पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI से खिलाड़ियों की भलाई को लेकर एक व्यावहारिक सुझाव दिया है। उनका कहना है कि सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाले खिलाड़ियों को हर साल कम से कम एक महीने का ऐसा ब्रेक मिलना चाहिए, जिसमें वे किसी भी तरह की क्रिकेट गतिविधि से पूरी तरह दूर रहें। यह टिप्पणी ऐसे समय पर आई है, जब भारतीय क्रिकेट का कैलेंडर पहले से कहीं अधिक व्यस्त नजर आ रहा है।
समय
गावस्कर की यह राय IPL 2026 के समापन के तुरंत बाद और अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की 3-0 से ODI सीरीज जीत के बाद सामने आई। मौजूदा दौर में टीम इंडिया लगभग पूरे साल क्रिकेट खेलती रहती है। घरेलू लीग, द्विपक्षीय सीरीज, ICC टूर्नामेंट और विदेशी दौरों के कारण खिलाड़ियों को लगातार यात्रा और मैचों का सामना करना पड़ता है, जिससे उनके लिए रिकवरी का समय सीमित हो जाता है।
चिंता
गावस्कर का मानना है कि इस लगातार क्रिकेट का सीधा असर खिलाड़ियों की शारीरिक फिटनेस और मानसिक संतुलन पर पड़ता है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि लंबे समय तक उच्च स्तर का प्रदर्शन बनाए रखने के लिए खिलाड़ियों को समय-समय पर पूरी तरह से आराम देना जरूरी है। उनका तर्क है कि अगर खिलाड़ियों को केवल छोटे ब्रेक मिलते रहेंगे, तो थकान धीरे-धीरे जमा होती जाएगी, जिसका असर भविष्य में टीम के प्रदर्शन पर भी दिख सकता है।
संदर्भ
अपने लेख में गावस्कर ने यह भी स्वीकार किया कि BCCI ने अफगानिस्तान, जिम्बाब्वे और श्रीलंका जैसे देशों की क्रिकेट को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। भारत के इन देशों के खिलाफ खेलने से न केवल वहां क्रिकेट को मजबूती मिली है, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति को भी सहारा मिला है। हालांकि, उनके अनुसार यह सहयोग भारतीय खिलाड़ियों की सेहत से समझौता किए बिना होना चाहिए।
दृष्टिकोण
गावस्कर ने “वर्कलोड मैनेजमेंट” के तहत सीनियर खिलाड़ियों को बार-बार आराम दिए जाने की मौजूदा प्रवृत्ति पर भी संतुलित टिप्पणी की। उनका कहना है कि जब भारत कोई अंतरराष्ट्रीय मैच खेले, तो उपलब्ध सबसे मजबूत टीम मैदान पर उतरनी चाहिए, जब तक कि किसी खिलाड़ी को चोट या मेडिकल कारणों से आराम की जरूरत न हो। उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ हालिया टेस्ट मैच का उदाहरण दिया, जिसमें शुभमन गिल और KL राहुल ने शतक लगाए, जबकि जसप्रीत बुमराह को आराम दिया गया था।
उदाहरण
गावस्कर के अनुसार, बुमराह जैसे अनुभवी खिलाड़ी शायद किसी भी विरोधी टीम के खिलाफ प्रदर्शन करना चाहते होंगे, क्योंकि हर मैच खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का अवसर होता है। उनका मानना है कि केवल वर्कलोड के आधार पर चयन से बचना चाहिए और फैसले खिलाड़ियों की समग्र स्थिति को ध्यान में रखकर लिए जाने चाहिए।
संतुलन
युवा खिलाड़ियों को लेकर गावस्कर का रुख भी स्पष्ट है। वे नए और उभरते खिलाड़ियों को मौके देने के पक्ष में हैं और मानते हैं कि India A और अंडर-19 स्तर पर उन्हें पर्याप्त मैच खेलने चाहिए। साथ ही, उनका सुझाव है कि इसी अवधि में सीनियर खिलाड़ियों को पूरी तरह से आराम दिया जाए, ताकि वे अगले चरण के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार होकर लौट सकें।
योजना
भविष्य की योजना पर बात करते हुए गावस्कर ने कहा कि मौजूदा साल के शेड्यूल में बदलाव करना व्यावहारिक नहीं है, लेकिन आने वाले वर्षों के लिए बेहतर संतुलन बनाया जा सकता है। अगर अगले सीजन में IPL अपेक्षाकृत जल्दी समाप्त होता है, तो उसके बाद खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के लिए एक महीने का अंतराल जोड़ा जा सकता है, जिससे सभी को सांस लेने का समय मिल सके।
आगे
भारत का अगला अंतरराष्ट्रीय असाइनमेंट आयरलैंड के खिलाफ बेलफास्ट में दो T20I मैचों की सीरीज है। इसके बाद टीम इंग्लैंड दौरे पर जाएगी, जहां 1 जुलाई से पांच T20I और तीन ODI मैच खेले जाएंगे। यह व्यस्त कार्यक्रम एक बार फिर खिलाड़ियों के वर्कलोड के मुद्दे को चर्चा में लाने वाला है।
कुल मिलाकर, सुनील गावस्कर की यह अपील भारतीय क्रिकेट के दीर्घकालिक हितों से जुड़ी हुई है। उनका जोर इस बात पर है कि बेहतर योजना और संतुलित शेड्यूल के जरिए खिलाड़ियों को पर्याप्त आराम दिया जाए, ताकि वे लंबे समय तक निरंतर और प्रभावी प्रदर्शन कर सकें। अब यह देखना BCCI पर निर्भर करेगा कि वह भविष्य की प्लानिंग में इस सुझाव को किस तरह शामिल करता है।
FAQs
सुनील गावस्कर ने BCCI से क्या मांग की है?
खिलाड़ियों को साल में एक महीने का पूरा आराम देने की।
गावस्कर ने किस प्रथा पर सवाल उठाया?
वर्कलोड मैनेजमेंट के नाम पर सीनियर खिलाड़ियों को आराम देने पर।
गावस्कर ने किस खिलाड़ी का उदाहरण दिया?
जसप्रीत बुमराह का, जिन्हें अफगानिस्तान टेस्ट में आराम दिया गया।
क्या गावस्कर युवा खिलाड़ियों के खिलाफ हैं?
नहीं, वह India A और U-19 क्रिकेट का समर्थन करते हैं।
भारत की अगली सीरीज किसके खिलाफ है?
भारत आयरलैंड के खिलाफ T20I सीरीज खेलेगा।











