देवदत्त पडिक्कल और साई सुदर्शन ने संभाली भारत ए की पारी, राहुल और जायसवाल फिर फ्लॉप

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Padikkal

भारत ए और न्यूजीलैंड ए के बीच खेले जा रहे चार दिवसीय मुकाबले के दूसरे दिन देवदत्त पडिक्कल और साई सुदर्शन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकालने की कोशिश की।

न्यूजीलैंड ए ने पहली पारी में 317 रन बनाए थे, जबकि भारतीय टीम सिर्फ 113 रनों पर सिमट गई थी। इसके बाद न्यूजीलैंड को पहली पारी में 204 रनों की बड़ी बढ़त मिली और उसने दूसरी पारी में भी भारतीय सलामी बल्लेबाजों को जल्दी आउट करके दबाव बढ़ा दिया।

दूसरी पारी में भारत ए की शुरुआत बेहद खराब रही, लेकिन पडिक्कल और साई सुदर्शन ने जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी की। दिन का खेल समाप्त होने तक भारत ए ने दो विकेट पर 106 रन बना लिए थे। देवदत्त पडिक्कल 56 रन बनाकर नाबाद थे, जबकि साई सुदर्शन 39 रन बनाकर उनका साथ दे रहे थे।

दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 96 रनों की साझेदारी हो चुकी थी। इसके बावजूद भारतीय टीम न्यूजीलैंड ए से 98 रन पीछे थी और उसे मैच में वापसी करने के लिए अगले दिन भी इसी तरह बल्लेबाजी करनी होगी।

राहुल और जायसवाल नाकाम

इस मुकाबले में भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल पर थीं। माना जा रहा है कि दोनों खिलाड़ी नवंबर के तीसरे सप्ताह में शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज में भारत के लिए पारी की शुरुआत कर सकते हैं। ऐसे में न्यूजीलैंड ए के खिलाफ यह मुकाबला उनके लिए खुद को साबित करने का अच्छा मौका था, लेकिन दोनों बल्लेबाज एक बार फिर बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे।

यशस्वी जायसवाल ने पहली पारी में 17 रन बनाए थे, जबकि दूसरी पारी में वह सिर्फ 5 रन बनाकर आउट हो गए। वहीं, केएल राहुल पहली पारी में खाता भी नहीं खोल सके और दूसरी पारी में केवल 4 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। दोनों पारियों को मिलाकर राहुल ने सिर्फ 4 रन बनाए, जबकि जायसवाल के बल्ले से कुल 22 रन निकले। दोनों बल्लेबाजों ने पूरे मुकाबले में कुल 77 गेंदों का सामना किया, जिनमें से 45 गेंदें जायसवाल ने पहली पारी में खेली थीं।

टेस्ट सीरीज से पहले इन दोनों खिलाड़ियों का लगातार रन बनाने में नाकाम रहना भारतीय टीम के लिए चिंता का विषय हो सकता है। हालांकि, अभ्यास मुकाबलों में खराब प्रदर्शन के आधार पर किसी खिलाड़ी की क्षमता का अंतिम आकलन नहीं किया जा सकता, लेकिन टेस्ट सीरीज से पहले बल्लेबाजों के लिए लय हासिल करना बेहद जरूरी होता है। राहुल और जायसवाल को अब अगले मौके पर बेहतर प्रदर्शन करके अपनी तैयारी साबित करनी होगी।

पडिक्कल का अर्धशतक

देवदत्त पडिक्कल ने दूसरी पारी में जिस तरह बल्लेबाजी की, उससे उन्होंने अपनी प्रतिभा और धैर्य का अच्छा उदाहरण पेश किया। भारतीय टीम के शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरने के बाद उन्होंने जल्दबाजी करने के बजाय पिच पर समय बिताने को प्राथमिकता दी।

पडिक्कल ने खराब गेंदों पर रन बनाए और अच्छी गेंदों का सम्मान करते हुए अपनी पारी को आगे बढ़ाया। दिन का खेल खत्म होने तक उन्होंने 89 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 56 रन बना लिए थे।

हालांकि, उनकी पारी की शुरुआत पूरी तरह आसान नहीं रही। क्रीज पर आने के कुछ समय बाद वह क्रिस्टियन क्लार्क की गेंद पर स्लिप में कैच दे बैठे थे, लेकिन दूसरी स्लिप में मौजूद राइस मारियू इस मौके को पकड़ नहीं सके। पडिक्कल को मिले इस जीवनदान का भारतीय टीम को फायदा मिला और उन्होंने अपनी पारी को अर्धशतक तक पहुंचाया। इसके बाद उन्होंने साई सुदर्शन के साथ मिलकर टीम को मजबूत स्थिति में लाने की कोशिश की।

टेस्ट टीम में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए पडिक्कल और साई सुदर्शन के बीच प्रतिस्पर्धा की संभावना भी है। ऐसे में न्यूजीलैंड ए के खिलाफ इस तरह की पारी दोनों खिलाड़ियों के लिए अहम साबित हो सकती है। पडिक्कल ने दिखाया कि दबाव की स्थिति में भी वह विकेट बचाकर खेलने और पारी को आगे बढ़ाने की क्षमता रखते हैं।

साई सुदर्शन का धैर्य

साई सुदर्शन ने भी दूसरी पारी में बेहतरीन संयम दिखाया। भारतीय टीम के दो विकेट सिर्फ 10 रनों पर गिरने के बाद वह बल्लेबाजी करने आए और पडिक्कल के साथ मिलकर पारी को संभाला। उन्होंने न्यूजीलैंड ए के गेंदबाजों के सामने अपने विकेट की अहमियत समझते हुए बल्लेबाजी की और दिन का खेल खत्म होने तक 104 गेंदों पर नाबाद 39 रन बना लिए थे।

सुदर्शन की पारी की खास बात यह रही कि उन्होंने कोई बड़ी गलती नहीं की और गेंद को अच्छी तरह समझकर शॉट लगाए। जहां जरूरत पड़ी, वहां उन्होंने रन बनाए और मुश्किल गेंदों पर जोखिम लेने से बचते रहे। उनकी इस पारी ने भारत ए को शुरुआती झटकों से उबरने में मदद की। पडिक्कल के साथ उनकी 96 रनों की साझेदारी ने टीम की स्थिति को पहले के मुकाबले काफी बेहतर बना दिया।

सुदर्शन पहले भी घरेलू क्रिकेट और अन्य प्रतियोगिताओं में अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित कर चुके हैं। अब उनके सामने चुनौती इस प्रदर्शन को लगातार जारी रखने की है। टेस्ट टीम में जगह बनाने की दौड़ में शामिल खिलाड़ियों के लिए ऐसे मुकाबले काफी महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि यहां उन्हें लंबे समय तक क्रीज पर टिककर खेलने और अलग-अलग परिस्थितियों में बल्लेबाजी करने का अवसर मिलता है।

न्यूजीलैंड की बढ़त

इससे पहले मुकाबले के दूसरे दिन न्यूजीलैंड ए ने अपनी पहली पारी को आगे बढ़ाते हुए 317 रन बनाए। टीम ने दिन की शुरुआत तीन विकेट पर 135 रनों के स्कोर से की थी और उस समय उसके पास 22 रनों की बढ़त थी। डीन फॉक्सक्रॉफ्ट और कर्टिस हीफी ने पारी को आगे बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय गेंदबाज अंशुल कंबोज ने लगातार विकेट लेकर न्यूजीलैंड की रन गति पर रोक लगा दी।

कंबोज ने हीफी को 44 रन के निजी स्कोर पर आउट किया। इसके बाद उन्होंने मैथ्यू बॉयस को 17 रन और साइमन कीन को सिर्फ 4 रन पर पवेलियन भेज दिया। इन विकेटों के कारण न्यूजीलैंड ए का स्कोर 218 रन पर सात विकेट हो गया।

एक समय ऐसा लग रहा था कि भारतीय गेंदबाज विरोधी टीम को जल्द ही समेट देंगे, लेकिन निचले क्रम के बल्लेबाजों ने महत्वपूर्ण रन जोड़कर टीम की बढ़त को और मजबूत कर दिया।

डीन फॉक्सक्रॉफ्ट ने इस दौरान शानदार बल्लेबाजी करते हुए 51 रन बनाए। न्यूजीलैंड के लिए एक टेस्ट मैच खेल चुके फॉक्सक्रॉफ्ट ने अपना 17वां प्रथम श्रेणी अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने आठवें विकेट के लिए क्रिस्टियन क्लार्क के साथ 33 रनों की साझेदारी की। वॉशिंगटन सुंदर ने फॉक्सक्रॉफ्ट को आउट करके भारतीय टीम को राहत दिलाई, लेकिन तब तक न्यूजीलैंड ए की बढ़त 149 रनों तक पहुंच चुकी थी।

क्लार्क की आक्रामक पारी

क्रिस्टियन क्लार्क ने पारी के अंतिम हिस्से में आक्रामक बल्लेबाजी करके भारतीय गेंदबाजों की मुश्किलें बढ़ा दीं। उन्होंने अपनी पारी की पहली 33 गेंदों पर सिर्फ 9 रन बनाए थे, लेकिन इसके बाद तेजी से रन बटोरने शुरू कर दिए। क्लार्क ने अगली 34 गेंदों पर 33 रन बनाए और कई शानदार चौके लगाए। उनकी बल्लेबाजी के कारण न्यूजीलैंड ए की बढ़त लगातार बढ़ती गई।

दूसरी तरफ, औकिब नबी ने फ्रेजर शीट को आउट करके अपना तीसरा विकेट हासिल किया। इसके बावजूद क्लार्क ने जैक गिब्सन के साथ मिलकर आखिरी विकेट के लिए अहम रन जोड़े। उन्होंने आकाश दीप और अंशुल कंबोज की गेंदों पर एक-एक छक्का भी लगाया। उनकी इस पारी ने न्यूजीलैंड ए को 300 रन के पार पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आखिरकार आकाश दीप ने क्लार्क को 42 रन के स्कोर पर बोल्ड करके न्यूजीलैंड ए की पारी समाप्त की। मेजबान टीम ने 89.3 ओवर में 317 रन बनाए। भारतीय टीम ने इस पारी के दौरान 46 अतिरिक्त रन भी दिए, जो उसके लिए नुकसानदायक साबित हुए। अतिरिक्त रनों ने न्यूजीलैंड ए की बढ़त को और बड़ा कर दिया और भारत ए के सामने लक्ष्य हासिल करने से पहले मैच में बने रहने की चुनौती खड़ी कर दी।

तीसरे दिन की चुनौती

दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक भारत ए ने दूसरी पारी में दो विकेट पर 106 रन बना लिए थे, लेकिन टीम अभी भी न्यूजीलैंड ए से 98 रन पीछे थी।

देवदत्त पडिक्कल और साई सुदर्शन की साझेदारी ने भारतीय टीम को उम्मीद जरूर दी है, लेकिन मुकाबले में वापसी करने के लिए दोनों बल्लेबाजों को अगले दिन भी लंबे समय तक टिककर खेलना होगा। शुरुआती विकेट जल्दी गंवाने के बाद टीम के लिए अब सबसे जरूरी काम बिना अतिरिक्त नुकसान के स्कोर को आगे बढ़ाना होगा।

पडिक्कल और सुदर्शन के लिए यह साझेदारी सिर्फ टीम को संकट से बाहर निकालने का मौका नहीं है, बल्कि टेस्ट सीरीज से पहले अपनी दावेदारी मजबूत करने का अवसर भी है।

दोनों खिलाड़ी तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने की दौड़ में अपनी जगह बनाने के लिए अच्छा प्रदर्शन करना चाहेंगे। वहीं, राहुल और जायसवाल की नाकामी ने टीम प्रबंधन के सामने सलामी बल्लेबाजी को लेकर कुछ सवाल भी खड़े किए हैं।

फिलहाल न्यूजीलैंड ए की स्थिति मजबूत है, क्योंकि उसे पहली पारी में 204 रनों की बढ़त मिली थी। भारतीय टीम ने दूसरी पारी में अच्छी वापसी की शुरुआत जरूर की है, लेकिन मैच का रुख बदलने के लिए उसे अभी काफी मेहनत करनी होगी। अब सबकी नजरें अगले दिन पडिक्कल और सुदर्शन की बल्लेबाजी पर रहेंगी। अगर दोनों अपनी साझेदारी को बड़े स्कोर में बदलने में सफल रहते हैं, तो भारत ए मुकाबले में वापसी की उम्मीद कायम रख सकता है।

Ehtesham Arif

I’m Ehtesham Arif, lead cricket analyst at Kricket Wala with over 3 years of experience in cricket journalism. I’m passionate about bringing you reliable match analysis and the latest updates from the world of cricket. My favorite team is India, and in the IPL, I support Delhi Capitals.

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