मानसी जैसी खामोश लेकिन समर्पित फैंस क्रिकेट की असली आत्मा, मैनचेस्टर से न्यूयॉर्क तक फैला जुड़ाव

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यह वाकया मैनचेस्टर का है। भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका का मैच खत्म हो चुका था और हम ओल्ड ट्रैफर्ड के सामने स्थित ट्रैफर्ड कॉलेज की ओर बढ़ रहे थे। तभी मेरी नजर भारत की जर्सी पहने एक महिला पर पड़ी, जो चुपचाप रो रही थीं। उस वक्त शो शुरू करने की जल्दी थी, इसलिए मैं आगे बढ़ गया, लेकिन वह तस्वीर मन में कहीं अटक सी गई।

पहचान

करीब आधे घंटे बाद त्रिशा घोषाल मेरे पास आईं और बोलीं कि एक फैन है, जो हमें लगातार फॉलो करती है। वह न्यूयॉर्क से उड़कर आई है और काफी टूट चुकी लग रही है। क्या हम उससे मिल सकते हैं? वही महिला थी, जिसे मैंने थोड़ी देर पहले देखा था। उनका नाम था मानसी।

सपना

मानसी न्यूयॉर्क में रहने वाली एक भारतीय प्रोफेशनल हैं, जो वर्ल्ड कप के लिए खास तौर पर इंग्लैंड आई थीं। भारत के सभी मैचों और सेमीफाइनल्स के टिकट उन्होंने पहले ही ले रखे थे। उन्होंने बताया कि वह टीम को पूरी दुनिया में फॉलो करती हैं और इंग्लैंड में वर्ल्ड कप में भारत को खेलते देखना उनका पुराना सपना था। लॉर्ड्स में भारत-ऑस्ट्रेलिया मैच तक के टिकट उनके पास थे। आंखों में उत्साह भी था और डर भी कि अगर टीम आगे नहीं बढ़ी, तो सब बेकार हो जाएगा।

जुड़ाव

उस रात मानसी मैनचेस्टर से एडिनबरा चली गईं, बस खुद को संभालने और रीसेट करने के लिए। उन्होंने कहा कि किसी हॉस्टल में रुकेंगी, शहर घूमेंगी और इस हार को थोड़ा पचाने की कोशिश करेंगी। कुछ दिन बाद, भारत-बांग्लादेश मैच के बाद, वह फिर मैनचेस्टर लौटीं। इस बार उनके हाथ में एडिनबरा से लाई गई वॉकर बिस्किट्स के पैकेट थे, जो वह हम सबके लिए लेकर आई थीं।

भावना

उन्होंने लगभग संकोच के साथ कहा कि यह बस एक छोटी सी चीज़ है, कुछ खास नहीं। लेकिन सच यह है कि वे बिस्किट्स नहीं, एक भावना लेकर आई थीं। मानसी RevSportz का महिला क्रिकेट कवरेज नियमित रूप से देखती हैं, हर चर्चा को समझती हैं और खेल को गहराई से फॉलो करती हैं। वह छोटा सा तोहफा मीडिया और फैन के बीच एक अनकहा रिश्ता बना गया।

साथ

इसके बाद मानसी हमारे कुछ शोज़ में भी आईं। उनकी बातें हमेशा संतुलित रहीं। न शोर, न सनसनी, न अंधी तारीफ। वह खेल को समझती हैं और उसी समझ के साथ उसे पसंद करती हैं। यही वजह है कि उन्हें बुलाना सही लगा और आगे भी मौका मिला, तो ज़रूर बुलाया जाएगा।

अपनापन

मानसी ने कहा कि जब हम न्यूयॉर्क आएं, तो उनके घर ज़रूर रुकें। यह कोई औपचारिक न्योता नहीं था, बल्कि सच्चे अपनत्व से निकली बात थी। वह इस काम की अहमियत समझती हैं और यह भी जानती हैं कि इस स्तर की प्रतिबद्धता बनाए रखना कितना मुश्किल होता है।

सलाम

मानसी जैसे फैंस के लिए ही हर दिन बेहतर करने की कोशिश की जाती है। वे लाइक्स या शोहरत के लिए नहीं होते। वे इंटरनेट सेलिब्रिटी नहीं बनना चाहते। वे बस क्रिकेट से प्यार करते हैं, पूरे दिल से। हार के बाद भी टीम का साथ नहीं छोड़ते, सवाल पूछते हैं, आलोचना करते हैं, लेकिन जहर बनने से पहले रुकना जानते हैं। यह सलाम है मानसी को और उन तमाम खामोश फैंस को, जो बिना शोर मचाए क्रिकेट को खास बनाते हैं।

FAQs

मानसी कौन हैं?

एक जुनूनी भारतीय क्रिकेट फैन।

मानसी कहां रहती हैं?

न्यूयॉर्क में।

मानसी किस तरह की फैन हैं?

संतुलित, समझदार और निष्ठावान।

क्रिकेट में ऐसे फैंस क्यों जरूरी हैं?

वे खेल की आत्मा होते हैं।

Ehtesham Arif

I’m Ehtesham Arif, lead cricket analyst at Kricket Wala with over 3 years of experience in cricket journalism. I’m passionate about bringing you reliable match analysis and the latest updates from the world of cricket. My favorite team is India, and in the IPL, I support Delhi Capitals.

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