रोहित शर्मा के साथ वैभव सूर्यवंशी को ओपनिंग करानी चाहिए? पूर्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज फारुख इंजीनियर का यही मानना है। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के शानदार प्रदर्शन से प्रभावित इंजीनियर ने कहा कि अब इस युवा बल्लेबाज को सिर्फ टी20 तक सीमित नहीं रखना चाहिए। उनके अनुसार, भारत को 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों के तहत अभी से वैभव को वनडे टीम में मौका देना चाहिए, ताकि वह बड़े टूर्नामेंट से पहले पर्याप्त अनुभव हासिल कर सकें।
हाल ही में जिम्बाब्वे दौरे पर वैभव सूर्यवंशी ने तीन मैचों में 151 रन बनाए, दो अर्धशतक लगाए और प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए। उनकी निडर बल्लेबाजी और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता ने कई पूर्व क्रिकेटरों को प्रभावित किया है।
रोहित के साथ ओपनिंग
पीटीआई से बातचीत में फारुख इंजीनियर ने भारतीय बल्लेबाजी क्रम को लेकर अपनी राय खुलकर रखी। उनका कहना है कि अगर रोहित शर्मा वनडे टीम का हिस्सा हैं, तो उनके साथ वैभव सूर्यवंशी को ओपनिंग करनी चाहिए।
उन्होंने कहा,
“मेरी आदर्श ओपनिंग जोड़ी रोहित शर्मा और वैभव सूर्यवंशी होगी। शुभमन गिल शानदार बल्लेबाज हैं और मौजूदा समय में भारत के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शामिल हैं, इसलिए उन्हें नंबर-4 पर बल्लेबाजी करनी चाहिए।”
उनका मानना है कि इस बदलाव से टीम का बल्लेबाजी क्रम और अधिक संतुलित हो सकता है।
लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन
फारुख इंजीनियर का मानना है कि दाएं हाथ के रोहित शर्मा और बाएं हाथ के वैभव सूर्यवंशी की जोड़ी विपक्षी गेंदबाजों के लिए ज्यादा चुनौतीपूर्ण साबित होगी। वनडे क्रिकेट में लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन अक्सर गेंदबाजों की लय बिगाड़ देता है और कप्तानों के लिए फील्ड सेट करना भी मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि विराट कोहली को नंबर-3 और शुभमन गिल को नंबर-4 पर बल्लेबाजी करनी चाहिए। उनके मुताबिक इससे भारत के पास शीर्ष क्रम में अनुभव और युवा जोश का बेहतरीन संतुलन रहेगा।
वनडे पर राय
फारुख इंजीनियर का मानना है कि टी20 और वनडे क्रिकेट के बीच अंतर को जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर देखा जाता है। उनका कहना है कि अगर कोई बल्लेबाज अच्छी फॉर्म में है और लगातार रन बना रहा है, तो उसे दूसरे फॉर्मेट में मौका देने से नहीं हिचकना चाहिए।
उन्होंने कहा,
“मुझे समझ नहीं आता कि लोग वनडे और टी20 में इतना फर्क क्यों करते हैं। मेरे लिए हाफ-वॉली, हाफ-वॉली ही होती है। वैभव रन बना रहे हैं, आत्मविश्वास से भरे हुए हैं और ओपनिंग के लिए तैयार हैं।”
उनके अनुसार, अच्छे खिलाड़ी परिस्थितियों के हिसाब से खुद को जल्दी ढाल लेते हैं और वैभव में यह क्षमता साफ दिखाई देती है।
मैच विनर खिलाड़ी
फारुख इंजीनियर ने वैभव सूर्यवंशी को भविष्य का मैच विनर करार दिया। उनका कहना है कि यह युवा बल्लेबाज अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से भारत को ज्यादा मुकाबले जिताएगा, जबकि कुछ असफल पारियों को लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा,
“वह जितने मैच जिताएंगे, उससे कहीं कम मैच हारेंगे। अगर वह टीम को तेज शुरुआत देते हैं, तो बाकी बल्लेबाज पारी को संभालकर बड़ा स्कोर बना सकते हैं।”
इंजीनियर के मुताबिक, आधुनिक वनडे क्रिकेट में तेज शुरुआत का महत्व पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गया है और वैभव इस भूमिका के लिए पूरी तरह उपयुक्त नजर आते हैं।
जिम्बाब्वे दौरे पर चमके
इंग्लैंड दौरे पर शुरुआती संघर्ष के बाद वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे में शानदार वापसी की। उन्होंने पहले टी20 में तेज अर्धशतक लगाया और तीसरे मुकाबले में 49 गेंदों पर 81 रन की शानदार पारी खेली। इस पारी की खास बात सिर्फ रन नहीं थे, बल्कि उनकी मैच परिस्थितियों को समझकर बल्लेबाजी करने की क्षमता भी थी।
पूरी सीरीज में वैभव ने आक्रामकता और संयम का शानदार संतुलन दिखाया। यही वजह रही कि उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया और क्रिकेट विशेषज्ञों ने भी उनकी जमकर तारीफ की।
कोचिंग पर सलाह
फारुख इंजीनियर ने टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ और चयनकर्ताओं को सलाह दी कि वैभव के प्राकृतिक खेल में ज्यादा बदलाव करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उनका मानना है कि युवा बल्लेबाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी निडर सोच और स्वाभाविक स्ट्रोक प्ले है।
उन्होंने कहा,
“उसे जरूरत से ज्यादा कोच मत कीजिए। वह पारंपरिक बल्लेबाज नहीं है, लेकिन एक जीनियस है। विवियन रिचर्ड्स भी किसी किताब के मुताबिक बल्लेबाजी नहीं करते थे। वैभव पर भरोसा रखिए, वह भारत के लिए बड़ा खिलाड़ी साबित होगा।”
उन्होंने यह भी माना कि वैभव को अभी शॉर्ट गेंदों का सामना करने, विदेशी परिस्थितियों में जल्दी खुद को ढालने और शॉट चयन में निरंतरता लाने जैसे पहलुओं पर काम करना होगा। लेकिन इतनी कम उम्र में यह पूरी तरह सामान्य है और समय के साथ वह इन क्षेत्रों में भी बेहतर हो सकते हैं।
आगे की राह
फारुख इंजीनियर का मानना है कि भारत को भविष्य का इंतजार करने के बजाय अभी से वैभव सूर्यवंशी को लंबी अवधि की योजनाओं का हिस्सा बनाना चाहिए। उनके अनुसार, अगर इस युवा बल्लेबाज को लगातार मौके और सही मार्गदर्शन मिलता है, तो वह 2027 वनडे विश्व कप तक भारतीय टीम के अहम खिलाड़ियों में शामिल हो सकते हैं।
जिम्बाब्वे दौरे पर उनका प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि वैभव सिर्फ बड़े शॉट खेलने वाले बल्लेबाज नहीं हैं, बल्कि मैच की परिस्थितियों को समझकर जिम्मेदारी के साथ खेलने की क्षमता भी रखते हैं। यही गुण उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य का बड़ा सितारा बना सकता है।
FAQs
फारुख इंजीनियर ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर क्या सलाह दी?
उन्होंने वैभव को वनडे टीम में शामिल कर रोहित शर्मा के साथ ओपनिंग कराने की सलाह दी।
फारुख इंजीनियर ने शुभमन गिल के लिए कौन-सा बल्लेबाजी क्रम सुझाया?
उन्होंने शुभमन गिल को नंबर-4 पर बल्लेबाजी कराने की सलाह दी।
वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे सीरीज में कितने रन बनाए?
उन्होंने तीन मैचों में 151 रन बनाए और प्लेयर ऑफ द सीरीज बने।
फारुख इंजीनियर ने वैभव के खेल को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि वैभव को जरूरत से ज्यादा कोचिंग नहीं देनी चाहिए।
फारुख इंजीनियर ने 2027 विश्व कप को लेकर क्या राय दी?
उन्होंने कहा कि भारत को अभी से वैभव पर निवेश करना चाहिए।











