शादाब खान और हारिस रऊफ ने रचा इतिहास, 89 रन की साझेदारी से पाकिस्तान को दिलाई यादगार जीत

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Shadab Khan

पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच लाहौर में खेले गए वनडे मुकाबले में ऐसा रोमांच देखने को मिला, जिसे क्रिकेट फैंस लंबे समय तक याद रखेंगे। एक समय पाकिस्तान की टीम हार के बेहद करीब नजर आ रही थी, लेकिन शादाब खान और हारिस रऊफ ने आखिरी विकेट के लिए नाबाद 89 रन जोड़कर मैच का पूरा रुख बदल दिया। दोनों ने 80 गेंदों में यह साझेदारी की और पाकिस्तान को एक विकेट से यादगार जीत दिला दी।

इस मुकाबले में शादाब खान ने बल्ले से कमाल करते हुए आठवें नंबर पर उतरकर नाबाद 113 रन बनाए। दूसरी ओर, हारिस रऊफ ने 19 गेंदों में नाबाद 7 रन बनाकर उनका साथ दिया। शादाब की पारी और दोनों खिलाड़ियों की साझेदारी ने वनडे क्रिकेट के कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए।

आखिरी विकेट का रिकॉर्ड

शादाब खान और हारिस रऊफ के बीच हुई 89 रन की नाबाद साझेदारी सफल वनडे लक्ष्य का पीछा करते हुए दसवें विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी बन गई। इससे पहले यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के डेरीक मरे और एंडी रॉबर्ट्स के नाम था, जिन्होंने 1975 के विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ दसवें विकेट के लिए नाबाद 64 रन जोड़े थे।

लिस्ट ए क्रिकेट में सफल लक्ष्य का पीछा करते हुए यह दसवें विकेट की दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी भी है। इस मामले में दक्षिण अफ्रीका के घरेलू प्रांतीय टूर्नामेंट में नॉर्थ वेस्ट के थांडो बुला और फ्रिडेल डी वेट की 2006 में फ्री स्टेट के खिलाफ नाबाद 102 रन की साझेदारी सबसे ऊपर है।

आठवें नंबर पर शतक

शादाब खान ने इस मुकाबले में नाबाद 113 रन बनाकर एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। वनडे क्रिकेट में आठवें या उससे निचले क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए किसी भी खिलाड़ी का यह सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। इससे पहले इस क्रम पर कई बल्लेबाज शतक लगा चुके थे, लेकिन कोई भी शादाब के स्कोर तक नहीं पहुंचा था।

आयरलैंड के सिमी सिंह ने 2021 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ और बांग्लादेश के मेहदी हसन मिराज ने 2022 में भारत के खिलाफ आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए शतक लगाए थे। हालांकि, शादाब ने 113 रन की नाबाद पारी खेलकर इन सभी से आगे निकलने का कारनामा किया।

लिस्ट ए क्रिकेट में आठवें या उससे नीचे के क्रम पर छह बल्लेबाज शादाब से ज्यादा रन बना चुके हैं। लेकिन पाकिस्तानी बल्लेबाजों में उनका 113 रन का स्कोर संयुक्त रूप से सबसे बड़ा है। इससे पहले शाहिद इकबाल ने 1999 के टिसॉट कप में कराची व्हाइट्स के लिए नाबाद 113 रन बनाए थे।

टीम के लगभग आधे रन

शादाब खान ने पाकिस्तान के कुल 243 रन में से 113 रन बनाए। यानी टीम के कुल स्कोर में उनका योगदान करीब 46.5 प्रतिशत रहा। वनडे क्रिकेट में आठवें या उससे निचले क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए 100 या उससे ज्यादा रन बनाने वाली टीम के स्कोर में यह दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत योगदान है।

इस मामले में श्रीलंका के चमिका करुणारत्ने का रिकॉर्ड सबसे ऊपर है। उन्होंने 2022 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 75 रन बनाए थे, जो श्रीलंका के कुल 160 रन के स्कोर का लगभग 46.88 प्रतिशत था।

शादाब ने क्रीज पर रहते हुए पाकिस्तान के 140 रनों में से 113 रन खुद बनाए। आखिरी विकेट की 89 रन की साझेदारी में भी उनका योगदान सबसे बड़ा रहा। उन्होंने इस साझेदारी के शुरुआती 69 में से 68 रन बनाए, जबकि हारिस रऊफ ने अंत तक उनका साथ निभाया।

आठवें विकेट के बाद वापसी

पाकिस्तान ने आठवां विकेट गिरने के बाद 112 रन जोड़े, जिनमें शादाब के बल्ले से अकेले 100 रन आए। सफल वनडे लक्ष्य का पीछा करते हुए आखिरी दो विकेटों के लिए इससे ज्यादा रन केवल एक टीम ने बनाए हैं।

श्रीलंका ने 2010 में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते हुए आखिरी दो विकेटों के लिए 136 रन जोड़े थे। पाकिस्तान की इस पारी ने दिखाया कि निचले क्रम के बल्लेबाज भी दबाव में मैच का नतीजा बदल सकते हैं।

दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी

शादाब और रऊफ की 89 रन की साझेदारी पाकिस्तान के वनडे इतिहास में दसवें विकेट के लिए दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी बन गई। इस सूची में मोहम्मद आमिर और सईद अजमल का नाम पहले स्थान पर है। दोनों ने 2009 में अबू धाबी में न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी विकेट के लिए 103 रन जोड़े थे।

इंग्लैंड के खिलाफ किसी भी टीम की ओर से दसवें विकेट के लिए यह दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी भी रही। इस मामले में माइकल होल्डिंग और विवियन रिचर्ड्स का 1984 में इंग्लैंड के खिलाफ बनाया गया नाबाद 106 रन का रिकॉर्ड सबसे ऊपर है। मोहम्मद आमिर और सईद अजमल की 103 रन की साझेदारी दूसरे स्थान पर है, जबकि केमार रोच और रवि रामपॉल ने 2011 में भारत के खिलाफ नाबाद 99 रन जोड़े थे।

एक मैच में दो बड़े रिकॉर्ड

इस मुकाबले में इंग्लैंड ने भी दसवें विकेट के लिए 40 रन की साझेदारी की थी। पाकिस्तान की 89 रन की साझेदारी को मिलाकर मैच में आखिरी विकेट के लिए कुल 129 रन बने। वनडे क्रिकेट के इतिहास में किसी एक मैच में दसवें विकेट की साझेदारियों से बने यह सबसे ज्यादा रन हैं।

इससे पहले पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच 2009 में खेले गए मुकाबले में दसवें विकेट की साझेदारियों से कुल 103 रन बने थे। लाहौर के इस मैच ने उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया।

इंग्लैंड की लगातार हार

इंग्लैंड के लिए यह हार इसलिए भी निराशाजनक रही, क्योंकि टीम लगातार दो वनडे मुकाबले बेहद करीबी अंतर से गंवा चुकी थी। पहले उसे श्रीलंका के खिलाफ दो विकेट से हार मिली और फिर पाकिस्तान ने एक विकेट से हरा दिया।

पुरुष वनडे क्रिकेट में इससे पहले इंग्लैंड को केवल दो बार लगातार ऐसे मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा था, जिनमें हार का अंतर दो या उससे कम विकेट रहा हो। ये हार 1996 और 2003 में आई थीं। भारत भी 2014 के एशिया कप में इसी तरह लगातार दो करीबी मुकाबले हार चुका था। पहले श्रीलंका ने उसे दो विकेट से हराया और फिर पाकिस्तान ने एक विकेट से जीत दर्ज की।

पहली एक विकेट से जीत

इंग्लैंड के खिलाफ पुरुष वनडे क्रिकेट में पाकिस्तान की यह पहली एक विकेट से जीत थी। कुल मिलाकर वनडे क्रिकेट में एक विकेट से पाकिस्तान की यह नौवीं जीत रही। दूसरी ओर, इंग्लैंड अब तक इस अंतर से छह मुकाबले गंवा चुका है।

इस जीत ने पाकिस्तान के लिए सीरीज में नई उम्मीद जगाई और यह भी दिखाया कि मैच आखिरी गेंद तक किसी भी तरफ जा सकता है। शादाब और रऊफ की साझेदारी इस मुकाबले का सबसे यादगार पल बन गई।

शाहीन अफरीदी का रिकॉर्ड

पाकिस्तान के तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी ने भी इस मुकाबले में एक अहम उपलब्धि हासिल की। उन्होंने वनडे क्रिकेट में 150 विकेट पूरे करने के लिए 3,966 गेंदें लीं और इस मुकाम तक पहुंचने वाले दूसरे सबसे तेज गेंदबाज बने।

इस सूची में ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क सबसे आगे हैं, जिन्होंने 3,857 गेंदों में 150 वनडे विकेट पूरे किए थे। मैचों की संख्या के लिहाज से शाहीन ने अपने 80वें वनडे में यह उपलब्धि हासिल की और वह इस मामले में संयुक्त रूप से चौथे सबसे तेज गेंदबाज रहे। पाकिस्तानी गेंदबाजों में वह इस उपलब्धि तक पहुंचने वाले दूसरे सबसे तेज खिलाड़ी बने।

डकेट के नाम भी रिकॉर्ड

इंग्लैंड के बल्लेबाज बेन डकेट ने भी पाकिस्तान में अपना दूसरा वनडे शतक पूरा किया। वह पाकिस्तान की धरती पर वनडे क्रिकेट में दो शतक लगाने वाले इंग्लैंड के पहले बल्लेबाज बन गए। उनके दोनों शतक लाहौर में आए, लेकिन दोनों ही मुकाबलों में इंग्लैंड को हार का सामना करना पड़ा।

डकेट ने इससे पहले पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 165 रन की शानदार पारी खेली थी। अब उनके नाम वनडे क्रिकेट में कुल पांच शतक हैं, लेकिन इनमें से केवल एक शतक जीत में आया। उन्होंने इस साल लॉर्ड्स में भारत के खिलाफ जीत के दौरान शतक लगाया था। उनके बाकी शतकों में तीन हार वाले मुकाबलों में आए, जबकि एक मैच बारिश के कारण बेनतीजा रहा।

पांच या उससे ज्यादा वनडे शतक लगाने वाले बल्लेबाजों में डकेट का रिकॉर्ड भी अनोखा है। इस मामले में जिम्बाब्वे के ब्रेंडन टेलर और आयरलैंड के हैरी टेक्टर का रिकॉर्ड भी खराब रहा है। टेक्टर के सभी पांच शतक हार वाले मुकाबलों में आए, जबकि टेलर के 11 शतकों में से केवल दो जीत के दौरान बने।

कुल मिलाकर, पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच यह मुकाबला शादाब खान की ऐतिहासिक पारी, आखिरी विकेट की रिकॉर्ड साझेदारी और कई बड़े आंकड़ों के लिए याद किया जाएगा। शादाब ने मुश्किल हालात में जिस तरह टीम को जीत तक पहुंचाया, उसने एक बार फिर साबित किया कि क्रिकेट में आखिरी विकेट गिरने तक मुकाबला खत्म नहीं होता।

Ehtesham Arif

I’m Ehtesham Arif, lead cricket analyst at Kricket Wala with over 3 years of experience in cricket journalism. I’m passionate about bringing you reliable match analysis and the latest updates from the world of cricket. My favorite team is India, and in the IPL, I support Delhi Capitals.

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