एशेज टेस्ट सीरीज को क्रिकेट की सबसे प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विता माना जाता है। पिछले डेढ़ सौ साल से यह सीरीज केवल ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की धरती पर खेली जाती रही है, लेकिन अब पहली बार इसके भारत में आयोजित होने की संभावना पर चर्चा शुरू हो गई है।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टॉड ग्रीनबर्ग ने इस विचार को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई आधिकारिक योजना नहीं है, लेकिन यदि भविष्य में टेस्ट क्रिकेट को और लोकप्रिय बनाने के लिए नए विकल्पों की जरूरत पड़ी, तो इस प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है।
संकेत
बीबीसी के ‘स्टम्प्ड’ पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान टॉड ग्रीनबर्ग ने कहा कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के बीसीसीआई (BCCI) और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के साथ बेहद मजबूत रिश्ते हैं। उनके मुताबिक भारत दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट बाजारों में से एक है और यहां खेल से जुड़ी कई नई संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने साफ किया कि फिलहाल भारत में एशेज आयोजित करने की कोई योजना नहीं है, लेकिन भविष्य में अगर परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो इस विचार पर चर्चा की जा सकती है।
विचार
ग्रीनबर्ग का मानना है कि क्रिकेट लगातार बदल रहा है और समय के साथ नए प्रयोग भी जरूरी होते हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी नए मॉडल या आयोजन से टेस्ट क्रिकेट को मजबूती मिलती है और दुनिया भर में इसकी लोकप्रियता बढ़ती है, तो उस दिशा में सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए। इसी वजह से उन्होंने भारत में एशेज आयोजित करने की संभावना को पूरी तरह नकारने से इनकार किया।
टेस्ट क्रिकेट
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के CEO ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और भारत के बीच खेले जाने वाले टेस्ट मुकाबले आज भी दुनिया में सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं। उनके अनुसार इन तीन देशों में टेस्ट क्रिकेट का आकर्षण अब भी बरकरार है और इसे भविष्य में और मजबूत बनाने की जरूरत है। उनका मानना है कि अगर नए विचारों से टेस्ट क्रिकेट को फायदा मिलता है, तो सभी पक्षों को उस पर खुले मन से विचार करना चाहिए।
BBL
यह बयान ऐसे समय आया है जब क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने बिग बैश लीग (BBL) 2026-27 सीजन का उद्घाटन मुकाबला भारत में कराने का फैसला किया है। चेन्नई के एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम में मेलबर्न रेनेगेड्स और पर्थ स्कॉर्चर्स के बीच यह मुकाबला खेला जाएगा। पहली बार किसी आधिकारिक BBL मैच का आयोजन भारत में होगा, जिसे दोनों क्रिकेट बोर्डों के बीच बढ़ते सहयोग का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
चुनौती
हालांकि भारत में एशेज जैसे आयोजन के सामने सबसे बड़ी चुनौती अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का व्यस्त कार्यक्रम है। टॉड ग्रीनबर्ग ने कहा कि पूरे साल में केवल 365 दिन होते हैं, जबकि आईसीसी टूर्नामेंट, द्विपक्षीय सीरीज और दुनिया भर की फ्रेंचाइजी लीगों के कारण कैलेंडर पहले से ही पूरी तरह भरा हुआ है। ऐसे में किसी अतिरिक्त टेस्ट मुकाबले के लिए समय निकालना आसान नहीं होगा और यही सबसे बड़ी बाधा है।
इतिहास
एशेज टेस्ट सीरीज क्रिकेट इतिहास की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित प्रतिद्वंद्विताओं में शामिल है। इसकी शुरुआत 1877 में हुई थी और तब से यह केवल ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेली जाती रही है। हर दो साल में दोनों टीमें बारी-बारी से एक-दूसरे के देश में इस ऐतिहासिक सीरीज की मेजबानी करती हैं। क्रिकेट प्रेमियों के लिए एशेज सिर्फ एक सीरीज नहीं, बल्कि टेस्ट क्रिकेट की सबसे बड़ी पहचान मानी जाती है।
अगली सीरीज
अगली एशेज सीरीज की मेजबानी इंग्लैंड करेगा और दोनों क्रिकेट बोर्ड अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं। फिलहाल आधिकारिक कार्यक्रम में किसी तटस्थ स्थान या भारत में मुकाबला आयोजित करने की कोई घोषणा नहीं की गई है। इसलिए भारत में एशेज खेलने की चर्चा अभी केवल संभावनाओं तक ही सीमित है।
भविष्य
हालांकि अभी भारत में एशेज टेस्ट आयोजित होने की संभावना दूर नजर आती है, लेकिन क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के CEO के बयान ने इस विचार को नई चर्चा जरूर दे दी है। अगर भविष्य में टेस्ट क्रिकेट के विस्तार, व्यावसायिक संभावनाओं और वैश्विक दर्शकों को ध्यान में रखते हुए ऐसा कोई फैसला लिया जाता है, तो यह क्रिकेट इतिहास की सबसे अनोखी घटनाओं में से एक होगी। फिलहाल इस दिशा में कोई आधिकारिक कदम नहीं उठाया गया है, लेकिन आने वाले वर्षों में बदलते क्रिकेट परिदृश्य के साथ इस तरह के नए प्रयोग देखने को मिल सकते हैं।
FAQs
क्या भारत में एशेज टेस्ट खेलने की योजना है?
फिलहाल ऐसी कोई आधिकारिक योजना नहीं है।
भारत में एशेज की संभावना किसने जताई?
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सीईओ टॉड ग्रीनबर्ग ने।
एशेज किन देशों के बीच खेली जाती है?
एशेज ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेली जाती है।
BBL का उद्घाटन मैच भारत में कहां होगा?
चेन्नई के एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम में।
भारत में एशेज की सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
व्यस्त अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर सबसे बड़ी चुनौती है।











