क्रिकेट में कई बार बल्लेबाजों की शानदार पारियां और गेंदबाजों के विकेट सुर्खियां बटोर लेते हैं, लेकिन कुछ ऐसे पल भी होते हैं जब Fielding मैच का पूरा रुख बदल देती है। न्यूजीलैंड के खिलाफ Auckland में खेले गए पहले ODI मुकाबले में विराट कोहली और रोहित शर्मा ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया।
भारत ने इस मुकाबले में न्यूजीलैंड को 5 विकेट से हराया, लेकिन जीत के दौरान इन दोनों अनुभवी खिलाड़ियों की शानदार Fielding ने भी खूब चर्चा बटोरी। रोहित शर्मा ने अपनी समझदारी और सही Positioning से डेरिल मिचेल को Run Out करने में अहम भूमिका निभाई, जबकि विराट कोहली ने Second Slip में एक शानदार Catch पकड़कर अपनी फुर्ती और Game Awareness का परिचय दिया।
इन दोनों खिलाड़ियों की Fielding में एक खास बात समान थी, जिसे भारतीय टीम के Fielding Coach Subhadeep Ghosh ने Anticipation यानी गेंद के आने से पहले ही उसकी दिशा और स्थिति का अंदाजा लगाने की क्षमता बताया है।
Anticipation का कमाल
भारतीय टीम के Fielding Coach Subhadeep Ghosh के मुताबिक, विराट कोहली और रोहित शर्मा की शानदार Fielding के पीछे केवल उनकी Natural Ability या Experience नहीं है, बल्कि इसमें Anticipation की बहुत बड़ी भूमिका है।
Ghosh ने बताया कि जब कोई खिलाड़ी लंबे समय तक एक ही Fielding Position पर खेलता है, तो उसे धीरे-धीरे बल्लेबाज के शॉट खेलने के तरीके और गेंद की संभावित दिशा का बेहतर अंदाजा होने लगता है। यही वजह है कि अनुभवी खिलाड़ी कई बार गेंद के बल्ले से निकलने से पहले ही अपनी Position बदल लेते हैं।
विराट कोहली ने Cover और Point जैसी Positions पर कई बार Fielding की है, इसलिए उन्हें गेंद की Trajectory और उसके जमीन से टकराने के बाद की दिशा को समझने में आसानी होती है। वह कई बार दूसरे खिलाड़ियों की तुलना में स्थिति को थोड़ा पहले पढ़ लेते हैं और यही बात उनकी शानदार Fielding में दिखाई देती है।
विराट कोहली का शानदार Catch
Auckland में विराट कोहली ने Second Slip में जो शानदार Catch पकड़ा, उसने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह Fielding के मामले में कितने शानदार खिलाड़ी हैं। Slip में Fielding करते समय बल्लेबाज के बल्ले से निकलने वाली गेंद को पकड़ने के लिए बेहद तेज Reaction और सही Timing की जरूरत होती है।
गेंद कई बार इतनी तेजी से आती है कि खिलाड़ी को उसे देखने और पकड़ने के लिए बहुत कम समय मिलता है। ऐसे में केवल फुर्ती ही काम नहीं आती, बल्कि गेंद की दिशा का पहले से अंदाजा लगाना भी जरूरी होता है।
Fielding Coach Subhadeep Ghosh के अनुसार, विराट का Experience उन्हें गेंद के संभावित रास्ते को जल्दी समझने में मदद करता है। Cover और Point पर लंबे समय तक Fielding करने के कारण वह बल्लेबाज के शॉट और गेंद की दिशा को अच्छी तरह पढ़ सकते हैं। यही समझ उन्हें मुश्किल Catch को भी शानदार तरीके से पकड़ने में मदद करती है।
रोहित शर्मा की समझदारी
रोहित शर्मा ने भी Auckland ODI में अपनी शानदार Fielding से सभी को प्रभावित किया। न्यूजीलैंड के बल्लेबाज डेरिल मिचेल को Run Out करने के दौरान रोहित की Positioning बेहद अहम रही। Fielding Coach Ghosh ने बताया कि रोहित गेंद की दिशा को समझते हुए पहले ही Square Leg की तरफ बढ़ने लगे थे।
वह सीधे गेंद की ओर नहीं जा रहे थे, बल्कि उन्होंने पहले ही अपनी Movement को उस दिशा में Adjust कर लिया था, जहां गेंद जाने की संभावना थी। इस शुरुआती Movement की वजह से रोहित को गेंद तक पहुंचने और सही समय पर उसे पकड़ने में आसानी हुई।
इसके बाद उन्होंने शानदार तरीके से गेंद को विकेट की ओर भेजा और डेरिल मिचेल को Run Out करने में अहम भूमिका निभाई। रोहित की इस Fielding ने दिखाया कि क्रिकेट में सही समय पर सही दिशा में पहला कदम उठाना कितना महत्वपूर्ण होता है।
Practice से बनती है महारत
Subhadeep Ghosh ने बताया कि किसी भी खिलाड़ी की Fielding को बेहतर बनाने में Experience और Natural Ability का योगदान जरूर होता है, लेकिन लगातार Practice सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। खिलाड़ी जितनी बार किसी खास स्थिति में Fielding करने का अभ्यास करता है, उतना ही बेहतर वह गेंद की दिशा और बल्लेबाज के शॉट को समझने लगता है।
इसी वजह से भारतीय टीम के Practice Sessions में ऐसे Drills कराए जाते हैं, जिनमें खिलाड़ियों को मैच जैसी परिस्थितियों में Fielding करने का मौका मिलता है। Coach कोशिश करते हैं कि Practice के दौरान गेंद उसी तरह आए, जैसे वास्तविक मैच में आती है।
इससे खिलाड़ियों को गेंद की गति, दिशा और Bounce का अंदाजा लगाने में मदद मिलती है। लगातार अभ्यास करने से खिलाड़ी अपनी Reaction Speed को बेहतर कर सकते हैं और मुश्किल परिस्थितियों में भी सही फैसला लेने की क्षमता विकसित कर सकते हैं।
विदेशी Conditions में चुनौती
भारत जब किसी दूसरे देश में क्रिकेट खेलने जाता है, तो खिलाड़ियों के सामने वहां की Conditions के अनुसार खुद को ढालने की चुनौती होती है। न्यूजीलैंड में भी भारतीय खिलाड़ियों को मैदान के आकार, मौसम और हवा की स्थिति के हिसाब से अपनी Fielding में बदलाव करना पड़ता है।
Subhadeep Ghosh ने बताया कि टीम के Dressing Room में इन सभी पहलुओं पर लगातार चर्चा होती है। विदेशी मैदानों पर Boundary की दूरी अलग-अलग हो सकती है और मौसम भी खिलाड़ियों की Movement को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में किसी खास Fielding Position पर खड़े खिलाड़ी के लिए यह समझना जरूरी होता है कि बल्लेबाज किस दिशा में शॉट खेल सकता है और Boundary कितनी दूर है।
Coach के अनुसार, Fielding करते समय खिलाड़ी का पहला कदम बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि सही दिशा में पहला कदम उठाने से गेंद तक पहुंचने का रास्ता छोटा हो जाता है और Angles को बेहतर तरीके से Cover किया जा सकता है।
छोटी Boundaries पर कम समय
न्यूजीलैंड के कुछ मैदानों की Boundaries अपेक्षाकृत छोटी होती हैं, जिससे Fielders के पास गेंद पर Reaction देने के लिए बहुत कम समय बचता है। ऐसी परिस्थितियों में गेंद तेजी से Boundary की ओर जा सकती है और Fielders को तुरंत सही फैसला लेना पड़ता है।
Ghosh ने बताया कि छोटी Boundaries वाले मैदानों पर कई बार ऐसा महसूस होता है कि हर खिलाड़ी एक Infielder की तरह काम कर रहा है, क्योंकि गेंद को रोकने के लिए बहुत कम समय मिलता है। ऐसे में खिलाड़ियों की Stability, Balance और Movement काफी अहम हो जाती है।
अगर खिलाड़ी गेंद की दिशा का सही अंदाजा नहीं लगा पाता, तो उसके लिए गेंद को रोकना मुश्किल हो सकता है। यही कारण है कि भारतीय टीम Practice के दौरान खिलाड़ियों की शुरुआती Movement और गेंद को रोकने की क्षमता पर विशेष ध्यान दे रही है।
Lighter Ball से Practice
न्यूजीलैंड की Conditions को ध्यान में रखते हुए भारतीय टीम Practice Sessions में हल्की गेंदों का भी इस्तेमाल कर रही है। Fielding Coach Subhadeep Ghosh के अनुसार, हल्की गेंद को नियंत्रित करना कई बार चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि वह खिलाड़ी से दूर जा सकती है और उसे पकड़ने के लिए सही Balance बनाए रखना जरूरी होता है।
हल्की गेंद के साथ अभ्यास करने से खिलाड़ियों को गेंद की Movement को समझने और तेजी से अपनी Position बदलने में मदद मिलती है। खासकर छोटी Boundaries वाले मैदानों पर जहां गेंद को रोकने के लिए कम समय मिलता है, वहां इस तरह की Practice काफी उपयोगी साबित हो सकती है।
इन Drills का मकसद खिलाड़ियों की Judgement, Stability और गेंद की दिशा में तेजी से Movement करने की क्षमता को बेहतर बनाना है।
Fielding में Team India की तैयारी
Auckland में विराट कोहली और रोहित शर्मा की शानदार Fielding ने यह साफ कर दिया कि क्रिकेट में केवल Batting और Bowling ही जीत के लिए महत्वपूर्ण नहीं हैं। एक अच्छा Catch, सही समय पर लिया गया फैसला या शानदार Run Out भी मैच का रुख बदल सकता है।
भारतीय टीम के Fielding Coach Subhadeep Ghosh ने बताया कि खिलाड़ियों की Anticipation को बेहतर बनाने के लिए Practice में मैच जैसी परिस्थितियां तैयार की जा रही हैं। टीम का ध्यान केवल गेंद पकड़ने पर नहीं, बल्कि गेंद आने से पहले सही Position में पहुंचने और उसके बाद सही फैसला लेने पर भी है।
विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की Fielding से युवा खिलाड़ियों को भी सीखने का मौका मिलता है। लगातार Practice, सही Positioning और Game Awareness के जरिए भारतीय टीम विदेशी Conditions में अपनी Fielding को और मजबूत बनाने की कोशिश कर रही है।










