South Africa की हार के बाद Shukri Conrad का सख्त संदेश, बोले- टीम को दिखानी होगी ‘Singlebloodymindedness’

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Australia के खिलाफ पहले Test में 214 रन से मिली करारी हार के बाद South Africa के head coach Shukri Conrad ने अपनी टीम को साफ संदेश दिया है। उनका मानना है कि Test cricket में सिर्फ अच्छी technique और talent काफी नहीं होते, बल्कि मुश्किल हालात में लंबे समय तक टिके रहने के लिए मानसिक मजबूती और जबरदस्त धैर्य भी जरूरी है।

Conrad ने इसी बात को समझाने के लिए एक नया शब्द इस्तेमाल किया, ‘Singlebloodymindedness’, जिसका मतलब है अपने लक्ष्य पर पूरी तरह डटे रहना और किसी भी परिस्थिति में आसानी से हार न मानना।

Conrad के मुताबिक, Aiden Markram ने दूसरी पारी में जिस तरह बल्लेबाजी की, उससे बाकी खिलाड़ियों को सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि Test cricket में हमेशा कुछ खास करने की जरूरत नहीं होती। कई बार बल्लेबाज का काम सिर्फ क्रीज पर टिके रहना और समय बिताना होता है, चाहे परिस्थितियां कितनी भी मुश्किल क्यों न हों।

Markram की मिसाल

पहले Test की दूसरी पारी में Aiden Markram South Africa के लिए सबसे ज्यादा देर तक क्रीज पर टिके रहे। उन्होंने करीब छह घंटे बल्लेबाजी की और 237 गेंदों का सामना करते हुए 75 रन बनाए। उनकी पारी ने दिखाया कि Australia के मजबूत bowling attack के सामने भी धैर्य के साथ खेला जा सकता है।

Markram के बाद Wiaan Mulder दूसरे ऐसे बल्लेबाज रहे, जिन्होंने दो घंटे से ज्यादा समय क्रीज पर बिताया। बाकी खिलाड़ियों में सिर्फ David Bedingham एक घंटे से ज्यादा टिक सके। Markram और Mulder के अलावा कोई भी South African बल्लेबाज 100 गेंदों का सामना नहीं कर पाया। Conrad के लिए यही सबसे बड़ी चिंता है, क्योंकि Test cricket में मुश्किल समय के दौरान विकेट बचाकर रखना मैच का रुख बदल सकता है।

खराब शॉट्स बने परेशानी

South Africa की दूसरी पारी में मैच उस समय पूरी तरह उनके हाथ से निकलने लगा, जब तीसरे दिन सिर्फ 9.3 ओवर के अंदर Aiden Markram, Temba Bavuma और David Bedingham के विकेट गिर गए। इस दौरान टीम के स्कोर में केवल 15 रन जुड़े। इसके बाद भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सके और आखिरी छह विकेट सिर्फ 129 रन के अंदर गिर गए।

Conrad इस बात से नाराज थे कि कई बल्लेबाजों ने खराब shot selection के कारण अपने विकेट गंवाए। उनसे जब पूछा गया कि क्या ऐसे शॉट्स देखकर उनका और batting coach Ashwell Prince का गुस्से में बाल नोचने का मन हुआ, तो Conrad ने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया, क्योंकि दोनों coach के सिर पर बाल नहीं हैं। हालांकि, इसके बाद उन्होंने साफ कहा कि Australia जैसी world-class टीम के खिलाफ बल्लेबाजी करने के लिए खास मानसिक एकाग्रता की जरूरत होती है।

मानसिक मजबूती की कमी

Conrad ने माना कि South Africa के कई बल्लेबाजों के आउट होने की वजह technical गलती से ज्यादा मानसिक दबाव था। उनके अनुसार, किसी बल्लेबाज के आउट होने की वजह को तीन हिस्सों में बांटा जा सकता है—तकनीकी गलती, रणनीति से जुड़ी गलती या मानसिक चूक। इस मैच में कई विकेट मानसिक दबाव और गलत फैसलों की वजह से गिरे।

उन्होंने यह भी माना कि यह समझना आसान नहीं है कि बल्लेबाज से गलती क्यों हुई। कभी मैच की स्थिति दबाव बढ़ा देती है, कभी बड़े मौके पर अच्छा प्रदर्शन करने की बेचैनी हावी हो जाती है और कभी खिलाड़ी जरूरत से ज्यादा जल्दबाजी कर बैठता है। Conrad का मानना है कि टीम को इन गलतियों से सीखना होगा और अगले मैच में बेहतर फैसले लेने होंगे।

लंबे ब्रेक का असर

South Africa के प्रदर्शन पर टीम के लंबे समय तक Test cricket न खेलने का असर भी दिखाई दिया। इस मुकाबले से पहले South Africa ने अपना पिछला Test लगभग 11 महीने पहले Guwahati में खेला था। वहीं, घरेलू मैदान पर उनका पिछला Test 18 महीने से भी ज्यादा समय पहले हुआ था। इतने लंबे अंतराल के बाद सीधे Australia जैसी मजबूत टीम का सामना करना आसान नहीं था।

Conrad ने याद दिलाया कि Australia को भी एक लंबे ब्रेक के बाद Bangladesh के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। Australia ने इस साल जनवरी के बाद कोई Test नहीं खेला था और अगस्त में Bangladesh के खिलाफ Darwin में नौ विकेट से हार गई थी। हालांकि, South Africa के मुकाबले Australia ने इस दौरान छह Test मैच खेले थे। Conrad ने माना कि कम मैच खेलने की वजह से टीम को अपनी रणनीति और खिलाड़ियों की भूमिका को परखने के मौके भी कम मिलते हैं।

टीम में बदलाव की चुनौती

Conrad ने कहा कि टीम को सुधारने के लिए बदलाव जरूरी हो सकते हैं, लेकिन फैसले घबराहट में नहीं लिए जाने चाहिए। उनके मुताबिक, हर हार के बाद खिलाड़ियों को बदल देना सही तरीका नहीं है। टीम को यह देखना होगा कि बदलाव करने से प्रदर्शन बेहतर होगा या इससे खिलाड़ियों की भूमिका और ज्यादा उलझ जाएगी।

Conrad के Test coach बनने के बाद South Africa ने अलग-अलग बल्लेबाजों को कई positions पर आजमाया है। तीसरे नंबर पर पांच, पांचवें नंबर पर आठ और छठे नंबर पर भी आठ बल्लेबाजों को मौका मिल चुका है। David Bedingham, Ryan Rickelton और Tristan Stubbs तीनों positions पर खेल चुके हैं, जबकि Tony de Zorzi, Wiaan Mulder और Dewald Brevis को दो-दो positions पर बल्लेबाजी करनी पड़ी है।

South Africa मौजूदा World Test Championship champion है, लेकिन टीम को बाकी टीमों की तुलना में कम Test खेलने का मौका मिलता है। ऐसे में WTC final की दौड़ में बने रहने के लिए हर मैच में अच्छा प्रदर्शन करना जरूरी है। अगले नौ Test में सात जीत हासिल करना टीम के लिए काफी अहम होगा। हालांकि, बार-बार batting position बदलने से खिलाड़ियों को अपनी भूमिका समझने और उसमें स्थिर होने में परेशानी भी हो सकती है।

Rabada की कमी

Durban Test में South Africa को अपने प्रमुख fast bowler Kagiso Rabada की कमी भी खली। Hamstring injury के कारण Rabada इस मुकाबले में नहीं खेल सके और Conrad के मुताबिक, उनकी गैरमौजूदगी ने मैच पर असर डाला।

उन्होंने Rabada को टीम के fast bowling attack की Rolls-Royce बताते हुए कहा कि जब ऐसा गेंदबाज उपलब्ध नहीं होता, तो बाकी खिलाड़ियों के साथ एक मजबूत attack तैयार करना पड़ता है।

Rabada के अलावा Lungi Ngidi, Kwena Maphaka, Ottneil Baartman और Lutho Sipamla भी हाल के हफ्तों में चोटों से परेशान रहे हैं। अब South Africa की नजरें दूसरे Test में Rabada की संभावित वापसी पर हैं, जो रविवार से Gqeberha के St George’s Park में खेला जाएगा। Conrad को उम्मीद है कि उनका प्रमुख तेज गेंदबाज जल्द फिट होकर टीम में लौट सकता है।

नए खिलाड़ियों को मौका

दूसरे Test से पहले South Africa की playing XI में बदलाव की संभावना भी बनी हुई है। Conrad ने संकेत दिया कि टीम में ऐसे खिलाड़ी मौजूद हैं, जिन्हें मौका मिलना चाहिए। Uncapped बल्लेबाज Marques Ackerman को दूसरे Test में debut करने का मौका मिल सकता है। इसके अलावा Tony de Zorzi, Corbin Bosch और Senuran Muthusamy भी विकल्प के तौर पर मौजूद हैं।

हालांकि, De Zorzi की उपलब्धता को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है, क्योंकि वह भी चोट से जूझ रहे हैं। पहले Test के लिए चुनी गई South African squad को दूसरे मुकाबले से पहले अपडेट किया जाना है। Conrad ने यह भी कहा कि टीम चयनकर्ता नए विकल्पों पर लगातार नजर रख रहे हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पूरी टीम में बड़े बदलाव किए जाएंगे।

घबराने की जरूरत नहीं

214 रन की हार के बावजूद Conrad इसे किसी बड़ी तबाही की तरह नहीं देख रहे हैं। उनका कहना है कि South Africa ने सिर्फ एक cricket match गंवाया है और इस वजह से टीम को अपनी हर पुरानी रणनीति पर सवाल उठाने की जरूरत नहीं है। टीम को अपनी कमजोरियों को पहचानकर बेहतर प्रदर्शन करने पर ध्यान देना होगा।

Conrad के coaching tenure में South Africa पहले भी Test मैच हारी है। जनवरी 2024 में India के खिलाफ हार के बाद टीम ने New Zealand में दो Test गंवाए थे। अक्टूबर 2025 में Pakistan के खिलाफ Lahore में 93 रन की हार भी मिली थी। लेकिन इसके बाद Rawalpindi में टीम ने सिर्फ एक रणनीतिक बदलाव किया। Keshav Maharaj की वापसी हुई और Wiaan Mulder की जगह Marco Jansen खेले। South Africa ने वह मुकाबला आठ विकेट से जीत लिया।

इस उदाहरण से Conrad को भरोसा है कि हर हार के बाद बड़े बदलाव करना जरूरी नहीं होता। कभी-कभी टीम को अपनी गलतियों से सीखने, खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखने और बेहतर मानसिकता के साथ मैदान पर उतरने की जरूरत होती है। अब South Africa के सामने चुनौती साफ है Australia के खिलाफ दूसरे Test में मजबूत वापसी करना और उसी ‘Singlebloodymindedness’ को दिखाना, जिसकी बात उनके coach कर रहे हैं।

Ehtesham Arif

I’m Ehtesham Arif, lead cricket analyst at Kricket Wala with over 3 years of experience in cricket journalism. I’m passionate about bringing you reliable match analysis and the latest updates from the world of cricket. My favorite team is India, and in the IPL, I support Delhi Capitals.

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