Former India cricketer Suresh Raina का मानना है कि explosive batter Abhishek Sharma को Test Cricket में भी अपना हाथ आजमाना चाहिए। Abhishek ने अब तक T20 Cricket में अपनी attacking batting से खास पहचान बनाई है, लेकिन लंबे format में उनका career फिलहाल काफी सीमित रहा है।
Abhishek ने अपने career में 206 T20 matches खेले हैं और 5995 runs बनाए हैं। इस दौरान उनका strike rate 175.44 का रहा है, जो उनकी aggressive batting को साफ दिखाता है। हालांकि First-Class Cricket में भी उनके नाम 24 matches में 1071 runs हैं, जिसमें एक century और पांच half-centuries शामिल हैं।
Red-Ball से दूरी
Abhishek ने अपना आखिरी First-Class match 2024 में खेला था। इसके बाद करीब 18 महीने से वह Red-Ball Cricket में नजर नहीं आए हैं। Raina का मानना है कि अगर ऐसे talented खिलाड़ी को सही mentorship और coaching मिले तो वह Test Cricket में भी अपनी जगह बना सकता है।
Raina ने Aakash Chopra के YouTube channel पर बातचीत के दौरान इस मुद्दे पर अपनी राय रखी। उनसे पूछा गया था कि क्या अब All-Format batters का दौर खत्म हो रहा है और क्या खिलाड़ी अलग-अलग formats के लिए खुद को उसी तरह तैयार कर रहे हैं जैसे पहले करते थे।
All-Format दौर
Raina का मानना है कि आज के समय में क्रिकेट की demands काफी बदल चुकी हैं। उनके मुताबिक अब अलग-अलग formats के लिए अलग teams तैयार की जा सकती हैं और India के पास इतनी depth है कि वह ODI समेत अलग formats में अलग-अलग combinations के साथ उतर सकता है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यही trend और ज्यादा देखने को मिल सकता है। लेकिन Raina के मुताबिक असली सवाल यह है कि क्या मौजूदा generation के खिलाड़ी Test Cricket के लिए जरूरी मेहनत और sacrifice करने को तैयार हैं।
Test की मेहनत
Raina ने कहा कि अगर किसी खिलाड़ी से पूछा जाए कि क्या वह Test Cricket खेलना चाहता है, तो शायद जवाब हां होगा। लेकिन Test level पर लगातार खेलने के लिए जिस तरह की मेहनत, discipline और patience चाहिए, उसे बनाए रखना आसान नहीं है।
उनके मुताबिक खिलाड़ी को सिर्फ talent के भरोसे Test Cricket में सफलता नहीं मिलती। Red-Ball Cricket में लंबे समय तक training, fitness, technique और mental preparation की जरूरत होती है। यही वजह है कि coaches और mentors की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण हो जाती है।
Abhishek पर भरोसा
इसी बातचीत में Raina ने साफ कहा कि उन्हें लगता है Abhishek Sharma को Test Cricket खेलना चाहिए। उनके मुताबिक Abhishek जैसे attacking player को अगर सही तरीके से तैयार किया जाए तो वह लंबे format में भी टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।
हालांकि यह फैसला सिर्फ खिलाड़ी की इच्छा पर निर्भर नहीं करता। Domestic First-Class Cricket में लगातार खेलना, Red-Ball format की demands को समझना और coaching staff का सही guidance मिलना भी उतना ही जरूरी होगा।
Vaibhav का सवाल
Raina ने युवा sensation Vaibhav Sooryavanshi का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि Vaibhav अभी काफी युवा हैं, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या वह खुद Test Cricket खेलना चाहते हैं।
Vaibhav ने इस season Duleep Trophy में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। इस साल IPL में उन्होंने 16 matches में 776 runs बनाए और उनका strike rate 237.30 रहा। इसके बाद Duleep Trophy semifinal में भी उन्होंने Central Zone के खिलाफ 92 और 40 runs की शानदार innings खेली।
Coaches की भूमिका
Raina ने सिर्फ players की इच्छा की बात नहीं की, बल्कि coaches और mentors की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि युवा खिलाड़ियों को यह समझाने की जरूरत है कि उनके career को सिर्फ T20 Cricket तक सीमित नहीं करना है, बल्कि अगर उनमें क्षमता है तो उन्हें दूसरे formats के लिए भी तैयार किया जा सकता है।
उन्होंने Manav Suthar का उदाहरण देते हुए पूछा कि क्या वह आगे चलकर Ravindra Jadeja जैसे player बन सकते हैं और क्या वह तीनों formats में खेलने के लिए तैयार हैं। इसका मतलब साफ है कि Raina युवा talent को अलग-अलग formats के लिए तैयार करने पर जोर दे रहे हैं।
आगे की राह
India के पास इस समय कई ऐसे युवा players हैं जो white-ball cricket में तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं। लेकिन Test Cricket की अपनी अलग demands हैं। इसलिए किसी खिलाड़ी को सिर्फ उसके T20 numbers देखकर Test team में शामिल करना आसान रास्ता नहीं होगा।
Abhishek Sharma के मामले में भी यही बात लागू होती है। उनके पास First-Class Cricket का अनुभव है और attacking batting उनकी सबसे बड़ी ताकत है, लेकिन लंबे format में लगातार सफलता के लिए उन्हें दोबारा Red-Ball Cricket में समय देना होगा।
Raina का सुझाव इसी दिशा में है कि India को अपने युवा talent को सिर्फ मौजूदा format के हिसाब से नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए तैयार करना चाहिए। अगर Abhishek और Vaibhav जैसे players को सही mentorship, patience और पर्याप्त First-Class exposure मिलता है, तो आने वाले समय में India को All-Format Cricket के लिए कुछ बेहद उपयोगी विकल्प मिल सकते हैं।










