहिए या उन्हें टीम में मौका क्यों नहीं मिल रहा, तो इसका असर खिलाड़ी के साथ-साथ उन ओपनर्स पर भी पड़ता है, जो टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वैभव सिर्फ 15 साल के हैं और अभी उनके पास सीखने तथा आगे बढ़ने के लिए काफी समय है।
कोच के मुताबिक, वह इस तरह की बाहरी चर्चाओं को नियंत्रित नहीं कर सकते, लेकिन उन्हें यह देखकर दुख होता है कि एक युवा खिलाड़ी के चयन को लेकर जरूरत से ज्यादा दबाव बनाया जा रहा है।
प्लेइंग XI का फैसला
भारतीय टीम ने अब तक ज्यादातर मुकाबलों में Sanju Samson, Abhishek Sharma और Ishan Kishan जैसे खिलाड़ियों को टॉप ऑर्डर में प्राथमिकता दी है। इसकी एक बड़ी वजह उनका प्रदर्शन और टीम में उनकी भूमिका है।
Sitanshu Kotak ने कहा कि वैभव अब पहले से ज्यादा समझदार हो गए हैं और वह यह समझने लगे हैं कि अगर संजू या अभिषेक अच्छा खेल रहे हैं, तो उन्हें टीम से बाहर करना आसान फैसला नहीं है। इसके अलावा भारतीय टीम का मिडिल ऑर्डर भी काफी मजबूत है, जहां कई खिलाड़ी अपनी जगह बनाने के लिए मेहनत कर रहे हैं।
कोटक ने माना कि वैभव की तरह हर युवा खिलाड़ी मैदान पर उतरना चाहता है, लेकिन टीम में चयन के लिए सिर्फ प्रतिभा होना ही काफी नहीं है। खिलाड़ी को सही मौके का इंतजार करना होता है और टीम के फैसले को समझना भी जरूरी है।
वैभव का भविष्य
Sitanshu Kotak ने वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा पर पूरा भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि वैभव एक सरल स्वभाव के खिलाड़ी हैं और उन्होंने टीम में मौका नहीं मिलने पर कोई शिकायत नहीं की है।
कोटक के अनुसार, वैभव यह समझते हैं कि संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा जैसे खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, इसलिए टीम मैनेजमेंट को प्लेइंग XI चुनते समय कई बातों का ध्यान रखना पड़ता है। कोच ने यह भी बताया कि बड़े स्तर पर लगातार टीम के साथ रहने और खिलाड़ियों को खेलते देखने से बहुत कुछ सीखने को मिलता है।
केवल गेंद को जोर से मारने की क्षमता ही सफलता के लिए काफी नहीं होती, बल्कि मैच की स्थिति को समझना, गेंदबाजों की योजना पहचानना और सही समय पर सही शॉट खेलना भी जरूरी है। कोटक का मानना है कि वैभव को मिलने वाला यह इंतजार आगे चलकर उनके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
खेलने का अंदाज
वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी को लेकर कोटक ने बताया कि वह ऐसे बल्लेबाज हैं, जो अपनी पसंद के शॉट खेलकर गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ बल्लेबाज गेंद की लाइन, लेंथ और उसकी गुणवत्ता के हिसाब से शॉट चुनते हैं, जबकि कुछ बल्लेबाज पहले से तय कर लेते हैं कि उन्हें किस तरह खेलना है और फिर उसी अंदाज में गेंदबाज पर हमला करते हैं।
वैभव दूसरी तरह के बल्लेबाज हैं और उनमें गेंदबाजों पर हावी होने की शानदार क्षमता है। कोटक ने कहा कि वह वैभव के खेलने के अंदाज में बिना किसी बड़ी वजह के बदलाव नहीं करना चाहते। हालांकि, अगर किसी खास तरह की गेंद के खिलाफ उन्हें अलग शॉट खेलने या बेहतर फैसला लेने की जरूरत महसूस होती है, तो इस बारे में चर्चा की जा सकती है।
कोच ने वैभव को असाधारण प्रतिभा वाला खिलाड़ी बताया और भरोसा जताया कि अनुभव के साथ उनके खेल में और सुधार आएगा।
Naman Dhir की तारीफ
Sitanshu Kotak ने युवा बल्लेबाज Naman Dhir की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि नमन एक ऐसे खिलाड़ी हैं, जिनमें कम गेंदों में तेजी से रन बनाने की क्षमता है और वह अपनी भूमिका को अच्छी तरह समझते हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ 17 अक्टूबर को बेंगलुरु में बारिश से प्रभावित आखिरी T20I में नमन ने सिर्फ छह गेंदों पर नाबाद 24 रन बनाए थे।
इसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले T20I में उन्होंने 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन की पारी खेलकर भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इस मैच में भारतीय टीम बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए दबाव में आ गई थी, लेकिन नमन ने तेजी से रन बनाकर मुकाबले का रुख बदल दिया।
कोटक के मुताबिक, नमन को पता है कि टीम उनसे किस तरह के प्रदर्शन की उम्मीद करती है और वह मैदान पर उसी जिम्मेदारी को निभाते हैं। यही बात उन्हें टीम के लिए खास बनाती है।
ऑलराउंडर क्षमता
कोटक ने Naman Dhir की बल्लेबाजी के साथ-साथ उनकी गेंदबाजी और फील्डिंग क्षमता की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि नमन जरूरत पड़ने पर गेंदबाजी में भी योगदान दे सकते हैं और उनकी भूमिका सिर्फ फिनिशर तक सीमित नहीं है।
T20 क्रिकेट में विपक्षी टीम के बल्लेबाजी क्रम में बाएं हाथ के कई बल्लेबाज हों, तो ऑफ स्पिन गेंदबाज का इस्तेमाल उपयोगी साबित हो सकता है। मैच की स्थिति के अनुसार नमन एक या दो ओवर डाल सकते हैं और जरूरत पड़ने पर अधिक गेंदबाजी भी कर सकते हैं।
इसके अलावा उनकी फील्डिंग भी टीम के लिए अहम है। कोटक ने कहा कि नमन की बल्लेबाजी तकनीक, तेजी से अपनी पारी को तैयार करने की क्षमता और बड़े शॉट खेलने की ताकत उन्हें एक रोमांचक खिलाड़ी बनाती है। हालांकि, उनका अंतरराष्ट्रीय करियर अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन कोच को उनसे काफी उम्मीदें हैं।
टीम इंडिया की रणनीति
भारतीय टीम फिलहाल न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की T20I सीरीज खेल रही है और पहले मुकाबले में जीत के बाद टीम की नजर अपनी लय बनाए रखने पर है। Sanju Samson, Abhishek Sharma और Ishan Kishan जैसे खिलाड़ियों के रहते टॉप ऑर्डर में जगह बनाना वैभव सूर्यवंशी के लिए आसान नहीं है।
दूसरी ओर, Naman Dhir जैसे युवा खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से टीम मैनेजमेंट का भरोसा जीत रहे हैं। Sitanshu Kotak के बयान से साफ है कि भारतीय टीम किसी भी खिलाड़ी को सिर्फ लोकप्रियता या सोशल मीडिया पर चल रही मांग के आधार पर मौका नहीं देना चाहती।
टीम की प्राथमिकता सही संयोजन चुनना, खिलाड़ियों की भूमिका तय करना और लंबे समय के लिए उन्हें तैयार करना है। वैभव के लिए फिलहाल सबसे अहम बात यह होगी कि वह धैर्य बनाए रखें, टीम के साथ सीखते रहें और जब भी मौका मिले, अपने प्रदर्शन से उसे यादगार बनाएं।










