ऑस्ट्रेलिया से सेमीफाइनल में करारी हार के बाद वेस्टइंडीज कप्तान हेली मैथ्यूज़ ने महिला क्रिकेट में फंडिंग के असमान बंटवारे पर सवाल उठाए

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Matthews

टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों एकतरफा हार झेलने के बाद वेस्टइंडीज की कप्तान हेली मैथ्यूज़ ने महिला क्रिकेट की असमान सच्चाई पर खुलकर बात की। उनका कहना था कि वैश्विक क्रिकेट में फंडिंग का बंटवारा “अनुचित” है और यही वजह है कि शीर्ष टीमें और विकासशील टीमें साल दर साल एक-दूसरे से और दूर होती जा रही हैं। मैथ्यूज़ के मुताबिक यह फर्क अब सिर्फ टैलेंट का नहीं, बल्कि सिस्टम और निवेश का बन चुका है।

एकतरफा

मैदान पर भी यही अंतर साफ नजर आया। ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम ने 126 रनों के लक्ष्य को बेहद आसानी से हासिल कर लिया और सात ओवर बाकी रहते हुए सिर्फ दो विकेट गंवाए। बेथ मूनी और ऐश गार्डनर के बीच 36 गेंदों में 63 रनों की साझेदारी ने मुकाबले को पूरी तरह एकतरफा बना दिया। छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया अब फाइनल में पहुंच चुकी है और सातवां खिताब जीतने की प्रबल दावेदार मानी जा रही है, जबकि वेस्टइंडीज पिछले एक दशक से किसी भी बड़े टूर्नामेंट का खिताब नहीं जीत सकी है।

बयान

मैच के बाद मैथ्यूज़ ने साफ शब्दों में कहा कि 2012 से 2016 के बीच वेस्टइंडीज की सफलता इसलिए संभव हो पाई थी क्योंकि तब महिला क्रिकेट ज्यादा हद तक शुद्ध प्रतिभा पर आधारित था। जैसे-जैसे निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर की भूमिका बढ़ी, टीमों के बीच का अंतर भी तेजी से बढ़ता चला गया। उन्होंने कहा कि जब ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमें 15 साल की उम्र से ही फोएबे लिचफील्ड जैसी खिलाड़ी तैयार कर रही हों और दूसरी ओर कुछ टीमों के पास मजबूत पाथवे तक न हों, तो मुकाबला करना बेहद कठिन हो जाता है और कई बार यह स्थिति अनुचित भी लगती है।

असमानता

वेस्टइंडीज महिला क्रिकेट की घरेलू संरचना इस असमानता की सबसे बड़ी मिसाल है। 2025-26 सीजन में उनका पूरा घरेलू कैलेंडर सिर्फ 18 टी20 और नौ वनडे मैचों तक सीमित रहा, जो जनवरी में महज़ दो हफ्तों के भीतर खेला गया। इसकी तुलना ऑस्ट्रेलिया की वीमेंस नेशनल क्रिकेट लीग और वीमेंस बिग बैश लीग से नहीं की जा सकती, जहां खिलाड़ियों को सालभर प्रतिस्पर्धी क्रिकेट मिलता है। ब्रॉडकास्ट रेवेन्यू और संसाधनों के बड़े अंतर के कारण वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड के लिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया जैसा मॉडल अपनाना आसान नहीं है।

हकीकत

मैथ्यूज़ ने स्वीकार किया कि इन सब व्यवस्थाओं के लिए बहुत पैसा चाहिए, जो हर बोर्ड के पास उपलब्ध नहीं होता। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद उनकी टीम मैदान पर उतरती है और कई बार सीमित संसाधनों के बावजूद जादुई प्रदर्शन भी करती है। लेकिन ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों के खिलाफ, जिन्हें सिस्टम और अवसरों के मामले में भारी बढ़त हासिल है, हर दिन ऐसा कर पाना बेहद मुश्किल हो जाता है।

मैच

मंगलवार को द ओवल में यह मुश्किल साफ दिखी। डिआंद्रा डॉटिन और जैनिलिया ग्लासगो के बीच 27 गेंदों में 42 रनों की साझेदारी के बावजूद वेस्टइंडीज की पारी अचानक बिखर गई। एक समय 17 गेंदों में 12 रन पर चार विकेट गिरने से पूरी पारी की दिशा बदल गई और टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी।

चिंता

ऑस्ट्रेलिया की पारी में एकमात्र चिंता तब सामने आई, जब एलिस पेरी सातवें ओवर में क्वाड समस्या के कारण रिटायर्ड हर्ट होकर बाहर चली गईं। हालांकि बेथ मूनी ने बाद में साफ किया कि यह सिर्फ एहतियात के तौर पर लिया गया फैसला था और पेरी फाइनल के लिए पूरी तरह फिट रहेंगी।

ड्रामा

मैच की शुरुआत भी नाटकीय रही, जब ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रगान के दौरान डिआंद्रा डॉटिन मैदान पर गिर पड़ीं। मैथ्यूज़ ने इसे मेडिकल इमरजेंसी बताया और दो खिलाड़ियों के सहारे उन्हें मैदान से बाहर ले जाया गया। वह नंबर 5 पर बल्लेबाजी के लिए सूचीबद्ध थीं, लेकिन टीम के पतन को देखते हुए 16वें ओवर में नंबर 8 पर बल्लेबाजी करने उतरीं और चार चौके लगाए। दूसरी ओर ग्लासगो ने भी तेजी दिखाई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

मैथ्यूज़ ने मैच से पहले निडर क्रिकेट खेलने की बात कही थी, लेकिन पावरप्ले में सिर्फ 35 रन और पूरी पारी में 55 डॉट गेंदें उस सोच के बिल्कुल उलट रहीं। कप्तान पर जिम्मेदारी का बोझ साफ दिखा और नौवें ओवर में जॉर्जिया वेयरहैम के खिलाफ स्वीप खेलने की कोशिश में वह बोल्ड हो गईं।

इसके बाद ऐश गार्डनर ने लगातार विकेट लेकर वेस्टइंडीज की उम्मीदों को पूरी तरह खत्म कर दिया। यह हार सिर्फ एक सेमीफाइनल की नहीं थी, बल्कि उस असमान व्यवस्था की भी तस्वीर थी, जिसकी ओर हेली मैथ्यूज़ ने पूरे साहस के साथ दुनिया का ध्यान खींचा।

FAQs

हेली मैथ्यूज़ ने किस बात की आलोचना की?

महिला क्रिकेट में फंडिंग के असमान बंटवारे की।

ऑस्ट्रेलिया ने सेमीफाइनल कैसे जीता?

आठ विकेट से और सात ओवर शेष रहते।

डिआंद्रा डॉटिन के साथ क्या हुआ?

राष्ट्रगान के दौरान मेडिकल इमरजेंसी।

ऑस्ट्रेलिया कितनी बार टी20 विश्व चैंपियन है?

छह बार, अब सातवें की दावेदार।

Ehtesham Arif

I’m Ehtesham Arif, lead cricket analyst at Kricket Wala with over 3 years of experience in cricket journalism. I’m passionate about bringing you reliable match analysis and the latest updates from the world of cricket. My favorite team is India, and in the IPL, I support Delhi Capitals.

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