भारतीय क्रिकेट टीम के सपोर्ट स्टाफ में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्य कोच गौतम गंभीर के नेतृत्व वाले कोचिंग सेटअप का कम से कम एक प्रमुख सदस्य अपनी जिम्मेदारी छोड़ सकता है। हालांकि, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह संभावित बदलाव हालिया प्रदर्शन से ज्यादा पिछले कुछ महीनों से चल रही अंदरूनी परिस्थितियों से जुड़ा हो सकता है।
बदलाव
रिपोर्ट्स के अनुसार, टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ का एक वरिष्ठ सदस्य अपने भविष्य को लेकर गंभीरता से विचार कर रहा है। यह भी दावा किया गया है कि संबंधित कोच ने एक ऐसी आईपीएल फ्रेंचाइजी से बातचीत की है, जिसकी वैश्विक स्तर पर कई टीमें हैं। फिलहाल यह साफ नहीं है कि अगर बदलाव होता है तो उसकी वजह व्यक्तिगत कारण होंगे, नई जिम्मेदारी होगी या दोनों का मिश्रण। आधिकारिक घोषणा होने तक इन खबरों को केवल रिपोर्ट्स के तौर पर ही देखा जा रहा है।
कोचिंग
गौतम गंभीर ने जुलाई 2024 में श्रीलंका के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज से भारतीय टीम के मुख्य कोच का कार्यभार संभाला था। उनके आने के बाद सपोर्ट स्टाफ में भी कई बदलाव किए गए। मौजूदा सेटअप में मोर्ने मोर्कल गेंदबाजी कोच, सितांशु कोटक बल्लेबाजी कोच, टी दिलीप फील्डिंग कोच और साईराज बहुतुले स्पिन गेंदबाजी कोच की भूमिका निभा रहे हैं। इस टीम को लंबे समय की योजना के तहत तैयार किया गया था।
अनुबंध
रिपोर्ट्स के मुताबिक सपोर्ट स्टाफ के सदस्यों ने 2+1 वर्ष के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। इसका मतलब है कि शुरुआती दो साल पूरे होने के बाद दोनों पक्षों की सहमति से अनुबंध को एक वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है। इसी वजह से अब कुछ कोचों के भविष्य को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है, हालांकि बोर्ड की ओर से किसी भी बदलाव की पुष्टि नहीं की गई है।
चर्चा
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में हार के बाद ड्रेसिंग रूम का माहौल पहले जैसा नहीं रहा। साथ ही चयनकर्ताओं और कोचिंग स्टाफ के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेद होने की भी बातें सामने आई हैं। हालांकि इन सभी दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही BCCI या टीम प्रबंधन ने इस पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी की है।
भूमिका
स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले को शुरुआत में अस्थायी विकल्प माना जा रहा था, लेकिन अब रिपोर्ट्स के अनुसार वह टीम की दीर्घकालिक योजना का हिस्सा बन सकते हैं। इससे पहले श्रीलंका दौरे पर भी उन्होंने अंतरिम गेंदबाजी कोच की जिम्मेदारी संभाली थी, जब मोर्ने मोर्कल निजी कारणों से टीम के साथ नहीं जुड़ पाए थे। उनके काम की सराहना भी की गई थी।
जिम्बाब्वे
रिपोर्ट्स में यह सवाल भी उठाया गया है कि जिम्बाब्वे दौरे पर गौतम गंभीर के नियमित सपोर्ट स्टाफ के बजाय वीवीएस लक्ष्मण और राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) के कोचिंग स्टाफ को जिम्मेदारी क्यों सौंपी गई। कुछ सूत्र इसे भविष्य की रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं, लेकिन इस संबंध में भी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
BCCI
BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा है कि बोर्ड इंग्लैंड दौरे के बाद टीम के प्रदर्शन की समीक्षा करेगा। उनके मुताबिक समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से टीम के प्रदर्शन और उसमें सुधार के उपायों पर चर्चा होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी अन्य मुद्दे पर विचार करने की योजना नहीं है।
आगे
यदि मीडिया रिपोर्ट्स सही साबित होती हैं, तो श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया का सपोर्ट स्टाफ नए स्वरूप में दिखाई दे सकता है। हालांकि अंतिम फैसला BCCI और संबंधित कोचों के बीच बातचीत के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल सभी की नजरें बोर्ड की अगली समीक्षा बैठक और आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं।
टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ में संभावित बदलाव की खबरों ने क्रिकेट जगत में चर्चा जरूर तेज कर दी है, लेकिन अभी तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले BCCI के आधिकारिक बयान का इंतजार करना जरूरी होगा। आने वाले दिनों में बोर्ड के फैसले भारतीय टीम के कोचिंग सेटअप और भविष्य की रणनीति की दिशा तय कर सकते हैं।










