India vs New Zealand ODI Series 2026: भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाली पांच मैचों की ODI सीरीज शुरू होने से पहले कीवी टीम को बड़ा झटका लगा है। न्यूजीलैंड के दो महत्वपूर्ण खिलाड़ी रचिन रवींद्र और मार्क चैपमैन चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं।
दोनों खिलाड़ियों की चोट अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुई है और उन्हें मैदान पर वापसी करने से पहले कुछ और समय तक आराम और रिहैबिलिटेशन की जरूरत होगी। ऐसे में न्यूजीलैंड की टीम को भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ेगा।
रचिन रवींद्र और मार्क चैपमैन की गैरमौजूदगी न्यूजीलैंड के लिए इसलिए भी बड़ा नुकसान है, क्योंकि दोनों खिलाड़ी बल्लेबाजी के साथ टीम को दूसरे विभागों में भी मजबूती देते हैं। खासकर रचिन रवींद्र अपनी ऑलराउंड क्षमता के कारण टीम के अहम खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। वहीं, मार्क चैपमैन भी मिडिल ऑर्डर में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। इन दोनों के बाहर होने के बाद न्यूजीलैंड क्रिकेट ने टीम में नए खिलाड़ियों को शामिल करते हुए स्क्वॉड में कई बदलाव किए हैं।
चोट की जानकारी
न्यूजीलैंड क्रिकेट की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, मार्क चैपमैन के बाएं पैर की हैमस्ट्रिंग में चोट है। उनके MRI स्कैन में सामने आया है कि चोट से पूरी तरह उबरने के लिए उन्हें अभी करीब दो सप्ताह तक और रिहैबिलिटेशन करना होगा।
इसका मतलब है कि वह भारत के खिलाफ होने वाली पूरी पांच मैचों की ODI सीरीज में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। टीम मैनेजमेंट उनकी फिटनेस को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहता, क्योंकि पूरी तरह ठीक हुए बिना मैदान पर वापसी करने से चोट दोबारा गंभीर हो सकती है।
वहीं, रचिन रवींद्र के दाएं कंधे में लगी चोट अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुई है। मेडिकल जांच के बाद यह साफ हुआ है कि उनका कंधा अभी उस स्थिति में नहीं पहुंचा है, जहां वह सफेद गेंद के क्रिकेट में आराम से फील्डिंग कर सकें। ODI क्रिकेट में खिलाड़ियों को लगातार दौड़ना, गेंद पकड़ना और तेजी से थ्रो करना पड़ता है। ऐसे में कंधे की पूरी फिटनेस बेहद जरूरी होती है। इसी वजह से न्यूजीलैंड ने उन्हें भारत के खिलाफ इस सीरीज से बाहर रखने का फैसला किया है।
सितंबर में लगी थी चोट
रचिन रवींद्र और मार्क चैपमैन दोनों को सितंबर में चोट लगी थी। रचिन रवींद्र को एक Promotional Shoot के दौरान दाएं कंधे में चोट लगी थी। शुरुआत में उम्मीद की जा रही थी कि वह जल्द ही पूरी तरह फिट होकर मैदान पर वापसी कर लेंगे, लेकिन उनकी रिकवरी में उम्मीद से ज्यादा समय लग रहा है।
दूसरी ओर, मार्क चैपमैन को European T20 Premier League के दौरान हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। उनकी चोट की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल टीम ने उन्हें अतिरिक्त आराम देने की सलाह दी है।
न्यूजीलैंड के मुख्य कोच रॉब वॉल्टर ने दोनों खिलाड़ियों के बाहर होने पर निराशा जताई है। उनका कहना है कि रचिन और मार्क टीम के लिए काफी महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं और उनकी गैरमौजूदगी निश्चित रूप से महसूस होगी।
उन्होंने बताया कि मार्क चैपमैन से उनकी पिछले सप्ताह बातचीत हुई थी। चोट के कारण वह सीरीज से बाहर होने से निराश हैं, लेकिन अपनी फिटनेस वापस हासिल करने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं।
रचिन को लेकर रॉब वॉल्टर ने कहा कि उनका कंधा अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है और वह सफेद गेंद के क्रिकेट में आराम से फील्डिंग करने की स्थिति में नहीं हैं। न्यूजीलैंड को इसी महीने के अंत में टेस्ट सीरीज भी खेलनी है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट रचिन की फिटनेस को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता और उनकी वापसी के लिए पर्याप्त समय देना चाहता है।
सीफर्ट को मौका
रचिन रवींद्र और मार्क चैपमैन के बाहर होने के बाद न्यूजीलैंड ने विकेटकीपर बल्लेबाज टिम सीफर्ट को पूरी पांच मैचों की ODI सीरीज के लिए टीम में शामिल कर लिया है।
इससे पहले सीफर्ट को केवल आखिरी दो मुकाबलों के लिए चुना गया था, लेकिन अब उन्हें पूरी सीरीज में खेलने का मौका मिल सकता है। सीफर्ट अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं और जरूरत पड़ने पर टीम को तेज शुरुआत दिलाने की क्षमता रखते हैं।
टिम सीफर्ट का अनुभव न्यूजीलैंड के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है। भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है, क्योंकि टीम को शुरुआती ओवरों में तेजी से रन बनाने के साथ विकेट बचाकर रखने की भी जरूरत होगी। सीफर्ट के आने से न्यूजीलैंड के पास बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग दोनों विभागों में एक अतिरिक्त विकल्प मौजूद रहेगा।
निकोल्स की वापसी
न्यूजीलैंड ने अनुभवी बल्लेबाज हेनरी निकोल्स को शुरुआती तीन ODI मुकाबलों के लिए टीम में शामिल किया है। निकोल्स इसी महीने अपना 35वां जन्मदिन मनाने वाले हैं और उनके पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का अच्छा अनुभव है। वह न्यूजीलैंड के लिए अब तक 92 ODI मुकाबले खेल चुके हैं। इससे पहले वह जुलाई में वेस्टइंडीज दौरे पर गई न्यूजीलैंड टीम का भी हिस्सा थे।
निकोल्स की टीम में वापसी ऐसे समय हुई है, जब वह घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने शनिवार को Ford Trophy में Canterbury की ओर से खेलते हुए Wellington के खिलाफ 119 रन की शानदार पारी खेली थी। इस पारी के बाद उनकी फॉर्म को देखते हुए टीम में उनका चयन काफी अहम माना जा रहा है। भारत के खिलाफ शुरुआती तीन मुकाबलों में वह न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी को मजबूती दे सकते हैं।
फॉक्सक्रॉफ्ट की एंट्री
न्यूजीलैंड ने डीन फॉक्सक्रॉफ्ट को भी ODI टीम में शामिल किया है। फिलहाल फॉक्सक्रॉफ्ट न्यूजीलैंड A और भारत A के बीच खेली जा रही रेड बॉल सीरीज का हिस्सा हैं। वह इस सीरीज के दौरान अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे और इसके बाद भारत के खिलाफ ODI सीरीज के आखिरी दो मुकाबलों के लिए न्यूजीलैंड की मुख्य टीम से जुड़ेंगे।
फॉक्सक्रॉफ्ट के शामिल होने से न्यूजीलैंड को मिडिल ऑर्डर में एक और बल्लेबाजी विकल्प मिलेगा। वह जरूरत पड़ने पर गेंदबाजी में भी योगदान दे सकते हैं। पांच मैचों की लंबी सीरीज में खिलाड़ियों की फिटनेस और टीम संयोजन काफी महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में फॉक्सक्रॉफ्ट जैसे खिलाड़ी टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।
मैट हेनरी की फिटनेस
न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज मैट हेनरी की फिटनेस पर भी टीम मैनेजमेंट की नजर बनी हुई है। हेनरी भारत के खिलाफ T20I सीरीज के बीच में चोटिल होने के कारण बाहर हो गए थे। हालांकि, अब वह सोमवार को ODI टीम के साथ जुड़ गए हैं। उनके टीम से जुड़ने के बाद न्यूजीलैंड को उम्मीद जरूर मिली है, लेकिन अभी यह तय नहीं हुआ है कि वह पहले मुकाबले में खेल पाएंगे या नहीं।
टीम मैनेजमेंट उनकी फिटनेस का पूरा आकलन करेगा और मेडिकल टीम की रिपोर्ट के आधार पर ही उन्हें मैदान पर उतारने का फैसला लिया जाएगा। मैट हेनरी न्यूजीलैंड के प्रमुख तेज गेंदबाजों में शामिल हैं और नई गेंद से विकेट निकालने की उनकी क्षमता टीम के लिए काफी अहम है। अगर वह पूरी तरह फिट होकर वापसी करते हैं, तो भारतीय बल्लेबाजों के सामने न्यूजीलैंड की गेंदबाजी और मजबूत हो सकती है।
फिशर को भी मौका
न्यूजीलैंड ने तेज गेंदबाज मैथ्यू फिशर को लेकर भी बड़ा बदलाव किया है। पहले फिशर को केवल आखिरी दो ODI मुकाबलों के लिए टीम में चुना गया था, लेकिन अब उन्हें पूरी पांच मैचों की सीरीज के लिए शामिल कर लिया गया है। टीम में अतिरिक्त तेज गेंदबाजी विकल्प रखने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।
फिशर के लिए यह सीरीज खुद को साबित करने का अच्छा मौका हो सकती है। भारत के खिलाफ खेलने से उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी गेंदबाजी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा। वहीं, न्यूजीलैंड की टीम को भी पांच मैचों की सीरीज के दौरान तेज गेंदबाजों को आराम देने और जरूरत के हिसाब से बदलाव करने का विकल्प मिलेगा।
पहला मुकाबला
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की ODI सीरीज का पहला मुकाबला 4 नवंबर 2026 को ऑकलैंड के Eden Park में खेला जाएगा। इस सीरीज में दोनों टीमें जीत के साथ शुरुआत करना चाहेंगी। न्यूजीलैंड के लिए अपने घरेलू मैदान पर खेलना एक फायदा हो सकता है, लेकिन रचिन रवींद्र और मार्क चैपमैन जैसे खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी टीम की चुनौती बढ़ा सकती है।
भारतीय टीम भी इस सीरीज में मजबूत प्रदर्शन करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। पांच मैचों की सीरीज में खिलाड़ियों की फॉर्म, फिटनेस और सही टीम संयोजन काफी मायने रखेंगे।
वहीं, न्यूजीलैंड को अपने नए खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। अब देखना दिलचस्प होगा कि टिम सीफर्ट, हेनरी निकोल्स और डीन फॉक्सक्रॉफ्ट जैसे खिलाड़ी इस मौके का कितना फायदा उठा पाते हैं।
टीम स्क्वॉड
भारत के खिलाफ पहले तीन ODI मुकाबलों के लिए न्यूजीलैंड ने मिचेल सैंटनर को कप्तान बनाया है। टीम में माइकल ब्रेसवेल, डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, मैथ्यू फिशर, मैट हेनरी, काइल जैमीसन, टॉम लैथम (विकेटकीपर), डेरिल मिचेल, हेनरी निकोल्स, ग्लेन फिलिप्स, टिम सीफर्ट, नाथन स्मिथ, विल यंग और ब्लेयर टिकनर को शामिल किया गया है।
वहीं, आखिरी दो ODI मुकाबलों के लिए न्यूजीलैंड की टीम में मिचेल सैंटनर (कप्तान), फिन एलन, माइकल ब्रेसवेल, क्रिस्टियन क्लार्क, जैकब डफी, मैथ्यू फिशर, डीन फॉक्सक्रॉफ्ट, लॉकी फर्ग्यूसन, मिचेल हे (विकेटकीपर), निक केली, टिम सीफर्ट, ब्लेयर टिकनर और विल यंग को जगह मिली है। इस तरह न्यूजीलैंड ने चोटिल खिलाड़ियों की जगह नए विकल्पों को शामिल करके भारत के खिलाफ सीरीज के लिए अपनी तैयारी पूरी करने की कोशिश की है।










