अनाया बांगर की क्रिकेट में वापसी को लेकर बहस लगातार तेज होती जा रही है। दक्षिण अफ्रीका की स्टार ऑलराउंडर मारिजाने कैप की कड़ी टिप्पणी के बाद अब अनाया ने महिला क्रिकेट में उन्हें मिलने वाले कथित ‘अनुचित लाभ’ के सवाल पर अपना पक्ष रखा है। अनाया का कहना है कि Cricket Australia की ओर से उन्हें मिली मंजूरी किसी जल्दबाजी या केवल सामान्य प्रक्रिया के आधार पर नहीं दी गई, बल्कि इसके पीछे मेडिकल जानकारी और एथलेटिक testing को भी देखा गया है।
उनका मानना है कि transgender खिलाड़ियों से जुड़े मामलों में किसी सामान्य धारणा के बजाय individual assessment और उपलब्ध scientific evidence को ध्यान में रखना चाहिए। Cricket Australia ने अपनी transgender और gender-diverse players policy के तहत अनाया को competitive cricket में वापसी का रास्ता दिया है और निर्धारित शर्तें पूरी करने पर वह मार्च 2027 से elite women’s cricket के लिए eligible हो सकती हैं। हालांकि, इस फैसले का मतलब किसी टीम में automatic selection नहीं है।
कैप की टिप्पणी
इस पूरे मामले को तब ज्यादा चर्चा मिली जब मारिजाने कैप ने सोशल मीडिया पर अनाया की क्रिकेट में वापसी से जुड़ी एक खबर साझा करते हुए लिखा, “Absolutely ridiculous. This should not be allowed.” कैप की इस टिप्पणी ने women’s cricket में transgender खिलाड़ियों की participation को लेकर पहले से चली आ रही बहस को फिर सामने ला दिया। सवाल सिर्फ eligibility का नहीं है, बल्कि competitive fairness और संभावित physical advantage को लेकर भी अलग-अलग राय सामने आती रही हैं।
एक तरफ कुछ लोग inclusion और खिलाड़ियों को खेल में अवसर देने की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ महिला खिलाड़ियों के बीच निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को लेकर चिंताएं जाहिर की जाती हैं। अनाया ने इस टिप्पणी को केवल व्यक्तिगत आलोचना के तौर पर देखने के बजाय उस व्यापक चिंता को समझने की कोशिश की है और अपने मामले में किए गए medical और athletic assessments का हवाला देते हुए अपना पक्ष रखा है।
अनाया का जवाब
अनाया ने Times Now से बातचीत में अपने eligibility assessment को लेकर कुछ जानकारी साझा की। उनके अनुसार, Manchester University Institute of Sport ने उनके साथ 12 सप्ताह का एक testing programme किया था, जिसमें hormone replacement therapy शुरू होने के करीब एक साल बाद उनकी athletic capabilities का assessment किया गया। अनाया का कहना है कि इस testing के दौरान उनके physical parameters को महिला athletes के सामान्य range के संदर्भ में देखा गया और assessment के नतीजों ने उन्हें अपने मामले को लेकर एक अलग perspective दिया।
उनके मुताबिक, अगर किसी खिलाड़ी की eligibility को individual medical और athletic assessment के आधार पर देखा जा रहा है, तो ‘unfair advantage’ की धारणा को भी उपलब्ध scientific evidence के साथ समझना चाहिए। उनका तर्क है कि केवल transgender होने की पहचान के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि किसी खिलाड़ी को automatically competitive advantage हासिल है।
मेडिकल टेस्ट
अनाया ने अपने शरीर में हुए hormonal और physical changes के बारे में भी बात की है। उन्होंने बताया कि उनका testosterone level बेहद कम है और सर्जरी के बाद उन्होंने इसे लगभग 0.6 nanomol बताया। उन्होंने यह भी कहा कि hormone therapy और शारीरिक बदलावों का उनके शरीर पर असर पड़ा है और उन्हें bone density में कमी, muscle mass घटने और stamina में गिरावट जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ा है। अनाया के अनुसार, अब उनकी training capacity पहले जैसी नहीं रही और उन्हें अपने शरीर की नई स्थिति के मुताबिक training करनी पड़ती है।
उनका मानना है कि इन्हीं कारणों से transgender athletes से जुड़े मामलों को सिर्फ एक broad assumption के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए। हालांकि, eligibility का अंतिम फैसला individual medical evidence और संबंधित sporting policy के आधार पर ही किया जाता है और किसी खिलाड़ी के self-reported physical changes अपने आप में selection या eligibility की guarantee नहीं होते।
CA नीति
Cricket Australia की transgender और gender-diverse players policy में elite women’s cricket के लिए testosterone से जुड़ी specific requirements मौजूद हैं। अनाया को मार्च 2027 से elite women’s cricket में हिस्सा लेने के लिए लगातार कम से कम 12 महीने तक निर्धारित testosterone threshold के भीतर रहना होगा और उन्हें आवश्यक medical evidence भी उपलब्ध कराना होगा। इसके अलावा policy के तहत आगे भी eligibility assessment और testing की प्रक्रिया लागू हो सकती है।
इसलिए Cricket Australia का मौजूदा फैसला किसी tournament या टीम में सीधे entry नहीं देता। यह सिर्फ उस प्रक्रिया का हिस्सा है जिसके तहत अनाया competitive cricket में आगे बढ़ सकती हैं। खुद अनाया ने भी इस अंतर को स्पष्ट किया है कि उन्हें किसी टीम में जगह नहीं दी गई है, बल्कि उन्हें competitive cricket में अपनी जगह हासिल करने के लिए compete करने का अवसर मिला है। इसके बाद उनका प्रदर्शन, fitness और selection process यह तय करेगा कि वह किसी specific team या competition में जगह बना पाती हैं या नहीं।
WBBL उम्मीद
Cricket Australia के फैसले ने अनाया के लिए Australian domestic cricket में दोबारा वापसी का रास्ता जरूर खोला है। वह पहले community या premier level cricket में खेलकर competitive environment में वापसी कर सकती हैं और अगर वह elite cricket की निर्धारित eligibility conditions को पूरा करती हैं, तो मार्च 2027 के बाद elite women’s competitions के लिए भी अपनी दावेदारी पेश कर सकती हैं।
Women’s Big Bash League यानी WBBL Australian women’s cricket का प्रमुख elite domestic tournament है, इसलिए policy की सभी requirements पूरी होने के बाद theoretically अनाया भी selection के लिए eligible players की सूची में आ सकती हैं। लेकिन eligibility और selection के बीच बड़ा अंतर है। किसी खिलाड़ी का eligible होना यह सुनिश्चित नहीं करता कि उसे WBBL franchise contract देगी। अनाया को पहले fitness और performance के स्तर पर खुद को साबित करना होगा और फिर किसी franchise की selection process से गुजरना होगा।
वैश्विक बहस
अनाया बांगर का मामला सिर्फ Australian cricket या एक खिलाड़ी की वापसी तक सीमित नहीं है। दुनिया के अलग-अलग sports में transgender athletes की participation को लेकर sporting bodies अपनी-अपनी policies बना रही हैं और इन policies में eligibility, medical criteria और competitive fairness जैसे पहलुओं को अलग-अलग तरीके से देखा जाता है। International cricket में भी elite women’s cricket के लिए अलग rules लागू हैं, जबकि Cricket Australia ने domestic elite cricket के लिए अपनी policy के तहत individual assessment का रास्ता अपनाया है।
यही अंतर इस मामले को और महत्वपूर्ण बनाता है, क्योंकि international और domestic cricket में eligibility एक जैसी नहीं है। अनाया का कहना है कि ऐसे मामलों में science, individual medical circumstances, competitive fairness और women’s sport की integrity जैसे सभी पहलुओं को साथ लेकर फैसला किया जाना चाहिए। वहीं मारिजाने कैप की टिप्पणी यह दिखाती है कि sporting community के भीतर इस मुद्दे को लेकर अभी भी गंभीर असहमति मौजूद है।
अगला कदम
अब अनाया बांगर के लिए सबसे महत्वपूर्ण चुनौती क्रिकेट में अपनी वापसी को मैदान पर साबित करना है। उन्हें पहले अपनी fitness को बेहतर करना होगा, competitive cricket में नियमित रूप से खेलना होगा और फिर अपने प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ना होगा। Cricket Australia की मंजूरी उन्हें एक अवसर देती है, लेकिन किसी टीम में जगह की guarantee नहीं देती। दूसरी तरफ, ‘अनुचित लाभ’ को लेकर चल रही बहस भी जल्द खत्म होने वाली नहीं है, क्योंकि इसमें inclusion, competitive fairness, medical science और खिलाड़ियों के अधिकार जैसे कई संवेदनशील मुद्दे जुड़े हैं।
अनाया अपने medical और athletic assessments को अपने पक्ष में महत्वपूर्ण आधार मानती हैं और उनका कहना है कि इस मामले को facts और individual evidence के आधार पर देखा जाना चाहिए। अब आने वाले समय में उनका cricket comeback और मैदान पर performance ही इस कहानी का सबसे अहम हिस्सा होगा, क्योंकि आखिरकार किसी भी खिलाड़ी की competitive journey का वास्तविक मूल्यांकन उसके प्रदर्शन और संबंधित खेल की eligibility policy के आधार पर ही किया जाता है।










