भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के महान ऑलराउंडर सर गारफील्ड सोबर्स के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने भावुक संदेश साझा करते हुए कहा कि क्रिकेट ने अपने सबसे महान खिलाड़ियों में से एक को खो दिया है। कोहली की श्रद्धांजलि के बाद दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसकों और पूर्व खिलाड़ियों ने भी सोबर्स को याद किया।
श्रद्धांजलि
विराट कोहली ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर लिखा कि क्रिकेट ने अपने सबसे महान खिलाड़ियों में से एक को खो दिया है। उन्होंने सर गारफील्ड सोबर्स की आत्मा की शांति की कामना करते हुए कहा कि उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के खिलाड़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी। कोहली का यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और लाखों प्रशंसकों ने भी महान ऑलराउंडर को श्रद्धांजलि अर्पित की।
करियर
सर गारफील्ड सोबर्स को क्रिकेट इतिहास के सबसे महान ऑलराउंडरों में गिना जाता है। उन्होंने 1954 से 1974 तक वेस्टइंडीज का प्रतिनिधित्व करते हुए बल्ले, गेंद और फील्डिंग तीनों विभागों में शानदार प्रदर्शन किया। वह ऐसे खिलाड़ी थे जो तेज गेंदबाजी, लेफ्ट आर्म स्पिन और चिनामैन जैसी अलग-अलग गेंदबाजी शैलियों में महारत रखते थे। बल्लेबाजी में भी उनका आक्रामक और प्रभावशाली अंदाज उन्हें अपने दौर के सबसे खतरनाक खिलाड़ियों में शामिल करता था।
उनके टेस्ट करियर के आंकड़े भी उनकी महानता को साबित करते हैं।
| प्रदर्शन | आंकड़े |
|---|---|
| टेस्ट मैच | 93 |
| रन | 8,032 |
| बल्लेबाजी औसत | 57.78 |
| शतक | 26 |
| विकेट | 235 |
रिकॉर्ड
सर गारफील्ड सोबर्स के नाम कई ऐसे रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिन्होंने क्रिकेट इतिहास में उन्हें अमर बना दिया। साल 1958 में उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 365 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी। उस समय यह टेस्ट क्रिकेट का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर था और यह रिकॉर्ड करीब 36 वर्षों तक कायम रहा।
साल 1968 में उन्होंने काउंटी क्रिकेट के दौरान ग्लैमोर्गन के गेंदबाज मैल्कम नैश के एक ओवर में लगातार छह छक्के जड़कर इतिहास रच दिया। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के लगाने वाले वह पहले बल्लेबाज बने थे। यह उपलब्धि आज भी क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार पलों में गिनी जाती है।
सम्मान
क्रिकेट में उनके असाधारण योगदान को देखते हुए वर्ष 1975 में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने उन्हें नाइटहुड से सम्मानित किया। इसके बाद साल 2000 में प्रतिष्ठित विजडन ने उन्हें 20वीं सदी के पांच महान क्रिकेटरों में शामिल किया। यह सम्मान उनके शानदार करियर और खेल पर पड़े गहरे प्रभाव का प्रमाण माना जाता है।
विरासत
सर गारफील्ड सोबर्स की विरासत आज भी क्रिकेट में जीवित है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) हर साल सर्वश्रेष्ठ पुरुष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर को ‘सर गारफील्ड सोबर्स ट्रॉफी’ से सम्मानित करती है। यह पुरस्कार दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित व्यक्तिगत क्रिकेट सम्मानों में शामिल है और उनके योगदान को हमेशा याद दिलाता है।
शोक
सोबर्स के निधन की खबर के बाद दुनिया भर के क्रिकेटरों, पूर्व खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। सोशल मीडिया पर उनके शानदार करियर, यादगार पारियों और खेल के प्रति समर्पण को याद करते हुए हजारों संदेश साझा किए गए। क्रिकेट जगत ने उन्हें केवल एक महान खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बताया।
सर गारफील्ड सोबर्स का जाना क्रिकेट जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने खेल, रिकॉर्ड और व्यक्तित्व से क्रिकेट को नई पहचान दी। विराट कोहली सहित दुनिया भर के खिलाड़ियों की श्रद्धांजलि इस बात का प्रमाण है कि सोबर्स की महान विरासत हमेशा क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में जीवित रहेगी।
FAQs
विराट कोहली ने सर गारफील्ड सोबर्स के लिए क्या कहा?
उन्होंने कहा कि क्रिकेट ने अपने सबसे महान खिलाड़ियों में से एक को खो दिया है।
सर गारफील्ड सोबर्स ने कितने टेस्ट मैच खेले?
उन्होंने वेस्टइंडीज के लिए 93 टेस्ट मैच खेले।
सोबर्स ने टेस्ट क्रिकेट में कितने रन बनाए?
उन्होंने 8,032 रन बनाए।
सर गारफील्ड सोबर्स ट्रॉफी किसे दी जाती है?
ICC द्वारा साल के सर्वश्रेष्ठ पुरुष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर को।
सोबर्स ने एक ओवर में छह छक्के कब लगाए थे?
1968 में काउंटी क्रिकेट के दौरान।











