इंग्लैंड अंडर-19 टीम अब इतिहास से बस एक कदम दूर है। बुलावायो में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली शानदार जीत ने उन्हें ICC U-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में पहुंचा दिया है। अब नजरें सिर्फ शुक्रवार पर हैं – जहां उनका सामना भारत या अफगानिस्तान से होगा।
नेतृत्व
कप्तान थॉमस रयू इस जीत के हीरो रहे, जिन्होंने 107 गेंदों में 110 रन की बेहतरीन पारी खेली और “प्लेयर ऑफ द मैच” का खिताब अपने नाम किया। लेकिन रयू का कहना है कि वे इस पारी से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उन्हें लगता है कि अगर वो अंत तक टिके रहते, तो टीम का स्कोर और भी बड़ा हो सकता था।
उन्होंने कहा, “मेरे आउट होने की टाइमिंग ठीक नहीं थी। लेकिन हमारी प्लानिंग और execution पूरे टूर्नामेंट में कमाल का रहा है।”
प्रेरणा
इंग्लैंड की अंडर-19 टीम ने पिछली बार 1998 में वर्ल्ड कप जीता था, ओवैस शाह की कप्तानी में। अब 28 साल बाद एक नई टीम उसी मुकाम के बेहद करीब खड़ी है। कप्तान रयू खुद मानते हैं कि पूरी टीम एक ही सपना लेकर इस टूर्नामेंट में उतरी थी – और अब वो बस एक कदम दूर हैं।
टक्कर
ऑस्ट्रेलिया की तरफ से कप्तान ओली पीक ने भी शानदार पारी खेली और शतक जड़ा। लेकिन आखिरी विकेट के रूप में उनके आउट होते ही इंग्लैंड ने मैच पर कब्जा कर लिया।
पीक ने मैच के बाद कहा, “हमारी तैयारी, रणनीति सब ठीक थी। लेकिन इंग्लैंड ने हमसे बेहतर क्रिकेट खेली – और यही असली वजह थी हार की।”
आंकड़े
थॉमस रयू ने 110 रन 107 गेंदों में बनाए, स्ट्राइक रेट रहा 102.80। वहीं ऑस्ट्रेलिया के ओली पीक ने भी शतक जड़ा, लेकिन वो नतीजा बदल नहीं सके।
अब इंग्लैंड का अगला और आखिरी मुकाबला फाइनल है। भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाले सेमीफाइनल से तय होगा कि कौन उनकी राह का आखिरी चैलेंजर होगा।
अगर इंग्लैंड यह मैच जीतता है, तो यह उनके अंडर-19 क्रिकेट इतिहास का दूसरा वर्ल्ड कप खिताब होगा – और साथ ही एक नया भरोसा, जो भविष्य की इंग्लैंड सीनियर टीम के लिए बड़ी नींव बन सकता है।
FAQs
इंग्लैंड पिछली बार कब U-19 चैंपियन बना था?
1998 में ओवैस शाह की कप्तानी में।
थॉमस रयू ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कितने रन बनाए?
107 गेंदों में शानदार 110 रन।
फाइनल में इंग्लैंड का सामना किससे होगा?
भारत या अफगानिस्तान में से किसी एक से।
क्या ऑस्ट्रेलिया के कप्तान ने भी शतक लगाया?
हां, ओली पीक ने भी शतक जड़ा।
रयू अपने आउट होने से क्यों नाराज़ थे?
वे अंत तक नहीं टिके, जिससे टीम को और रन मिल सकते थे।











