Australia vs England Series 2026: इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली आगामी व्हाइट बॉल सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया ने अपनी ODI और T20I टीम का ऐलान कर दिया है।
इस सीरीज में दोनों टीमों के बीच कुल 8 मुकाबले खेले जाएंगे, जिसमें 3 ODI और 5 T20I मैच शामिल हैं। सीरीज की शुरुआत 13 नवंबर से होगी। हालांकि, टीम के ऐलान के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने अपने कई बड़े खिलाड़ियों को बाहर रखकर सभी को चौंका दिया है।
ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी तेज गेंदबाज पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड को इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली इस व्हाइट बॉल सीरीज के लिए टीम में जगह नहीं मिली है।
ये तीनों खिलाड़ी आगामी ICC World Test Championship मुकाबलों की तैयारी करेंगे, जिसमें ऑस्ट्रेलिया को न्यूजीलैंड और भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलनी है। टेस्ट क्रिकेट को ध्यान में रखते हुए टीम मैनेजमेंट ने अपने प्रमुख तेज गेंदबाजों को आराम देने का फैसला किया है।
इसके अलावा नाथन एलिस भी ODI सीरीज का हिस्सा नहीं होंगे। वह सितंबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले के दौरान लगी साइड स्ट्रेन की चोट से अभी पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं। हालांकि, उन्हें T20I टीम में शामिल किया गया है। दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया ने कई युवा और नए खिलाड़ियों को मौका देकर भविष्य की टीम तैयार करने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया है।
गेंदबाजों को आराम
ऑस्ट्रेलिया के लिए पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड लंबे समय से तेज गेंदबाजी की रीढ़ रहे हैं। इन तीनों खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई बड़े मुकाबलों में ऑस्ट्रेलिया को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ आगामी सीरीज में ये तीनों अनुभवी गेंदबाज मैदान पर नजर नहीं आएंगे। टीम मैनेजमेंट का मुख्य ध्यान आने वाली टेस्ट सीरीज और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के मुकाबलों पर है।
ऑस्ट्रेलिया को आने वाले समय में न्यूजीलैंड और भारत जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट खेलना है। ऐसे में तेज गेंदबाजों की फिटनेस और वर्कलोड मैनेजमेंट काफी महत्वपूर्ण हो जाता है।
लगातार क्रिकेट खेलने से खिलाड़ियों पर चोट का खतरा बढ़ सकता है। इसी वजह से ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ताओं ने इंग्लैंड के खिलाफ व्हाइट बॉल सीरीज में युवा गेंदबाजों को मौका देने का फैसला किया है।
एलिस की चोट
तेज गेंदबाज नाथन एलिस भी ऑस्ट्रेलिया की ODI टीम में जगह नहीं बना पाए हैं। सितंबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेलते समय उन्हें साइड स्ट्रेन की समस्या हुई थी। इसके बाद से वह अपनी फिटनेस हासिल करने में लगे हुए हैं। मेडिकल टीम उनकी रिकवरी पर नजर बनाए हुए है और इसी कारण उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ ODI सीरीज से बाहर रखा गया है।
हालांकि, नाथन एलिस को पांच मैचों की T20I सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम में शामिल किया गया है। छोटे फॉर्मेट में उनका अनुभव टीम के लिए काफी उपयोगी हो सकता है। उनकी गेंदबाजी में विविधता और डेथ ओवर्स में रन रोकने की क्षमता ऑस्ट्रेलिया को मजबूती देती है। अब देखना होगा कि वह T20I सीरीज शुरू होने तक पूरी तरह फिट हो पाते हैं या नहीं।
युवा खिलाड़ियों को मौका
इंग्लैंड के खिलाफ इस सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ने कई नए और युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया है। ODI टीम में महली बियर्डमैन और ओलिवर पीक को जगह मिली है। ये दोनों खिलाड़ी ICC Men’s Under-19 Cricket World Cup में भी अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। इनके अलावा युवा ऑलराउंडर जैक एडवर्ड्स और लियाम स्कॉट को भी ODI टीम में शामिल किया गया है।
महली बियर्डमैन ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया A की ओर से खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया था। उनके प्रदर्शन से चयनकर्ता काफी प्रभावित हुए हैं। अब उन्हें सीनियर राष्ट्रीय टीम में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। वहीं, ओलिवर पीक भी युवा खिलाड़ियों में एक अच्छा विकल्प माने जा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया को उम्मीद है कि ये खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने प्रदर्शन से टीम को मजबूती देंगे।
टी20 टीम में नए चेहरे
ऑस्ट्रेलिया की T20I टीम में भी कई नए खिलाड़ियों को मौका मिला है। निकिल चौधरी, जोएल डेविस, लाचलान शॉ और सैम हार्पर जैसे खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया है। इन खिलाड़ियों के लिए इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ खेलना खुद को साबित करने का शानदार अवसर होगा।
खास बात यह है कि ऑस्ट्रेलिया ने टी20 फॉर्मेट को ध्यान में रखते हुए ऐसे खिलाड़ियों को चुना है, जो तेजी से रन बनाने और मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। लाचलान शॉ को चयनकर्ता काफी प्रतिभाशाली मानते हैं।
उनका आक्रामक खेल और बड़े शॉट लगाने की क्षमता टी20 क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के काम आ सकती है। वहीं, सैम हार्पर ने घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है, जिसके बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका दिया गया है।
टेस्ट खिलाड़ियों को आराम
ऑस्ट्रेलिया की टीम में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ट्रैविस हेड, मैथ्यू रेनशॉ, कैमरन ग्रीन, एलेक्स कैरी, जोश इंग्लिस और कूपर कॉनोली इंग्लैंड के खिलाफ T20I सीरीज में नहीं खेलेंगे। ये सभी खिलाड़ी ODI सीरीज में ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व करेंगे, लेकिन इसके बाद T20I मुकाबलों से बाहर रहेंगे।
इन खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में ऑस्ट्रेलिया की T20I टीम में नए चेहरों को अपनी जगह बनाने का मौका मिलेगा। टीम मैनेजमेंट युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव देना चाहता है। इससे आने वाले बड़े टूर्नामेंट के लिए टीम के पास ज्यादा विकल्प तैयार हो सकेंगे। खासकर T20 क्रिकेट में खिलाड़ियों की आक्रामक बल्लेबाजी और गेंदबाजी की विविधता काफी मायने रखती है।
बेली का बयान
ऑस्ट्रेलिया की चयन समिति के अध्यक्ष जॉर्ज बेली ने टीम चयन को लेकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ ODI और T20I मुकाबले कई खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का शानदार मौका होंगे। इनमें से कई खिलाड़ी हाल के विदेशी दौरों पर भी टीम का हिस्सा रहे हैं और अब उनके पास मजबूत विपक्षी टीम के खिलाफ खुद को साबित करने का अवसर है।
बेली ने लियाम स्कॉट की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले 12 से 18 महीनों में उनके खेल में काफी सुधार देखने को मिला है। वह हर मौके से सीखते हैं और अपने प्रदर्शन में लगातार बेहतर हो रहे हैं। चयनकर्ता उनके विकास से खुश हैं और उन्हें उम्मीद है कि वह इंग्लैंड के खिलाफ भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
महली बियर्डमैन को लेकर बेली ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया A के लिए उनका हालिया प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा है। वह उन्हें ODI और T20 दोनों फॉर्मेट में राष्ट्रीय टीम के लिए खेलते हुए देखने को उत्साहित हैं। चयनकर्ताओं का मानना है कि आने वाले वर्षों में बियर्डमैन एक ऑल-फॉर्मेट खिलाड़ी के रूप में अपनी पहचान बना सकते हैं।
लाचलान शॉ और सैम हार्पर को लेकर भी उन्होंने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। बेली के अनुसार, शॉ एक प्रतिभाशाली क्रिकेटर हैं और उनका आक्रामक अंदाज T20 फॉर्मेट में टीम के लिए फायदेमंद हो सकता है। वहीं, सैम हार्पर घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और लगातार अपने खेल को बेहतर बना रहे हैं।
ओवेन की वापसी
ऑस्ट्रेलिया की T20I टीम में जेक फ्रेजर-मैकगर्क और मिच ओवेन की भी वापसी हुई है। दोनों खिलाड़ी अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं और छोटे फॉर्मेट में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। चयनकर्ताओं को उम्मीद है कि इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में दोनों खिलाड़ी अपनी बल्लेबाजी से बड़ा अंतर पैदा कर सकते हैं।
जॉर्ज बेली ने कहा कि इन दोनों खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अनुभव मिल चुका है। उन्होंने पहले मिले मौकों से सीख लेकर अपने खेल पर काम किया है। अब टीम को उम्मीद है कि उनकी आक्रामक बल्लेबाजी T20 फॉर्मेट में ऑस्ट्रेलिया के लिए फायदेमंद साबित होगी।
ODI सीरीज का कार्यक्रम
ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की ODI सीरीज का पहला मुकाबला 13 नवंबर को पर्थ में खेला जाएगा। इसके बाद दूसरा ODI 15 नवंबर को एडिलेड में होगा, जबकि तीसरा और आखिरी मुकाबला 18 नवंबर को होबार्ट में खेला जाएगा। तीनों मैचों में दोनों टीमें सीरीज पर कब्जा जमाने के इरादे से उतरेंगी।
T20I सीरीज का कार्यक्रम
तीन ODI मुकाबलों के बाद दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की T20I सीरीज खेली जाएगी। इसका पहला मुकाबला 21 नवंबर को मेलबर्न में होगा। दूसरा T20I 24 नवंबर को गोल्ड कोस्ट में खेला जाएगा। इसके बाद तीसरा मैच 27 नवंबर को ब्रिस्बेन में होगा, जबकि चौथा मुकाबला 29 नवंबर को सिडनी में खेला जाएगा। सीरीज का पांचवां और आखिरी T20I 2 दिसंबर को कैनबरा में आयोजित होगा।
ऑस्ट्रेलिया की टीम
इंग्लैंड के खिलाफ पहले तीन ODI मुकाबलों के लिए ऑस्ट्रेलिया ने मिचेल मार्श को कप्तान बनाया है। टीम में जेवियर बार्टलेट, महली बियर्डमैन, एलेक्स कैरी, कूपर कॉनोली, जैक एडवर्ड्स, कैमरन ग्रीन, ट्रैविस हेड, जोश इंग्लिस, स्पेंसर जॉनसन, ओलिवर पीक, मैथ्यू रेनशॉ, लियाम स्कॉट और एडम जंपा को शामिल किया गया है।
वहीं, पांच मैचों की T20I सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया की टीम में मिचेल मार्श (कप्तान), जेवियर बार्टलेट, महली बियर्डमैन, निकिल चौधरी, टिम डेविड, जोएल डेविस, जैक एडवर्ड्स, नाथन एलिस, जेक फ्रेजर-मैकगर्क, सैम हार्पर, स्पेंसर जॉनसन, मिच ओवेन, लाचलान शॉ और एडम जंपा को जगह मिली है।
इस तरह ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के खिलाफ आगामी व्हाइट बॉल सीरीज के लिए अनुभवी खिलाड़ियों को आराम देकर युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है। अब सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि नए खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कैसा प्रदर्शन करते हैं और क्या ऑस्ट्रेलिया अपने घरेलू मैदान पर इंग्लैंड को कड़ी चुनौती दे पाता है।










