Pakistan Cricket में फिर मचा बवाल, Phones Confiscated से 2010 के Lord’s Spot-Fixing Scandal की यादें ताजा

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Pakistan Cricket

England में Pakistan cricket के लिए मौजूदा Test series अब तक किसी बुरे सपने से कम नहीं रही है। तीन मैचों की series में Pakistan पहले ही दो मुकाबले बड़े अंतर से हार चुका है। Headingley में उसे innings से हार मिली, जबकि Lord’s में दूसरे Test में England ने 194 runs से बाजी मारी।

अब तीसरा Test बुधवार से Edgbaston में शुरू होने वाला है, लेकिन Lord’s की हार के बाद Pakistan Cricket Board ने जो फैसले लिए, उन्होंने पूरी cricketing world का ध्यान खींच लिया है। सात खिलाड़ियों को घर भेज दिया गया और उनकी जगह सात नए खिलाड़ियों को squad में शामिल किया गया, जिनमें पांच players ने अभी तक Test cricket में debut भी नहीं किया है।

बड़ा बदलाव

PCB ने सिर्फ players पर ही action नहीं लिया, बल्कि Test head coach Sarfaraz Ahmed और bowling coach Umar Gul को भी उनकी जिम्मेदारियों से हटा दिया। उनकी जगह white-ball coaches Mike Hesson और Ashley Noffke को red-ball setup की जिम्मेदारी दी गई।

इस बदलाव की चपेट में Salman Ali Agha भी आए, जिन्होंने injured Babar Azam की गैरमौजूदगी में Headingley Test में Pakistan की captaincy की थी। Left-arm spinner Ali Usman को भी squad से बाहर कर दिया गया, जबकि उन्होंने उसी Test में पांच विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया था। अनुभवी wicketkeeper Mohammad Rizwan और opener Imam-ul-Haq को भी England से वापस भेज दिया गया। Imam ने Lord’s Test की दोनों innings में batting नहीं की थी और इसकी वजह calf injury बताई गई थी।

Chaos पर सवाल

Team में अचानक हुए इतने बड़े बदलावों ने Pakistan के dressing room की स्थिति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। White-ball coach Mike Hesson ने खुद माना कि इस तरह के changes ने टीम के आसपास uncertainty बढ़ा दी है।

Hesson के मुताबिक खिलाड़ियों को शायद इस तरह के chaos की आदत ज्यादा है, लेकिन कोई भी coach नहीं चाहेगा कि series के बीच ऐसी स्थिति पैदा हो। लगातार changes के कारण टीम के combination और preparation पर भी असर पड़ना स्वाभाविक है।

Inquiry शुरू

मामला तब और गंभीर हो गया जब PCB ने England tour के दौरान squad के conduct को लेकर investigation शुरू करने की घोषणा की। इसके बाद Pakistan cricket में match-fixing और पुराने corruption scandals की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई।

Reports में दावा किया गया है कि team में किए गए बदलाव सिर्फ खराब cricketing performance का नतीजा नहीं थे और इसके पीछे “more than cricket” reasons हो सकते हैं। हालांकि, इन दावों की अभी official confirmation नहीं हुई है।

Phones की खबर

Pakistani outlet 365 News की एक report के मुताबिक कुछ खिलाड़ियों के electronic devices PCB को सौंपे गए हैं और final Test खत्म होने तक board की custody में रहेंगे। हालांकि report में यह नहीं बताया गया कि किन खिलाड़ियों के phones लिए गए हैं।

PCB ने भी publicly यह स्पष्ट नहीं किया है कि devices को custody में लेने की वजह क्या है। इसलिए phones confiscate होने की खबर को सीधे match-fixing का सबूत मानना सही नहीं होगा। फिलहाल official inquiry के नतीजे का इंतजार करना जरूरी है।

2010 की याद

मौजूदा घटनाक्रम ने Pakistan cricket के सबसे काले अध्यायों में से एक, 2010 Lord’s spot-fixing scandal की यादें जरूर ताजा कर दी हैं। उस समय भी Pakistan team England tour पर थी और scandal का केंद्र Lord’s में खेला गया चौथा Test बना था।

उस मामले में आरोप था कि Pakistani players ने पैसे के बदले match में पहले से तय समय पर जानबूझकर no-balls की थीं। बाद में सामने आया कि Mohammad Amir की दो और Mohammad Asif की एक no-ball एक betting arrangement का हिस्सा थीं।

Salman Butt पर आरोप था कि उन्होंने bookmaker के साथ मिलकर इन deliberate no-balls की व्यवस्था की थी। यह पूरा मामला Britain’s अब बंद हो चुके News of the World tabloid के sting operation के जरिए सामने आया था और इसके बाद Pakistan cricket में भूचाल आ गया था।

तीनों को सजा

2011 में London में चले high-profile trial के बाद Salman Butt, Mohammad Asif और Mohammad Amir को corruption और illegal payments से जुड़े अपराधों में दोषी पाया गया। इसके बाद तीनों को prison sentences और लंबी cricket bans का सामना करना पड़ा।

Salman Butt को 30 महीने की prison sentence मिली, Mohammad Asif को एक साल की सजा हुई, जबकि Mohammad Amir को उनकी कम उम्र और शुरुआती confession को ध्यान में रखते हुए छह महीने की सजा सुनाई गई।

इस scandal ने सिर्फ तीन खिलाड़ियों के careers को नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि Pakistan cricket की image पर भी गहरा असर डाला। उस समय international cricket में Pakistan की स्थिति को लेकर भी गंभीर सवाल उठे थे।

Amir की वापसी

तीनों खिलाड़ियों में सिर्फ Mohammad Amir ही बाद में international cricket में वापसी कर पाए। उन्होंने ICC ban पूरा करने के बाद 2016 में Pakistan team में comeback किया।

हालांकि 2010 का scandal आज भी Pakistan cricket के इतिहास में एक बेहद संवेदनशील मामला माना जाता है। यही वजह है कि मौजूदा England tour में PCB की disciplinary inquiry और players के phones custody में लिए जाने जैसी खबरों ने पुराने मामले की यादें फिर से ताजा कर दी हैं।

फिलहाल फर्क समझना जरूरी है। 2010 के मामले में खिलाड़ियों को corruption के अपराध में दोषी ठहराया गया था, जबकि मौजूदा England tour में ऐसी किसी fixing activity का अभी कोई साबित निष्कर्ष सामने नहीं आया है। PCB की inquiry पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हालिया घटनाओं के पीछे असल वजह क्या थी।

Ehtesham Arif

I’m Ehtesham Arif, lead cricket analyst at Kricket Wala with over 3 years of experience in cricket journalism. I’m passionate about bringing you reliable match analysis and the latest updates from the world of cricket. My favorite team is India, and in the IPL, I support Delhi Capitals.

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