भारतीय क्रिकेट के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने सोशल मीडिया पर बढ़ती “फैन आर्मी” संस्कृति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इसे एक खतरनाक ट्रेंड बताते हुए कहा कि इससे क्रिकेट की असली भावना प्रभावित हो रही है।
आज के दौर में जहां सोशल मीडिया का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है, वहां क्रिकेट भी इससे अछूता नहीं रहा। अश्विन का मानना है कि अब खेल से ज्यादा खिलाड़ियों की व्यक्तिगत छवि पर ध्यान दिया जा रहा है।
चिंता
कोलकाता में आयोजित Revsportz Conclave में अश्विन ने कहा कि सोशल मीडिया पर सामने आने वाली कई बातें पूरी तरह स्वाभाविक नहीं लगतीं।
उन्होंने कहा कि जो बातें पहले निजी बातचीत में सुनने को मिलती थीं, वही अब अलग-अलग नामों से सोशल मीडिया पर दिखाई देती हैं। इससे यह शक पैदा होता है कि कहीं न कहीं कोई संगठित सिस्टम काम कर रहा है।
प्रभाव
अश्विन ने साफ किया कि वह खिलाड़ियों पर आरोप नहीं लगा रहे, लेकिन यह जरूर मानते हैं कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल इमेज बिल्डिंग और PR के लिए बढ़ गया है।
उनके अनुसार, आज हर खिलाड़ी एक ब्रांड बन चुका है और अपनी छवि को बेहतर दिखाने की कोशिश करना स्वाभाविक है।
लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि किसी दूसरे खिलाड़ी के खिलाफ माहौल बनाना सही नहीं है और इससे टीम भावना को नुकसान पहुंच सकता है।
संस्कृति
अश्विन ने मौजूदा क्रिकेट में बढ़ती “हीरो कल्चर” पर भी सवाल उठाए।
उनका मानना है कि पहले जहां टीम के प्रदर्शन पर ज्यादा ध्यान दिया जाता था, वहीं अब फोकस खिलाड़ियों की व्यक्तिगत लोकप्रियता पर आ गया है।
इस बदलाव की वजह से क्रिकेट की चर्चा भी अब खेल से ज्यादा सोशल मीडिया बहसों तक सीमित होती जा रही है।
उदाहरण
अश्विन ने एक उदाहरण देते हुए बताया कि जब उन्होंने शुभमन गिल के आउट होने के तकनीकी कारणों पर बात की, तो उसे गलत तरीके से समझा गया।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य सिर्फ तकनीकी विश्लेषण करना था, लेकिन लोगों ने इसे आलोचना के रूप में ले लिया।
इससे यह साफ होता है कि आजकल लोग क्रिकेट को समझने से ज्यादा खिलाड़ियों की तुलना और बहस पर ध्यान दे रहे हैं।
करियर
अश्विन ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को भी याद किया, जिसमें उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया।
उन्होंने 106 टेस्ट मैचों में 537 विकेट लिए और वह भारत के दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने।
अनिल कुंबले के बाद उनका नाम भारत के सबसे सफल स्पिनरों में लिया जाता है।
नजर
अश्विन के इस बयान ने एक अहम सवाल खड़ा किया है कि क्या सोशल मीडिया का प्रभाव अब क्रिकेट से भी बड़ा हो गया है।
आज के समय में संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। अगर ध्यान टीम और खेल से हटकर सिर्फ खिलाड़ियों की छवि पर चला जाता है, तो यह क्रिकेट की मूल भावना को कमजोर कर सकता है।
FAQs
अश्विन ने फैन आर्मी को क्या कहा?
उन्होंने इसे एक ‘बीमारी’ बताया।
अश्विन ने यह बयान कहाँ दिया?
उन्होंने कोलकाता के Revsportz Conclave में यह कहा।
अश्विन ने किस खिलाड़ी का उदाहरण दिया?
उन्होंने शुभमन गिल का उदाहरण दिया।
अश्विन ने कितने टेस्ट विकेट लिए?
उन्होंने 537 टेस्ट विकेट लिए।
अश्विन किस स्थान पर हैं विकेट के मामले में?
वह भारत के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज हैं।











