BBL में नया नियम – अब बल्लेबाज़ और फील्डर अलग-अलग, Designated Hitter सिर्फ बैटिंग करेगा

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Big Bash League (BBL) अब क्रिकेट में एक और नया प्रयोग लेकर आई है। अगले सीज़न से टीमों को ‘Designated Batter and Fielder’ का विकल्प मिलेगा, यानी कोई खिलाड़ी सिर्फ बल्लेबाज़ी करेगा लेकिन फील्डिंग नहीं, और कोई सिर्फ फील्डिंग करेगा लेकिन बैटिंग नहीं। यह नियम पूरी तरह बेसबॉल से प्रेरित है और T20 क्रिकेट में रणनीति को एक नया मोड़ देने वाला है।

नियम का विस्तार

इस नए नियम के तहत:

  • टीमें एक designated batter चुन सकती हैं जो सिर्फ बल्लेबाज़ी करेगा, लेकिन मैदान में फील्डिंग नहीं करेगा।
  • इसी तरह एक designated fielder सिर्फ फील्डिंग करेगा और बल्लेबाज़ी नहीं करेगा।
  • दोनों में से कोई भी गेंदबाज़ी नहीं कर सकेगा, हालांकि फील्डर विकेटकीपर बन सकता है।
  • टीम चाहे तो यह विकल्प न भी अपनाकर सामान्य 11 खिलाड़ी वाली प्लेइंग XI उतार सकती है।

किसे होगा फायदा?

यह नियम उन सीनियर और फिटनेस से जूझ रहे खिलाड़ियों के लिए गेमचेंजर बन सकता है जो अब फील्डिंग नहीं करना चाहते लेकिन बल्ले से अब भी मैच पलट सकते हैं। Chris Lynn और Mitchell Marsh जैसे नाम तुरंत दिमाग में आते हैं।

साथ ही, ये नियम उन टेस्ट खिलाड़ियों के लिए भी राहत बन सकता है जो लंबी सीरीज़ के बाद थक चुके होते हैं और BBL में हिस्सा लेने से बचते हैं। Travis Head जैसे खिलाड़ी अब बिना फील्डिंग की चिंता किए अपनी बल्लेबाज़ी से मैच का रुख बदल सकते हैं।

विशेषज्ञों की राय

Ricky Ponting ने इस प्रयोग को सकारात्मक कदम बताया है। उनके अनुसार, “अगर यह नियम सीनियर खिलाड़ियों को BBL में बनाए रखता है, तो यह लीग और फैंस दोनों के लिए फायदे का सौदा है।”

Glenn Maxwell ने भी इसे “रोचक बदलाव” कहा और उम्मीद जताई कि इससे मुकाबलों में और रोमांच आएगा।

रणनीति में बदलाव

Melbourne Stars के कप्तान Maxwell और BBL कंसल्टेंट Trent Woodhill मानते हैं कि यह नियम टीमों के बैटिंग ऑर्डर और फील्डिंग संयोजन को नया रूप देगा। मैच से पहले तय करना होगा कि designated खिलाड़ी किस भूमिका में होगा, जिससे टीम कॉम्बिनेशन और रणनीति में विविधता आएगी।

Woodhill का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से भी इस नियम को लेकर अच्छी प्रतिक्रिया मिली है और यह नियम बड़े नामों को BBL की तरफ खींच सकता है।

WBBL में नहीं लागू

फिलहाल यह नियम महिला BBL यानी WBBL में लागू नहीं होगा। भविष्य में इसकी संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।

संभावित फायदे और चुनौतियां

फायदे:

  • सीनियर और चोट से लौटे खिलाड़ियों की वापसी
  • युवा फील्डरों को मौका
  • बड़े नामों की लीग में मौजूदगी बनी रहेगी

चुनौतियां:

  • टीम बैलेंस बनाना मुश्किल हो सकता है
  • गेंदबाज़ी विकल्प सीमित हो सकते हैं
  • रणनीति और प्लानिंग ज़्यादा जटिल हो सकती है

BBL हमेशा से नवाचारों के लिए जानी जाती रही है – Power Surge, Bash Boost, X-Factor Sub जैसे प्रयोगों के बाद अब ‘Designated Batter-Fielder’ का यह नियम क्रिकेट की दुनिया में चर्चा का विषय बनने वाला है। यह देखना दिलचस्प होगा कि दूसरे बोर्ड्स और लीग्स इस नए ट्रेंड को अपनाते हैं या नहीं।

FAQs

Designated batter का मतलब क्या है?

ऐसा खिलाड़ी जो सिर्फ बल्लेबाज़ी करेगा, फील्डिंग नहीं करेगा।

क्या designated batter गेंदबाज़ी कर सकता है?

नहीं, designated batter गेंदबाज़ी नहीं कर सकता।

क्या ये नियम WBBL में भी लागू होगा?

अभी नहीं, लेकिन भविष्य में इसकी समीक्षा होगी।

इस नियम से सबसे ज़्यादा फायदा किसे होगा?

वरिष्ठ या चोटिल बल्लेबाज़ों को, जैसे Chris Lynn।

क्या टीम ये विकल्प छोड़ भी सकती है?

हां, टीम सामान्य प्लेइंग XI भी उतार सकती है।

Ehtesham Arif

I’m Ehtesham Arif, lead cricket analyst at Kricket Wala with over 3 years of experience in cricket journalism. I’m passionate about bringing you reliable match analysis and the latest updates from the world of cricket. My favorite team is India, and in the IPL, I support Delhi Capitals.

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