36 की उम्र में Bhuvneshwar Kumar की शानदार वापसी, 19% से 14% हुआ body fat

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Bhuvneshwar Kumar

Bhuvneshwar Kumar ने 36 साल की उम्र में India की T20I team में वापसी करके एक बार फिर साबित कर दिया है कि उम्र सिर्फ एक number है, अगर fitness और performance का level बना रहे। 22 November 2022 को New Zealand के खिलाफ अपना आखिरी international match खेलने वाले Bhuvneshwar करीब चार साल बाद उसी opposition के खिलाफ Indian T20I squad में लौटे हैं। BCCI ने New Zealand के खिलाफ पांच मैचों की T20I series के लिए 16-member squad का ऐलान किया, जिसमें Bhuvneshwar का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले selections में शामिल रहा।

वापसी की वजह

Bhuvneshwar की वापसी सिर्फ उनके पुराने नाम या experience की वजह से नहीं हुई है। पिछले कुछ समय में उन्होंने domestic और franchise cricket में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। IPL 2026 में Royal Challengers Bengaluru के लिए उन्होंने 16 matches में 28 wickets लिए और season के joint-highest wicket-taker रहे। इस दौरान उनका bowling average 17.89 और economy rate 7.95 रहा। RCB ने लगातार दूसरी बार IPL trophy जीती और Bhuvneshwar उस campaign के सबसे महत्वपूर्ण bowlers में से एक रहे।

इसके बाद Bhuvneshwar ने UPT20 league में Lucknow Falcons की captaincy की और team को final तक पहुंचाया। उन्होंने 11 matches में 14 wickets लिए, इस दौरान उनका average 16.57 और economy rate सिर्फ 6.82 रहा। यानी India में वापसी से पहले Bhuvneshwar ने सिर्फ एक tournament में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, बल्कि अलग-अलग formats और conditions में लगातार अपनी fitness और bowling effectiveness साबित की।

फिटनेस का काम

Bhuvneshwar की इस वापसी के पीछे उनकी fitness routine की बड़ी भूमिका रही है। IPL 2026 के बाद उनके personal strength and conditioning coach Surya Pratap Yadav ने बताया था कि Bhuvneshwar ने पिछले कुछ समय में अपनी body composition पर काफी काम किया है। सबसे बड़ा लक्ष्य body fat कम करना और muscle mass बढ़ाना था, ताकि उम्र बढ़ने के साथ होने वाले muscle loss को रोका जा सके और fast bowling के लिए जरूरी strength को बनाए रखा जा सके।

Surya Pratap के मुताबिक Bhuvneshwar का body fat percentage करीब 19% से घटकर 14% हो गया, जबकि उनका overall weight लगभग maintain रहा। इसका मतलब यह था कि वजन कम करने के बजाय उन्होंने body composition को बेहतर किया और muscle mass बढ़ाया। उनकी strength में भी सुधार हुआ, जिसका असर force production और running speed पर दिखाई दिया। एक fast bowler के लिए यह बदलाव काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ workload संभालना और injury से बचना performance जितना ही जरूरी हो जाता है।

छह घंटे की मेहनत

Bhuvneshwar की fitness journey का सबसे दिलचस्प हिस्सा उनका daily workload है। उनके coach के मुताबिक वह कई दिनों में करीब 6 से 7 घंटे तक training से जुड़े रहते हैं। इसमें सिर्फ gym या bowling practice शामिल नहीं है, बल्कि rehabilitation, recovery routines, batting practice, bowling sessions और अलग-अलग environments में training भी शामिल होती है। बाहर से देखने पर यह मेहनत शायद नजर नहीं आती, लेकिन उनकी comeback story के पीछे लगातार की गई यही मेहनत सबसे बड़ी वजहों में से एक है।

उनकी routine में रोज करीब एक घंटे का समय rehabilitation और injury-prevention exercises के लिए भी रखा जाता है। इसके साथ recovery, hydration, proper sleep, protein intake और supplements पर भी ध्यान दिया जाता है। Fast bowler के लिए यह approach इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि 30s की उम्र में सिर्फ मैदान पर practice करना पर्याप्त नहीं होता। शरीर को recover करने और injury से बचाने के लिए training के साथ recovery को भी उतनी ही priority देनी पड़ती है।

घरेलू क्रिकेट

India team से बाहर रहने के चार साल Bhuvneshwar ने cricket से दूर रहकर नहीं बिताए। उन्होंने Uttar Pradesh के लिए domestic cricket में लगातार खेलना जारी रखा और Syed Mushtaq Ali Trophy तथा Vijay Hazare Trophy जैसे tournaments में bowling attack की जिम्मेदारी संभाली। IPL भी उनके career का लगातार हिस्सा बना रहा। यानी international cricket से बाहर होने के बावजूद उनका competitive cricket से connection कभी खत्म नहीं हुआ।

इस दौरान Bhuvneshwar ने national team में वापसी को लेकर खुद पर कोई unnecessary pressure नहीं डाला। RCB द्वारा शेयर किए गए एक video में उन्होंने बताया था कि उन्होंने लंबे समय से long-term goals बनाना छोड़ दिया है, क्योंकि पहले जब वह ऐसा करते थे तो चीजें उनके हिसाब से नहीं होती थीं। उनका focus इस बात पर रहा कि वह जो भी match खेल रहे हैं, उसमें अपना best दें और अपनी performance को लगातार बेहतर बनाते रहें।

नई सोच

Bhuvneshwar ने यह भी समझ लिया था कि comeback की उम्मीद में हर दिन काम करने से ज्यादा जरूरी है कि वह खुद को competitive cricket के लिए तैयार रखें। इसी सोच ने उन्हें domestic cricket और IPL में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने में मदद की। अब जब India की team में उनकी वापसी हुई है, तो यह किसी अचानक मिले मौके की कहानी नहीं बल्कि कई साल की consistency, fitness और discipline का नतीजा नजर आती है।

उनकी वापसी यह भी बताती है कि modern cricket में सिर्फ उम्र देखकर किसी player को खत्म मान लेना सही नहीं है। अगर कोई fast bowler अपनी fitness maintain कर रहा है, लगातार wickets ले रहा है और team को match-winning performances दे रहा है, तो selectors के लिए उसकी उम्र से ज्यादा उसका current performance मायने रख सकता है।

स्विंग की ताकत

Bhuvneshwar की सबसे बड़ी strength आज भी उनकी swing bowling है। New ball के साथ गेंद को हवा में move कराने की उनकी ability लंबे समय से उनकी पहचान रही है। England, West Indies और South Africa जैसी conditions में उन्होंने कई बार साबित किया है कि जब गेंद हवा में swing करती है, तो उनका experience और control opposition batters के लिए बड़ी परेशानी बन सकता है।

हालांकि New Zealand में Bhuvneshwar का record बहुत शानदार नहीं रहा है। उन्होंने वहां 15 matches में 15 wickets लिए हैं और उनका bowling average 38.00 रहा है। पिछली New Zealand tour की बात करें तो उन्होंने पांच T20Is में सिर्फ चार wickets लिए थे, जबकि उनका average 40.00 और economy rate 8.42 रहा था। लेकिन इस बार कहानी अलग हो सकती है, क्योंकि Bhuvneshwar India के लिए सिर्फ आंकड़ों के आधार पर नहीं बल्कि अपने current form और new-ball skills की वजह से वापस आए हैं।

न्यूजीलैंड की चुनौती

New Zealand की conditions में Bhuvneshwar की swing bowling India के लिए एक अलग तरह का bowling option लेकर आती है। नई गेंद के साथ movement मिलने पर वह शुरुआत में opposition batting को दबाव में डाल सकते हैं और अपने experience का इस्तेमाल कर सकते हैं। T20 cricket में powerplay के शुरुआती overs काफी अहम होते हैं और Bhuvneshwar लंबे समय से इस phase में विकेट लेने और runs रोकने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं।

उनकी वापसी पर former India players की प्रतिक्रिया भी काफी positive रही है। Suresh Raina ने उनके selection को thoroughly deserved बताया, जबकि Kris Srikkanth ने इसे fantastic move कहा। Virender Sehwag ने भी सवाल उठाया कि अगर 35 या 36 साल की उम्र में कोई fast bowler match-winning performances दे रहा है, तो सिर्फ age को selection का आधार क्यों बनाया जाए। Mohammad Kaif ने भी Bhuvneshwar की गेंद को move कराने की क्षमता की तारीफ की है।

उम्र से आगे

Bhuvneshwar Kumar की comeback story सिर्फ एक player के India team में वापस आने की कहानी नहीं है। यह उस mindset की कहानी भी है जिसमें खिलाड़ी उम्र बढ़ने के साथ अपनी training, recovery और lifestyle को बदलता है और शरीर की जरूरत के हिसाब से खुद को तैयार करता है। 19% से 14% body fat तक का बदलाव, रोज कई घंटे की training और लगातार domestic तथा IPL cricket में performance दिखाना बताता है कि यह comeback किसी shortcut का नतीजा नहीं है।

अब New Zealand के खिलाफ T20I series में Bhuvneshwar के प्रदर्शन पर सबकी नजर होगी। चार साल बाद India jersey में लौटने वाले इस experienced pacer के सामने खुद को फिर से international level पर साबित करने की चुनौती होगी। लेकिन जिस तरह उन्होंने पिछले कुछ महीनों में fitness और performance दोनों पर काम किया है, उससे यह साफ है कि 36 की उम्र में भी Bhuvneshwar ने अपने career को खत्म मानने के बजाय एक नई शुरुआत के लिए तैयार किया है।

Ehtesham Arif

I’m Ehtesham Arif, lead cricket analyst at Kricket Wala with over 3 years of experience in cricket journalism. I’m passionate about bringing you reliable match analysis and the latest updates from the world of cricket. My favorite team is India, and in the IPL, I support Delhi Capitals.

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