विजय शंकर ने घरेलू क्रिकेट और IPL से लिया संन्यास, लंबे करियर को कहा अलविदा

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Vijay Shankar

भारतीय क्रिकेट के अनुभवी ऑलराउंडर विजय शंकर ने घरेलू क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। 35 वर्षीय खिलाड़ी ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए अपने लंबे क्रिकेट सफर को याद किया और इस खेल के प्रति आभार व्यक्त किया। विजय शंकर ने अपने करियर में घरेलू क्रिकेट, IPL और भारतीय टीम के लिए कई महत्वपूर्ण योगदान दिए।

हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका सफर अपेक्षाकृत छोटा रहा, लेकिन उन्होंने भारतीय क्रिकेट में एक उपयोगी ऑलराउंडर के रूप में अपनी पहचान बनाई। अपने करियर के दौरान उन्हें कई चुनौतियों और आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा, लेकिन उन्होंने लगातार खेलना जारी रखा और घरेलू क्रिकेट में निरंतर प्रदर्शन किया।

घोषणा

विजय शंकर ने अपने रिटायरमेंट संदेश में लिखा कि क्रिकेट उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। उन्होंने बताया कि उन्होंने 10 वर्ष की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया था और करीब 25 वर्षों तक इस खेल से जुड़े रहने का अवसर मिला।

उन्होंने कहा कि भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके जीवन के सबसे गर्वपूर्ण क्षणों में शामिल रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने अपने परिवार, कोच, टीम साथियों और प्रशंसकों का भी धन्यवाद किया जिन्होंने उनके पूरे करियर में उनका समर्थन किया।

हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि घरेलू क्रिकेट और IPL से दूर होने के बाद वह अन्य क्रिकेट लीग्स और नए अवसरों पर ध्यान दे सकते हैं।

घरेलू सफर

विजय शंकर तमिलनाडु की मजबूत घरेलू क्रिकेट प्रणाली से निकलकर भारतीय क्रिकेट तक पहुंचे। उन्होंने 2012 में तमिलनाडु के लिए घरेलू क्रिकेट में पदार्पण किया और अगले कई वर्षों तक टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल रहे।

उन्होंने घरेलू क्रिकेट में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में योगदान दिया। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उन्होंने 77 मैच खेले और 4253 रन बनाए, जबकि गेंदबाजी में 43 विकेट हासिल किए। इसके अलावा उन्होंने लिस्ट ए और T20 क्रिकेट में भी लगातार प्रदर्शन किया।

अपने करियर के अंतिम चरण में उन्होंने 2025-26 सीजन में त्रिपुरा का भी प्रतिनिधित्व किया। घरेलू क्रिकेट में उनकी उपयोगिता एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में रही जो मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने के साथ जरूरत पड़ने पर गेंदबाजी भी कर सकता था।

भारत के लिए सफर

विजय शंकर ने 2018-19 के दौरान भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला। उन्होंने भारत के लिए 12 वनडे और 9 T20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। उस समय उन्हें सीमित ओवरों के क्रिकेट में एक उपयोगी ऑलराउंड विकल्प के रूप में देखा जा रहा था।

वह 2019 वनडे विश्व कप टीम का भी हिस्सा थे। विश्व कप के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ मैच में उन्होंने चोटिल भुवनेश्वर कुमार की जगह गेंदबाजी की थी और अपनी पहली ही गेंद पर इमाम-उल-हक का विकेट हासिल किया था। विजय शंकर ने बाद में इस पल को अपने करियर के सबसे खास क्षणों में से एक बताया।

हालांकि चोटों और लगातार प्रतिस्पर्धा के कारण वह लंबे समय तक भारतीय टीम में अपनी जगह स्थायी नहीं बना सके।

IPL करियर

इंडियन प्रीमियर लीग में विजय शंकर ने कई फ्रेंचाइजी के लिए खेला। उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स, सनराइजर्स हैदराबाद, दिल्ली कैपिटल्स और गुजरात टाइटंस का प्रतिनिधित्व किया।

IPL में उनका करियर एक भरोसेमंद भारतीय ऑलराउंडर के रूप में देखा गया। उन्होंने कुल 1233 रन बनाए और कई मौकों पर टीम के लिए उपयोगी पारियां खेलीं। उनका सबसे प्रभावशाली सीजन 2023 में आया, जब उन्होंने 160 से अधिक स्ट्राइक रेट के साथ 301 रन बनाए।

वह 2022 में गुजरात टाइटंस की खिताबी टीम का हिस्सा भी रहे। उस सीजन में टीम संयोजन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी गई थी क्योंकि वह बल्लेबाजी के साथ अतिरिक्त गेंदबाजी विकल्प भी प्रदान करते थे।

विवाद और आलोचना

विजय शंकर का करियर केवल प्रदर्शन के कारण ही नहीं बल्कि एक विशेष विवाद के कारण भी चर्चा में रहा। 2019 विश्व कप चयन के दौरान तत्कालीन चयनकर्ताओं ने उन्हें “3D प्लेयर” कहा था, जिसका मतलब था कि वह बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों में योगदान दे सकते हैं।

इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें काफी आलोचना और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने चयन को लेकर सवाल उठाए और यह शब्द लंबे समय तक उनके साथ जुड़ा रहा।

अपने रिटायरमेंट संदेश में विजय शंकर ने इस विषय का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अपने करियर में काफी नकारात्मकता देखी, लेकिन समय के साथ उन्होंने उसे नजरअंदाज करना और आगे बढ़ना सीख लिया। उनके अनुसार किसी भी खिलाड़ी के लिए मानसिक मजबूती उतनी ही जरूरी होती है जितनी तकनीकी तैयारी।

प्रेरणा

विजय शंकर ने अपने संदेश में युवा खिलाड़ियों और प्रशंसकों को सकारात्मक रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आलोचना हर खिलाड़ी के करियर का हिस्सा होती है, लेकिन जरूरी यह है कि व्यक्ति अपने लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखे।

उन्होंने लिखा कि अगर वह नकारात्मक माहौल के बावजूद आगे बढ़ सकते हैं, तो कोई भी व्यक्ति अपने संघर्षों से निकल सकता है। उनके इस संदेश को केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे जीवन के व्यापक अनुभव से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

विदाई

अपने रिटायरमेंट संदेश के अंत में विजय शंकर ने उसी पहचान को अपनाया जिससे उनका नाम सबसे ज्यादा जुड़ा रहा। उन्होंने खुद को “आपका 3D क्रिकेटर” लिखते हुए विदाई दी। यह संकेत था कि उन्होंने अपने करियर से जुड़े विवादों और आलोचनाओं को अंततः अपनी पहचान का हिस्सा स्वीकार कर लिया।

यह अंदाज उनके शांत स्वभाव और सकारात्मक सोच को भी दर्शाता है। अपने पूरे करियर में वह सार्वजनिक विवादों से दूर रहे और लगातार खेल पर ध्यान केंद्रित करते रहे।

विरासत

विजय शंकर का करियर भले ही लंबे अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड या बड़े आंकड़ों के लिए याद न किया जाए, लेकिन घरेलू क्रिकेट और IPL में उनकी निरंतरता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने भारतीय क्रिकेट में एक ऐसे खिलाड़ी की भूमिका निभाई जो टीम की जरूरत के अनुसार खुद को ढाल सकता था।

उनकी कहानी संघर्ष, धैर्य और पेशेवर रवैये का उदाहरण मानी जा सकती है। घरेलू क्रिकेट में लंबे समय तक लगातार प्रदर्शन करना और आलोचनाओं के बावजूद शांत रहना उनकी सबसे बड़ी पहचान रही।

अब घरेलू क्रिकेट और IPL से संन्यास लेने के बाद विजय शंकर के करियर को एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में याद किया जाएगा जिसने हर परिस्थिति में अपने खेल और मेहनत पर भरोसा बनाए रखा।

FAQs

विजय शंकर ने किस क्रिकेट से संन्यास लिया?

उन्होंने घरेलू क्रिकेट और IPL से संन्यास लिया।

विजय शंकर को किस नाम से जाना जाता था?

उन्हें 3D क्रिकेटर कहा जाता था।

विजय शंकर ने भारत के लिए कितने वनडे खेले?

विजय शंकर किस वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा थे?

वह 2019 वनडे वर्ल्ड कप टीम में थे।

विजय शंकर ने IPL में कितने रन बनाए?

उन्होंने IPL में 1233 रन बनाए।

Ehtesham Arif

I’m Ehtesham Arif, lead cricket analyst at Kricket Wala with over 3 years of experience in cricket journalism. I’m passionate about bringing you reliable match analysis and the latest updates from the world of cricket. My favorite team is India, and in the IPL, I support Delhi Capitals.

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