स्टीव स्मिथ की गर्दन की चोट ने बढ़ाई परेशानी, दिसंबर तक क्रिकेट से रहेंगे दूर; क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने बताया वापसी का समय

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Steve Smith

ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ को गर्दन की चोट के कारण लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहना पड़ सकता है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने साफ कर दिया है कि स्मिथ दिसंबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली घरेलू टेस्ट सीरीज से पहले चयन के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। उनकी जांच में गर्दन के जोड़ से जुड़ी चोट की पुष्टि हुई है, जिसके कारण फिलहाल उनके लिए मैदान पर उतरना संभव नहीं है।

स्मिथ को यह परेशानी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के चौथे दिन महसूस हुई थी। यह मुकाबला गकेबरहा में खेला गया था। शुरुआत में गर्दन में दर्द की शिकायत के बाद उनकी स्थिति की जांच की गई, लेकिन बाद में एमआरआई स्कैन से चोट की गंभीरता का पता चला। इसी वजह से उन्हें केपटाउन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे और निर्णायक टेस्ट से बाहर होना पड़ा।

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुताबिक, स्मिथ की गर्दन में सर्वाइकल फैसेट जॉइंट से जुड़ी चोट है। इस चोट के कारण उनकी गर्दन की गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। सीमित मूवमेंट और दर्द को देखते हुए मेडिकल टीम ने उन्हें खेलने के लिए फिट नहीं माना। अब वह इलाज और रिहैबिलिटेशन की प्रक्रिया जारी रखेंगे, ताकि पूरी तरह फिट होकर मैदान पर लौट सकें।

दिसंबर में वापसी की उम्मीद

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने बताया है कि स्टीव स्मिथ को लगातार इलाज और रिहैबिलिटेशन दिया जाएगा। टीम को उम्मीद है कि वह दिसंबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली घरेलू टेस्ट सीरीज तक पूरी तरह फिट हो सकते हैं। हालांकि, उनकी वापसी उनकी रिकवरी और मेडिकल टीम की सलाह पर निर्भर करेगी।

स्मिथ जैसे अनुभवी बल्लेबाज का टीम से बाहर होना ऑस्ट्रेलिया के लिए बड़ा झटका है। टेस्ट क्रिकेट में वह लंबे समय से टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं और मुश्किल परिस्थितियों में पारी संभालने की क्षमता रखते हैं। उनकी गैरमौजूदगी में टीम को बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करना पड़ा है।

गर्दन की चोट में जल्दबाजी करना खिलाड़ी के लिए जोखिम भरा हो सकता है, खासकर टेस्ट क्रिकेट में जहां बल्लेबाज को लंबे समय तक बल्लेबाजी करनी पड़ती है और तेज गेंदबाजों का लगातार सामना करना होता है। इसलिए ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन स्मिथ की वापसी से पहले उनकी फिटनेस पर पूरा ध्यान देना चाहेगा।

इंग्लिस ने मौके का फायदा उठाया

स्टीव स्मिथ के बाहर होने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने जोश इंग्लिस को टीम में शामिल किया। इंग्लिस ने इस मौके का शानदार फायदा उठाते हुए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहली पारी में नाबाद 85 रन बनाए। उनकी पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका के 329 रन के जवाब में चार विकेट पर 330 रन बना लिए।

दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में सिर्फ एक रन की बढ़त हासिल थी। हालांकि, टीम ने दो विकेट जल्दी गंवा दिए थे, जिसके बाद इंग्लिस ने सकारात्मक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए पारी को संभाला। उन्होंने दबाव में संयम दिखाया और जरूरत के मुताबिक रन बनाते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में मदद की।

इंग्लिस के अलावा मैट रेनशॉ ने 74 रन बनाए, जबकि कैमरन ग्रीन ने 65 रन की पारी खेली। एलेक्स कैरी भी 51 रन बनाकर नाबाद रहे। इन पारियों ने ऑस्ट्रेलिया को दक्षिण अफ्रीका के स्कोर के पार पहुंचा दिया। दूसरी ओर, मार्नस लाबुशेन का खराब प्रदर्शन जारी रहा और वह बिना खाता खोले आउट हो गए।

इंग्लिस की वापसी खास

केपटाउन टेस्ट जोश इंग्लिस के लिए भी खास रहा, क्योंकि वह लंबे समय बाद टेस्ट क्रिकेट में खेल रहे थे। उन्होंने पिछली बार पिछले साल के अंत में एशेज सीरीज के दौरान एडिलेड में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच खेला था। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिले इस मौके पर उन्होंने दिखाया कि वह जरूरत पड़ने पर टेस्ट प्रारूप में भी टीम के लिए उपयोगी योगदान दे सकते हैं।

इंग्लिस आम तौर पर सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। लेकिन केपटाउन में उनकी पारी में आक्रामकता के साथ समझदारी भी देखने को मिली। जब ऑस्ट्रेलिया ने जल्दी-जल्दी दो विकेट गंवाए, तब उन्होंने दबाव में घबराने के बजाय अपने स्वाभाविक अंदाज में रन बनाना जारी रखा।

मैट रेनशॉ ने भी इंग्लिस की बल्लेबाजी की तारीफ की। उनके मुताबिक, दो जल्दी विकेट गिरने के बाद टीम थोड़े दबाव में थी और उस समय इंग्लिस का सकारात्मक रवैया काफी अहम साबित हुआ। रेनशॉ ने कहा कि इंग्लिस ने जिस तरह बल्लेबाजी की, वह उनके खेलने के अंदाज के अनुरूप थी और टीम को उसी समय ऐसे प्रदर्शन की जरूरत थी।

दक्षिण अफ्रीका की पहली पारी

इससे पहले दक्षिण अफ्रीका की टीम पहली पारी में 329 रन बनाकर ऑलआउट हो गई थी। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों ने अच्छी बल्लेबाजी की और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया।

एडेन मार्करम ने 78 रन बनाए, जबकि मार्केस एकरमैन ने 95 रन की शानदार पारी खेली। एकरमैन शतक से सिर्फ पांच रन दूर रह गए। मार्को यानसन ने भी 52 रन बनाकर टीम के स्कोर को आगे बढ़ाया। इन पारियों के दम पर दक्षिण अफ्रीका एक समय अच्छी स्थिति में नजर आ रहा था।

हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने शानदार गेंदबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका की पारी समेटने में अहम भूमिका निभाई। स्टार्क ने 72 रन देकर छह विकेट हासिल किए। उनकी गेंदबाजी के कारण दक्षिण अफ्रीका बड़ा स्कोर बनाने का मौका गंवा बैठा और ऑस्ट्रेलिया को जवाबी पारी में मुकाबले में बने रहने का अवसर मिला।

ऑस्ट्रेलिया के सामने बड़ी चुनौती

स्टीव स्मिथ की चोट और उनकी अनुपस्थिति ने ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजी संयोजन को प्रभावित जरूर किया, लेकिन जोश इंग्लिस और दूसरे बल्लेबाजों ने पहली पारी में टीम को संभालने की कोशिश की। इंग्लिस की नाबाद 85 रन की पारी, रेनशॉ के 74 रन और ग्रीन के 65 रन ने ऑस्ट्रेलिया को दक्षिण अफ्रीका के स्कोर से आगे पहुंचा दिया।

अब ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे जरूरी बात यह होगी कि टीम स्मिथ की गैरमौजूदगी में बल्लेबाजी में निरंतरता बनाए रखे। दिसंबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज तक स्मिथ की वापसी की उम्मीद जरूर है, लेकिन फिलहाल टीम को उनके बिना ही आगे की योजनाएं बनानी होंगी।

स्मिथ के लिए भी यह समय चोट से पूरी तरह उबरने और अपनी फिटनेस वापस हासिल करने का है। ऑस्ट्रेलियाई प्रशंसक चाहेंगे कि वह जल्द स्वस्थ होकर मैदान पर लौटें। लेकिन टीम प्रबंधन के लिए सबसे अहम यही होगा कि उनकी वापसी तभी हो, जब वह टेस्ट क्रिकेट की कठिन चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हों।

Ehtesham Arif

I’m Ehtesham Arif, lead cricket analyst at Kricket Wala with over 3 years of experience in cricket journalism. I’m passionate about bringing you reliable match analysis and the latest updates from the world of cricket. My favorite team is India, and in the IPL, I support Delhi Capitals.

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