वैभव सूर्यवंशी ने नेट्स में अभिषेक शर्मा से किया था बड़ा वादा, फिर न्यूजीलैंड के खिलाफ बल्ले से मचाया तूफान

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Vaibhav Sooryavanshi

भारतीय क्रिकेट में इन दिनों अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाजी की खूब चर्चा हो रही है। न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में दोनों युवा बल्लेबाजों ने जिस अंदाज में रन बनाए, उसने विरोधी टीम के गेंदबाजों को पूरी तरह दबाव में डाल दिया।

भारत के सामने 199 रनों का लक्ष्य था, लेकिन अभिषेक और वैभव ने शुरुआत से ही ऐसे शॉट लगाए कि मुकाबला जल्द ही एकतरफा हो गया। इस शानदार जीत के बाद अभिषेक शर्मा ने एक दिलचस्प खुलासा किया।

उन्होंने बताया कि मैच से एक दिन पहले नेट्स में अभ्यास करते समय वैभव सूर्यवंशी ने उनसे फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ के एक मशहूर डायलॉग का जिक्र करते हुए कहा था कि वह मैदान पर भी उसी अंदाज में बल्लेबाजी करेंगे। खास बात यह रही कि 15 साल के वैभव ने अपनी बात को सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि मैदान पर उतरकर शानदार पारी खेलते हुए अपना वादा भी निभाया।

वैभव का वादा

अभिषेक शर्मा ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की ओर से साझा किए गए वीडियो में बताया कि तीसरे टी20 मुकाबले से पहले वैभव सूर्यवंशी ने नेट्स में उनसे एक खास बात कही थी।

वैभव ने फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ के मशहूर डायलॉग का जिक्र करते हुए कहा था, “भैया, खेलूंगा भी वैसे ही।” इस बात का मतलब था कि वह मैदान पर भी उसी निडर अंदाज में खेलेंगे, जिसकी चर्चा वह अभ्यास के दौरान कर रहे थे। अभिषेक के मुताबिक, वैभव ने जिस आत्मविश्वास के साथ यह बात कही थी, उसने उनके मन में भी उत्साह पैदा कर दिया था।

इसके बाद जब मुकाबला शुरू हुआ, तो वैभव ने पहली ही गेंद से आक्रामक बल्लेबाजी करके दिखा दिया कि वह अपने इरादों को लेकर कितने गंभीर हैं। युवा बल्लेबाज ने न्यूजीलैंड के प्रमुख तेज गेंदबाजों के सामने भी अपने शॉट खेलने में झिझक नहीं दिखाई। उनकी इस शुरुआत ने भारतीय पारी को ऐसी गति दी, जिससे विरोधी टीम को वापसी करने का ज्यादा मौका नहीं मिला।

फिल्मी अंदाज

फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ भारतीय सिनेमा की चर्चित फिल्मों में शामिल है। यह फिल्म महान भारतीय धावक मिल्खा सिंह के जीवन और संघर्ष पर आधारित है। फिल्म में मेहनत, आत्मविश्वास और मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने का संदेश दिया गया है।

वैभव सूर्यवंशी ने इसी फिल्म के एक संवाद का जिक्र करते हुए अपनी बल्लेबाजी के इरादे जाहिर किए थे। हालांकि, क्रिकेट के मैदान पर किसी फिल्मी संवाद को दोहराना एक बात है और उसके मुताबिक प्रदर्शन करना दूसरी बात। वैभव ने न्यूजीलैंड के खिलाफ अपनी पारी में यह साबित कर दिया कि वह केवल बड़े-बड़े दावे करने वाले खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि अपने खेल से भी जवाब देना जानते हैं।

महज 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुकाबले में इस तरह का आत्मविश्वास दिखाना उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उनकी बल्लेबाजी में निडरता के साथ गेंद को समझने और सही समय पर शॉट लगाने की क्षमता भी नजर आई। यही वजह रही कि अभिषेक शर्मा ने मैच के बाद उनकी पारी को खास तौर पर याद किया।

वैभव की पारी

न्यूजीलैंड के खिलाफ इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 19 गेंदों में 45 रन बनाए। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और भारतीय टीम को तेज शुरुआत दिलाई। न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने लक्ष्य का बचाव करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगाई, लेकिन वैभव ने उनके सामने दबाव में आने के बजाय खुलकर बल्लेबाजी की।

उनकी पारी ने भारत की रन गति को शुरुआती ओवरों में ही काफी तेज कर दिया। जब कोई टीम लगभग 200 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही होती है, तो शुरुआती विकेट बचाए रखना और तेजी से रन बनाना दोनों ही जरूरी होते हैं। वैभव ने इन दोनों जिम्मेदारियों को अच्छी तरह निभाया।

उन्होंने अभिषेक शर्मा के साथ पहले विकेट के लिए तेजी से रन जोड़े और भारत को ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया, जहां से जीत की राह काफी आसान हो गई। उनकी पारी भले ही शतक या अर्धशतक तक नहीं पहुंची, लेकिन मैच के परिणाम पर उसका असर बेहद महत्वपूर्ण रहा।

अभिषेक का तूफान

वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक शुरुआत के बाद अभिषेक शर्मा ने भी अपने बल्ले से रन बरसाने शुरू कर दिए। उन्होंने केवल 38 गेंदों में 113 रन की विस्फोटक पारी खेली और न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को कोई राहत नहीं दी। अभिषेक ने मैदान के चारों ओर बड़े शॉट लगाए और अपनी बल्लेबाजी से यह दिखाया कि वह टी20 क्रिकेट में कितने खतरनाक साबित हो सकते हैं।

दोनों सलामी बल्लेबाजों के बीच पहले विकेट के लिए 133 रनों की साझेदारी हुई, जो केवल 7.1 ओवर में पूरी हो गई। इस साझेदारी ने भारतीय टीम को लक्ष्य के बेहद करीब पहुंचा दिया। अभिषेक ने मैच के बाद वैभव की तारीफ करते हुए कहा कि जब कोई बल्लेबाज 190 या 200 रनों के लक्ष्य का पीछा करते समय पहली ही गेंद पर इतना आक्रामक रवैया दिखाता है, तो दूसरे छोर पर खड़े खिलाड़ी का आत्मविश्वास भी बढ़ जाता है।

अभिषेक के मुताबिक, वह नॉन-स्ट्राइकर छोर पर खड़े होकर वैभव की बल्लेबाजी देख रहे थे और उसकी आक्रामकता ने उन्हें भी उत्साहित कर दिया था।

रिकॉर्ड शुरुआत

भारत ने इस मुकाबले में बल्लेबाजी के दौरान कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए। टीम ने पावरप्ले के छह ओवर में बिना कोई विकेट गंवाए 118 रन बना दिए। पुरुष टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहले छह ओवर के दौरान किसी टीम का यह सबसे बड़ा स्कोर रहा।

भारतीय बल्लेबाजों ने केवल 2.2 ओवर में 50 रन पूरे कर लिए और पांच ओवर खत्म होने से पहले ही 100 रनों का आंकड़ा पार कर लिया। इस तरह की शुरुआत ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों की रणनीति को पूरी तरह बिगाड़ दिया। कप्तान के लिए यह तय करना मुश्किल हो गया कि गेंदबाजों को किस छोर से लगाया जाए और किस तरह की गेंदबाजी से रन रोके जाएं।

अभिषेक और वैभव ने मैदान की छोटी सीमाओं का फायदा उठाया और गेंदबाजों की गलतियों को बड़े शॉट में बदल दिया। भारतीय टीम ने अंत में 13.2 ओवर में चार विकेट खोकर 199 रन बना लिए और छह विकेट से मुकाबला जीत लिया। इस जीत के साथ भारत ने टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज भी अपने नाम कर ली।

टीम की एकता

अभिषेक शर्मा ने मैच के बाद भारतीय टीम के भीतर मौजूद निस्वार्थ भावना की भी तारीफ की। उन्होंने खास तौर पर संजू सैमसन का जिक्र किया, जिन्होंने सीरीज के शुरुआती दो मुकाबलों में पारी की शुरुआत की थी। तीसरे मुकाबले में टीम की जरूरत के अनुसार बल्लेबाजी क्रम में बदलाव किया गया।

अभिषेक के अनुसार, संजू ने जिस तरह टीम के हित को प्राथमिकता दी, उससे ड्रेसिंग रूम में मौजूद सकारात्मक माहौल का पता चलता है। क्रिकेट में अक्सर खिलाड़ियों की व्यक्तिगत उपलब्धियों और बल्लेबाजी क्रम को लेकर चर्चा होती है, लेकिन सफल टीम वही होती है, जहां खिलाड़ी अपनी भूमिका को समझते हुए टीम के फैसलों का समर्थन करते हैं।

अभिषेक ने कहा कि संजू ने अपने व्यवहार से अच्छा उदाहरण पेश किया और पूरी टीम ने एकजुट होकर अपनी जिम्मेदारी निभाई। इस तरह का माहौल युवा खिलाड़ियों के लिए भी काफी मददगार होता है, क्योंकि उन्हें यह भरोसा मिलता है कि टीम में व्यक्तिगत प्रदर्शन के साथ-साथ सामूहिक सफलता को भी महत्व दिया जाता है।

गेंदबाजों का योगदान

भले ही इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं, लेकिन अभिषेक शर्मा ने जीत का श्रेय गेंदबाजों को भी दिया। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर 198 रन बनाए थे। डेरिल मिचेल ने 52 गेंदों में नाबाद 89 रन बनाए, जबकि फिन एलन ने 40 रनों की पारी खेली।

न्यूजीलैंड की शुरुआत तेज रही थी और एक समय ऐसा लग रहा था कि टीम 200 से ज्यादा रन बना सकती है। हालांकि, भारतीय गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में वापसी करते हुए रन बनाने की रफ्तार को नियंत्रित किया। अभिषेक ने अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव और नितीश कुमार रेड्डी के योगदान की सराहना की।

उन्होंने विशेष रूप से नितीश को एक उपयोगी ऑलराउंडर बताया। अभिषेक के अनुसार, गेंदबाजों ने न्यूजीलैंड को ऐसे स्कोर तक सीमित रखा, जिसे भारतीय बल्लेबाज आक्रामक अंदाज में हासिल कर सके। इससे साफ है कि इस जीत में बल्लेबाजों की विस्फोटक पारी के साथ गेंदबाजों की मेहनत भी महत्वपूर्ण रही।

निडर क्रिकेट

वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली बात उनका निडर अंदाज है। कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुकाबले में खेलना किसी भी खिलाड़ी के लिए चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन वैभव ने अपनी बल्लेबाजी में घबराहट के बजाय आत्मविश्वास दिखाया। उन्होंने विपक्षी गेंदबाजों के नाम या अनुभव से प्रभावित हुए बिना अपने शॉट खेले।

हालांकि, निडर क्रिकेट खेलने का मतलब हर गेंद पर बड़ा शॉट लगाना नहीं होता। एक अच्छे बल्लेबाज को यह समझना पड़ता है कि कब जोखिम लेना है और कब पारी को संभालना है। वैभव ने इस मुकाबले में अपनी भूमिका के अनुसार तेजी से रन बनाए और टीम को शानदार शुरुआत दिलाई।

अभिषेक शर्मा ने भी उनकी इसी मानसिकता की तारीफ की। दोनों खिलाड़ियों की साझेदारी ने दिखाया कि जब सलामी बल्लेबाज एक-दूसरे पर भरोसा करते हैं और खुलकर खेलते हैं, तो विपक्षी टीम पर कितना दबाव बन सकता है। आने वाले समय में वैभव के लिए इस आत्मविश्वास को बनाए रखने के साथ अपने खेल में निरंतर सुधार करना भी जरूरी होगा।

आगे की उम्मीदें

न्यूजीलैंड के खिलाफ इस शानदार जीत के बाद अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी दोनों की चर्चा और तेज हो गई है। अभिषेक ने अपनी विस्फोटक पारी से एक बार फिर साबित किया कि वह भारतीय टी20 टीम के लिए कितने महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन चुके हैं।

दूसरी ओर, वैभव ने अपनी कम उम्र के बावजूद जिस तरह बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए बल्लेबाजी की, उससे उनकी क्षमता का अंदाजा लगाया जा सकता है। हालांकि, किसी भी युवा खिलाड़ी के करियर में सबसे महत्वपूर्ण बात लगातार अच्छा प्रदर्शन करना और अलग-अलग परिस्थितियों में खुद को साबित करना होती है।

वैभव के सामने भी यही चुनौती रहेगी कि वह अपने आक्रामक अंदाज के साथ खेल की बारीकियों को समझते हुए आगे बढ़ें। अभिषेक के साथ उनकी साझेदारी ने भारतीय टीम को शानदार जीत दिलाई और यह भी दिखाया कि टीम के युवा बल्लेबाज भविष्य में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। वैभव का फिल्मी संवाद से शुरू हुआ वादा मैदान पर शानदार प्रदर्शन के साथ पूरा हुआ और अब क्रिकेट प्रशंसकों को उनसे आने वाले मुकाबलों में भी ऐसे ही आत्मविश्वास भरे खेल की उम्मीद रहेगी।

Ehtesham Arif

I’m Ehtesham Arif, lead cricket analyst at Kricket Wala with over 3 years of experience in cricket journalism. I’m passionate about bringing you reliable match analysis and the latest updates from the world of cricket. My favorite team is India, and in the IPL, I support Delhi Capitals.

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