भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने Test cricket से संन्यास लेकर अपने शानदार सफर पर विराम लगा दिया है। उनके इस फैसले के बाद क्रिकेट जगत से लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
इसी बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर और बंगाल के पूर्व कप्तान मनोज तिवारी ने शमी के लिए एक भावुक संदेश साझा किया। तिवारी ने शमी को दिल से एक योद्धा बताया और कहा कि उनकी तेज गेंदबाजी से बनी यादें हमेशा क्रिकेट फैंस के दिलों में जिंदा रहेंगी।
मनोज तिवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शमी को याद करते हुए लिखा, “Red ball अब उनके हाथों में नहीं होगी, लेकिन उनकी तेज गेंदों की यादें हमेशा क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में रहेंगी। कुछ Legends अलविदा नहीं कहते, वे बस इतिहास बन जाते हैं।” तिवारी के इस संदेश में शमी के लंबे और यादगार Test करियर के लिए सम्मान साफ नजर आया।
बंगाल के कप्तान
मनोज तिवारी को बंगाल टीम की कप्तानी करते हुए मोहम्मद शमी के साथ खेलने का मौका मिला था। उस दौरान शमी टीम के Bowling Attack का अहम हिस्सा थे। तिवारी ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि शमी सिर्फ एक बेहतरीन गेंदबाज ही नहीं, बल्कि दिल से लड़ने वाले खिलाड़ी भी रहे हैं।
उन्होंने बंगाल की कप्तानी के समय को याद करते हुए लिखा, “जब मैं बंगाल टीम की कप्तानी कर रहा था और मेरी Bowling Line-up में शमी शामिल थे, तब मेरे लिए इसका यही मतलब था—दिल से एक योद्धा।” शमी की मेहनत, जुनून और मैदान पर उनका प्रदर्शन उन खिलाड़ियों में शामिल करता है, जिन्होंने अपने खेल से टीम के साथियों और फैंस पर गहरी छाप छोड़ी।
शमी ने क्यों लिया संन्यास?
मोहम्मद शमी ने शुक्रवार को Instagram पर एक पोस्ट के जरिए Test cricket से संन्यास की घोषणा की। उन्होंने साफ किया कि अब वह भारत की सफेद जर्सी में नजर नहीं आएंगे, लेकिन White-ball cricket में खेलना जारी रखेंगे। शमी ने अपने संदेश में बताया कि जब उन्होंने पहली बार भारत की Test जर्सी पहनी थी, तब उनके मन में अपने देश के लिए कुछ खास करने का सपना था।
शमी ने लिखा कि हर विकेट, हर मुश्किल, हर चोट और हर Comeback ने उन्हें कुछ न कुछ सिखाया। उनके मुताबिक, Test cricket उनके लिए सिर्फ एक Format नहीं, बल्कि जिंदगी का बेहद खास हिस्सा रहा है। उन्होंने भारी मन और अनगिनत खूबसूरत यादों के साथ इस Format को अलविदा कहने का फैसला किया।
64 Test और 229 विकेट
मोहम्मद शमी का Test करियर करीब 12 साल तक चला। उन्होंने 6 नवंबर 2013 को कोलकाता के Eden Gardens में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना Test Debut किया था। अपने करियर के दौरान शमी ने 64 Test मैच खेले और 27.71 की औसत से कुल 229 विकेट हासिल किए। इस दौरान उन्होंने छह बार एक पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा भी किया।
शमी की सबसे बड़ी ताकत उनकी Seam और Swing Bowling रही। नई गेंद हो या पुरानी, वह दोनों से बल्लेबाजों को परेशान करने की क्षमता रखते थे। अलग-अलग देशों और Pitch Conditions में उनकी गेंदबाजी ने भारतीय टीम को कई अहम मौकों पर मजबूती दी। उनकी सटीक Line और Length के साथ तेज रफ्तार ने उन्हें भारत के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में शामिल किया।
शानदार प्रदर्शन
शमी के 229 Test विकेटों में से 131 विकेट दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और भारत में खेले गए 35 मुकाबलों में आए। इन मैचों में उनका औसत 25 से कम रहा। खास तौर पर दक्षिण अफ्रीका की पिचों पर शमी ने अपनी गेंदबाजी का दम दिखाया और कई यादगार प्रदर्शन किए।
भारत के 2018 दक्षिण अफ्रीका दौरे पर जोहान्सबर्ग Test में शमी ने दूसरी पारी में 5 विकेट पर 28 रन देकर शानदार प्रदर्शन किया था। उनकी इस गेंदबाजी ने भारत को मुकाबला जिताने में अहम भूमिका निभाई और टीम को दौरे पर एक यादगार जीत दिलाई। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के अगले दौरे पर सेंचुरियन में खेले गए पहले Test में भी शमी ने अपनी लय जारी रखी और मैच में कुल आठ विकेट झटके।
आखिरी Test मैच और चोटों का असर
मोहम्मद शमी ने अपना आखिरी Test मैच 2023 World Test Championship Final में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लंदन के Lord’s मैदान पर खेला था। इसके बाद चोटों और Fitness से जुड़ी परेशानियों ने उनके करियर को प्रभावित किया। 2025 Champions Trophy के बाद वह भारतीय टीम से बाहर रहे और आखिरकार उन्होंने Test cricket से संन्यास लेने का फैसला किया।
हालांकि, शमी का क्रिकेट सफर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। वह White-ball cricket में खेलना जारी रखना चाहते हैं और आगे भी सीमित ओवरों के Format में अपनी मौजूदगी बनाए रखेंगे। उनके Test करियर का अंत भले ही हो गया हो, लेकिन उनकी तेज गेंदों, शानदार Comebacks और यादगार प्रदर्शन की चर्चा लंबे समय तक होती रहेगी।
मनोज तिवारी के शब्दों में कहें तो कुछ खिलाड़ी मैदान से विदा जरूर लेते हैं, लेकिन उनकी कहानी खत्म नहीं होती। मोहम्मद शमी भी उन्हीं खिलाड़ियों में से एक हैं, जिनकी उपलब्धियां भारतीय क्रिकेट के इतिहास में हमेशा याद रखी जाएंगी।










