राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ने IPL 2026 के दौरान अपनी क्रिकेट सोच, कप्तानी के नजरिए और टीम संस्कृति को लेकर विस्तार से बात की है। 2019 में 17 साल की उम्र में राजस्थान रॉयल्स से जुड़ने वाले रियान अब टीम के फुल-टाइम कप्तान की भूमिका निभा रहे हैं और उनकी सोच टीम के खेलने के तरीके में भी दिखाई देने लगी है।
रियान ने कहा कि वह क्रिकेट को स्मार्ट, आक्रामक और निडर तरीके से खेलना पसंद करते हैं। उनके अनुसार आधुनिक क्रिकेट में सिर्फ बड़े शॉट्स खेलना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि परिस्थितियों को समझकर फैसले लेना भी उतना ही जरूरी है।
सोच
रियान पराग ने कहा कि वह उसी तरह कप्तानी करना चाहते हैं जैसा वह खुद क्रिकेट को देखते हैं। उनके अनुसार टीम का लक्ष्य केवल बड़े स्कोर बनाना नहीं होना चाहिए, बल्कि मैच की परिस्थितियों के हिसाब से खेलना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
उन्होंने साफ कहा कि वह अपनी टीम को केवल 250 या 300 रन बनाने के पीछे भागने वाली बल्लेबाजी इकाई में नहीं बदलना चाहते। उनका मानना है कि हर पिच और हर मुकाबले की जरूरत अलग होती है और उसी के अनुसार रणनीति बननी चाहिए।
रियान की यह सोच IPL में बढ़ती आक्रामक बल्लेबाजी प्रवृत्ति के बीच संतुलित क्रिकेट की ओर इशारा करती है। वह चाहते हैं कि टीम आक्रामक जरूर खेले, लेकिन बिना स्थिति को नजरअंदाज किए।
रणनीति
राजस्थान रॉयल्स की बल्लेबाजी रणनीति पर बात करते हुए रियान ने टीम के अलग-अलग खिलाड़ियों की भूमिकाओं को भी समझाया। उन्होंने कहा कि वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल जैसे बल्लेबाज शुरुआत में तेज रन बनाने की भूमिका निभाते हैं, जबकि ध्रुव जुरेल पारी को स्थिरता देने का काम करते हैं।
रियान खुद नंबर चार पर बल्लेबाजी करते हुए पारी को नियंत्रित करने और जरूरत के हिसाब से खेल को आगे बढ़ाने की कोशिश करते हैं। उनके अनुसार बल्लेबाजी क्रम में हर खिलाड़ी की अलग जिम्मेदारी होती है और टीम का संतुलन इसी से बनता है।
वैभव पर भरोसा
रियान पराग ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी वैभव को अपनी प्राकृतिक शैली बदलने के लिए नहीं कहा।
उनका मानना है कि युवा खिलाड़ियों को उनकी ताकत के हिसाब से खेलने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। अगर किसी खिलाड़ी की प्राकृतिक शैली आक्रामक है, तो उसे उसी आत्मविश्वास के साथ खेलने देना जरूरी है। रियान के अनुसार कप्तान का काम खिलाड़ियों पर अनावश्यक दबाव डालना नहीं, बल्कि उन्हें सही माहौल देना होता है।
फिटनेस
रियान ने अपनी फिटनेस को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि वह CrossFit ट्रेनिंग के बड़े समर्थक हैं क्योंकि इसमें explosiveness और endurance दोनों पर काम होता है।
उनके अनुसार आधुनिक क्रिकेट में फिटनेस सिर्फ ताकत बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि रिकवरी और शरीर को लंबे समय तक ताजा बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। लगातार क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों के लिए यह पहलू काफी महत्वपूर्ण हो गया है।
सीख
रियान ने अपने शुरुआती IPL दिनों को याद करते हुए कहा कि उस समय उनकी lifestyle आदतें उतनी अनुशासित नहीं थीं। उन्होंने स्वीकार किया कि देर रात तक गेमिंग करना और सही नींद न लेना उनके शरीर पर असर डालता था।
समय के साथ उन्हें समझ आया कि पेशेवर क्रिकेट में रिकवरी और नींद की कितनी अहम भूमिका होती है। अब वह अपने शरीर और मानसिक तैयारी दोनों पर अधिक ध्यान देते हैं।
लीडरशिप
रियान ने बताया कि उन्हें पहली बार 2024 में संजू सैमसन ने टीम के लीडरशिप ग्रुप का हिस्सा बनाया था। वहीं से उन्होंने कप्तानी और रणनीति के अलग पहलुओं को समझना शुरू किया।
उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे उन्होंने गेंदबाजों की योजना, बल्लेबाजों की कमजोरियों और मैच के दौरान फैसले लेने की प्रक्रिया को करीब से समझा। यह अनुभव अब कप्तानी में उनके काम आ रहा है।
दबाव
रियान ने कप्तान के रूप में अपने शुरुआती अनुभवों का भी जिक्र किया। उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ अपने पहले मुकाबले को याद करते हुए कहा कि उस मैच में विरोधी टीम ने 286 रन बना दिए थे।
उनके अनुसार उस दिन उन्हें लगा कि वह सही फैसले ले रहे हैं, लेकिन फिर भी चीजें उम्मीद के मुताबिक नहीं हुईं। उसी मैच से उन्हें यह सीख मिली कि क्रिकेट में सही रणनीति हमेशा तुरंत सफलता की गारंटी नहीं देती।
प्रबंधन
रियान ने कहा कि कप्तानी का सबसे मुश्किल हिस्सा टीम मैनेजमेंट होता है। उनके अनुसार हर खिलाड़ी की सोच और व्यक्तित्व अलग होता है, इसलिए कप्तान को हर किसी से अलग तरीके से बात करनी पड़ती है।
उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी को बाहर बैठाने की जानकारी देना आसान नहीं होता। ऐसे फैसलों में कप्तान को संवेदनशील और स्पष्ट दोनों रहना पड़ता है।
भविष्य
रियान पराग की बातों से साफ है कि वह राजस्थान रॉयल्स के साथ लंबी कप्तानी यात्रा के लिए खुद को तैयार कर चुके हैं। उनकी सोच सिर्फ आक्रामक क्रिकेट तक सीमित नहीं है, बल्कि टीम के भीतर भरोसा, स्पष्ट संवाद और संतुलन बनाने पर भी केंद्रित है।
वह ऐसी टीम बनाना चाहते हैं जो परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल सके और लंबे समय तक प्रतिस्पर्धी बनी रहे। राजस्थान रॉयल्स के लिए आने वाले वर्षों में रियान की नेतृत्व शैली टीम की पहचान तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
FAQs
रियान पराग IPL में कब जुड़े थे?
वह 2019 में राजस्थान रॉयल्स से जुड़े थे।
रियान पराग किस तरह की क्रिकेट खेलना चाहते हैं?
स्मार्ट, आक्रामक और निडर क्रिकेट।
रियान किस फिटनेस ट्रेनिंग को पसंद करते हैं?
उन्हें CrossFit पसंद है।
रियान ने किस टीम की शैली का जिक्र किया?
उन्होंने SRH की बल्लेबाजी शैली का जिक्र किया।
रियान के नेतृत्व समूह में कौन शामिल हैं?
ध्रुव जुरेल, जायसवाल, जडेजा और हेटमायर।











