भारतीय क्रिकेट टीम के युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल के लिए श्रीलंका दौरे की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ तीन दिवसीय अभ्यास मैच में जायसवाल सिर्फ दो गेंद खेलकर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। कोलंबो के नॉनडेस्क्रिप्ट्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे मुकाबले के दूसरे दिन उन्हें बाएं हाथ के तेज गेंदबाज विश्व फर्नांडो ने आउट किया। अभ्यास मैच में मिली यह छोटी पारी भले ही किसी सीरीज का नतीजा तय नहीं करती, लेकिन बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों के खिलाफ जायसवाल की पुरानी परेशानी एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
दूसरी गेंद
श्रीलंका क्रिकेट XI ने अपनी पहली पारी रात के स्कोर 363/8 पर घोषित की। इसके बाद भारतीय पारी की शुरुआत केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल ने की। टीम को मजबूत शुरुआत की उम्मीद थी, लेकिन जायसवाल की पारी सिर्फ दो गेंदों में खत्म हो गई। विश्व फर्नांडो ने ऑफ स्टंप से काफी बाहर जाती गेंद फेंकी, जिस पर जायसवाल ने अपने पैरों का पर्याप्त इस्तेमाल नहीं किया और शरीर से दूर जाकर बल्ला चला दिया। गेंद बल्ले का किनारा लेकर गली की दिशा में गई, जहां फील्डर ने आसान कैच पकड़ लिया।
पुरानी परेशानी
यशस्वी जायसवाल के लिए बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों के खिलाफ यह कोई नई समस्या नहीं है। पिछले कुछ समय में वह इस तरह की गेंदबाजी के सामने कई बार अपना विकेट गंवा चुके हैं। खासतौर पर ऑफ स्टंप के बाहर की गेंदों पर उनका आक्रामक कट शॉट कई बार उनके लिए परेशानी का कारण बना है। गेंद अगर सही लंबाई और सही एंगल के साथ बाहर जाती है तो जायसवाल उसे स्कोरिंग शॉट में बदलने की कोशिश करते हैं, लेकिन इसी प्रयास में उनका बल्ला शरीर से दूर चला जाता है और विकेट गंवाने का खतरा बढ़ जाता है।
कट शॉट
कट शॉट यशस्वी जायसवाल की बल्लेबाजी के सबसे मजबूत हथियारों में शामिल है। टेस्ट डेब्यू के बाद से उन्होंने इस शॉट के जरिए करीब 400 रन बनाए हैं, जो बताता है कि वह ऑफ साइड में इस शॉट का कितना प्रभावी इस्तेमाल करते हैं। हालांकि इसी शॉट के कारण वह सात बार अपना विकेट भी गंवा चुके हैं। यानी जिस शॉट से उन्होंने काफी रन बनाए हैं, वही कुछ परिस्थितियों में उनकी कमजोरी भी बन जाता है। बल्लेबाजी में ताकत और कमजोरी का यह अंतर जायसवाल के खेल में साफ दिखाई देता है।
बड़ा आंकड़ा
टेस्ट क्रिकेट में जायसवाल अब तक बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों के खिलाफ नौ बार आउट हो चुके हैं। इनमें से तीन विकेट उनकी पिछली चार आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की पारियों में आए हैं। यह आंकड़ा बताता है कि समस्या किसी एक मैच या किसी एक गेंदबाज तक सीमित नहीं है। पिछले साल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में भी जायसवाल को तेज गेंदबाज मार्को यानसेन ने तीन बार आउट किया था। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के मिशेल स्टार्क और दक्षिण अफ्रीका के नांद्रे बर्गर भी टेस्ट क्रिकेट में उन्हें तीन-तीन बार आउट कर चुके हैं।
तकनीक
बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों के खिलाफ जायसवाल के सामने गेंद का एंगल भी एक बड़ी चुनौती बनता है। ऑफ स्टंप के बाहर जाती गेंद पर अगर वह जल्दी शॉट खेलने की कोशिश करते हैं तो बल्ले का किनारा लगने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में उन्हें अपने फुटवर्क, गेंद को छोड़ने की क्षमता और शॉट चयन पर ज्यादा ध्यान देना होगा। खासकर शुरुआती ओवरों में धैर्य रखना उनके लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि गेंदबाज लगातार ऑफ स्टंप के बाहर गेंद डालकर उनकी आक्रामक प्रवृत्ति का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं।
दौरा
श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ अभ्यास मैच भारतीय बल्लेबाजों के लिए परिस्थितियों को समझने और अपनी तकनीक को परखने का महत्वपूर्ण मौका है। जायसवाल को भले ही सिर्फ दो गेंद खेलने का अवसर मिला हो, लेकिन अभ्यास मैच का उद्देश्य ही खिलाड़ियों को आगामी प्रतिस्पर्धी मुकाबलों से पहले अपनी कमजोरियों पर काम करने का मौका देना है। इसलिए यह डक उनके लिए निराशाजनक जरूर है, लेकिन इसे आगामी टेस्ट मैचों के प्रदर्शन का अंतिम संकेत नहीं माना जा सकता।
पिछली पारी
जायसवाल ने इससे पहले WTC चक्र से बाहर खेले गए एकमात्र टेस्ट में अफगानिस्तान के खिलाफ 24 रन बनाए थे। अब श्रीलंका की परिस्थितियों में उनके प्रदर्शन पर सभी की नजरें रहेंगी। भारत को टेस्ट क्रिकेट में एक मजबूत शुरुआत देने के लिए जायसवाल से बड़ी उम्मीदें हैं और टीम मैनेजमेंट भी चाहेगा कि वह अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के साथ-साथ परिस्थितियों के हिसाब से शॉट चयन में भी संतुलन दिखाएं।
आगे की चुनौती
यशस्वी जायसवाल की आक्रामक बल्लेबाजी ने उन्हें भारतीय टेस्ट टीम के प्रमुख सलामी बल्लेबाजों में स्थापित किया है। उनकी रन बनाने की क्षमता और सकारात्मक अंदाज टीम को शुरुआत में तेजी देने की ताकत देता है। हालांकि बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों के खिलाफ लगातार विकेट गंवाने का पैटर्न अब ऐसा क्षेत्र बन गया है, जिस पर उन्हें जरूर काम करना होगा। श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ दो गेंद का डक निश्चित तौर पर कोई अंतिम फैसला नहीं है, लेकिन आगामी टेस्ट मुकाबलों से पहले यह जायसवाल के लिए अपनी तकनीक को और मजबूत करने का एक जरूरी संकेत जरूर माना जा सकता है।
FAQs
जायसवाल अभ्यास मैच में कितने रन पर आउट हुए?
वह दो गेंद पर बिना खाता खोले आउट हुए।
जायसवाल को किस गेंदबाज ने आउट किया?
विश्व फर्नांडो ने उन्हें गली में कैच कराया।
जायसवाल को टेस्ट में कितनी बार बाएं हाथ के पेसर ने आउट किया?
वह टेस्ट में नौ बार आउट हुए हैं।
जायसवाल का पसंदीदा शॉट कौन सा है?
कट शॉट उनकी बल्लेबाजी का प्रमुख हथियार है।
मार्को यानसेन ने जायसवाल को कितनी बार आउट किया?
यानसेन ने टेस्ट क्रिकेट में उन्हें तीन बार आउट किया है।











