15 साल के Vaibhav Sooryavanshi ने एक बार फिर भारतीय domestic cricket में अपनी शानदार प्रतिभा का परिचय दिया है। Duleep Trophy 2026 के semi-final में East Zone की तरफ से खेलते हुए इस युवा बल्लेबाज ने ऐसा रिकॉर्ड बना दिया, जो लंबे समय तक चर्चा में रहने वाला है। Central Zone के खिलाफ मुकाबले में Vaibhav ने सिर्फ 42 गेंदों में छक्का लगाकर अपना half-century पूरा किया और Duleep Trophy के इतिहास में सबसे कम उम्र में 50 रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए।
उन्होंने यह उपलब्धि 15 साल और 175 दिन की उम्र में हासिल की। हालांकि, उनके लिए सबसे बड़ी निराशा यह रही कि वह अपने शतक से सिर्फ आठ रन दूर रह गए। Vaibhav ने 81 गेंदों का सामना करते हुए 92 रन की शानदार पारी खेली और अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। इतनी कम उम्र में red-ball cricket के इतने बड़े domestic tournament में इस तरह का प्रदर्शन उनके बढ़ते cricket career के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुराना रिकॉर्ड
Vaibhav ने अपने इस प्रदर्शन के साथ करीब 57 साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इससे पहले Duleep Trophy में सबसे कम उम्र में half-century लगाने का रिकॉर्ड Laxman Singh के नाम था, जिन्होंने 1969 में 16 साल और 23 दिन की उम्र में 50 रन पूरे किए थे। इसके बाद 2025 में Piyush Chawla ने 16 साल और 307 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी।
अब Vaibhav ने दोनों को पीछे छोड़ते हुए सिर्फ 15 साल और 175 दिन की उम्र में यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि Duleep Trophy का level काफी ऊंचा माना जाता है और यहां युवा बल्लेबाजों को अनुभवी domestic cricketers के खिलाफ खेलना पड़ता है। Vaibhav ने जिस उम्र में यह रिकॉर्ड बनाया है, वह उनकी बल्लेबाजी क्षमता के साथ-साथ pressure handle करने की क्षमता को भी दिखाता है।
तूफानी पारी
Central Zone के खिलाफ Vaibhav की batting सिर्फ record की वजह से खास नहीं रही, बल्कि उनकी attacking approach ने भी सभी का ध्यान खींचा। उन्होंने 81 गेंदों में 92 रन बनाए और शुरुआत से ही अपने shots खेलने में किसी तरह की झिझक नहीं दिखाई। 42 गेंदों में half-century पूरा करना बताता है कि उन्होंने red-ball cricket की परिस्थितियों में भी अपनी natural attacking game को बनाए रखा।
आमतौर पर इतनी कम उम्र के बल्लेबाजों से first-class cricket में ज्यादा patience और defensive approach की उम्मीद की जाती है, लेकिन Vaibhav ने situation को समझते हुए aggression और control के बीच अच्छा balance दिखाया। वह अपने century के बेहद करीब पहुंच चुके थे, लेकिन 92 रन के score पर उनका विकेट गिर गया। शतक से केवल आठ रन दूर रह जाना उनके लिए निराशाजनक जरूर रहा होगा, लेकिन 92 रन की यह पारी उनके confidence और ability का बड़ा संकेत बन गई।
कप्तानी
इस semi-final में Vaibhav ने सिर्फ batting से ही नहीं, बल्कि leadership से भी अपनी छाप छोड़ी। East Zone के regular captain Ishan Kishan मुकाबले के पहले दिन सुबह के session में right wrist पर चोट लगने के बाद मैदान से बाहर चले गए थे। उनकी गैरमौजूदगी में Vaibhav ने करीब एक घंटे तक acting captain की जिम्मेदारी संभाली। इतनी कम उम्र में senior domestic players के बीच team की कमान संभालना अपने आप में बड़ी बात थी।
इसी दौरान उन्होंने DRS का एक महत्वपूर्ण फैसला भी लिया, जिसने East Zone को अहम wicket दिलाया। Central Zone के opener और wicketkeeper Aryan Juyal 46 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे। 40वें over में Mukesh Kumar की गेंद पर catch-behind की appeal खारिज होने के बाद Vaibhav ने review लेने का फैसला किया। UltraEdge में गेंद के bat से contact की पुष्टि हुई और East Zone को Juyal का महत्वपूर्ण wicket मिल गया। यह फैसला बताता है कि Vaibhav सिर्फ अपनी batting पर ही ध्यान नहीं दे रहे थे, बल्कि game situation को भी तेजी से समझने की क्षमता रखते हैं।
गेंदबाजी
East Zone के bowlers ने भी मुकाबले में अच्छी शुरुआत की और Central Zone को बड़ा score बनाने से रोक दिया। Mukesh Kumar और Abhijit Sarkar ने तीन-तीन wickets हासिल किए, जबकि Mohammed Shami और off-spinner Mohammed Kaunain Qureshi ने दो-दो wickets लेकर Central Zone की batting को लगातार pressure में रखा।
Central Zone की पूरी टीम 80.1 overs में 266 runs पर all out हो गई। टीम की ओर से Rinku Singh ने सबसे बड़ी पारी खेली और 88 balls पर 60 runs बनाए। Aryan Juyal ने भी 46 runs का योगदान दिया, लेकिन East Zone के bowlers ने लगातार wickets निकालकर Central Zone को लंबे partnership बनाने का मौका नहीं दिया। खासकर middle और lower order के खिलाफ गेंदबाजों ने अच्छी वापसी की और Central Zone की पारी को 300 के आंकड़े तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया।
साझेदारी
Central Zone एक समय 125/5 के score पर मुश्किल स्थिति में था, लेकिन Rinku Singh और Harsh Dubey ने छठे wicket के लिए 55 runs की partnership करके पारी को संभालने की कोशिश की। दोनों ने कुछ समय तक East Zone के bowlers को विकेट के लिए इंतजार कराया और Central Zone को competitive total की ओर ले जाने की कोशिश की।
हालांकि Mohammed Kaunain Qureshi ने 60वें over में Harsh Dubey को LBW आउट करके इस partnership को तोड़ दिया। इसके बाद Central Zone की innings एक बार फिर लड़खड़ा गई और लगातार wickets गिरने लगे। Saransh Jain ने 13 और Aryan Pandey ने 22 runs बनाए, जबकि Yash Thakur ने सिर्फ 26 balls में तेज 30 runs की पारी खेलकर टीम को 266 runs तक पहुंचाने में मदद की। East Zone के bowlers ने आखिरी चरण में दबाव बनाए रखा और Central Zone को बड़ा total बनाने से रोक दिया।
आगे का सफर
Vaibhav Sooryavanshi के लिए यह Duleep Trophy semi-final कई वजहों से बेहद यादगार बन गया। पहले उन्होंने Ishan Kishan के मैदान से बाहर जाने के बाद कुछ समय के लिए team की captaincy संभाली, फिर DRS में सही फैसला लेकर महत्वपूर्ण wicket दिलाया और इसके बाद बल्ले से Duleep Trophy का सबसे कम उम्र में half-century लगाने का record अपने नाम कर लिया। सिर्फ 15 साल की उम्र में first-class cricket के इस बड़े मंच पर 92 runs की पारी खेलना उनके talent और confidence दोनों को दिखाता है।
भले ही वह century से आठ runs दूर रह गए, लेकिन उनकी पारी का महत्व सिर्फ scorecard तक सीमित नहीं है। Vaibhav ने यह साबित किया है कि वह pressure situation में भी बड़े shots खेलने और अपनी innings को आगे बढ़ाने की क्षमता रखते हैं। अब आने वाले मुकाबलों में उनकी नजर सिर्फ records पर नहीं, बल्कि लगातार बड़ी पारियां खेलकर red-ball cricket में अपनी जगह मजबूत करने पर होगी। यह record उनके career की शुरुआत में एक बड़ी उपलब्धि है और अगर उनका विकास इसी तरह जारी रहा, तो Vaibhav Sooryavanshi आने वाले वर्षों में भारतीय cricket के लिए एक बेहद चर्चित नाम बन सकते हैं।










